भारत और वेस्टइंडीज (IND vs WI) के बीच तीन वनडे मैचों की सीरीज खेली जानी है। इसके बाद दोनों टीमें 5 T20 मैचों की सीरीज खेलने मैदान पर उतरेंगी। यह वनडे सीरीज 27 सितंबर 2026 से शुरू होगी। वहीं, इस सीरीज का दूसरा मुकाबला 30 सितंबर को होगा और आखिरी मैच 3 अक्टूबर को खेला जाएगा। जबकि टी20 मैच 6 अक्टूबर से 17 अक्टूबर के बीच खेले जाएंगे। इस मौके पर आज हम आपको इंडिया बनाम वेस्टइंडीज साल 1976 में खेले गए एक मैच का किस्सा सुनाने जा रहे हैं, जिसमें वेस्टइंडीज के तेज गेंदबाजों ने भारतीय टीम के 5 खिलाड़ियों को अस्पताल भेज दिया था। आइए जानें पूरा मामला।
साल 1976 के दौरान, वेस्टइंडीज के तेज गेंदबाजों ने क्रिकेट में अपना दबदबा बना रखा था। मानो दिग्गज खिलाड़ियों के मन में भी खौफ रहता था, लेकिन भारतीय क्रिकेट टीम ने वेस्टइंडीज के तेज गेंदबाजों को कड़ी टक्कर दी। पहला टेस्ट मैच वेस्टइंडीज ने पारी और 97 रन से अपने नाम किया। वहीं दूसरे टेस्ट मैच में भारत ने वेस्टइंडीज को पहली पारी में 241 रन पर रोककर 5 विकेट पर 402 रन बनाए। वेस्टइंडीज जैसे-तैसे इस मैच को ड्रॉ कराने में कामयाब रही। तीसरे टेस्ट मुकाबले में सुनील गावस्कर और गुंडप्पा विश्वनाथ की शतकीय पारियों की बदौलत भारत ने 403 रनों का बड़ा लक्ष्य हासिल किया। इसके साथ ही भारतीय टीम ने यह मैच में 6 विकेट से ऐतिहासिक जीत दर्ज की और सीरीज में 1-1 की बराबरी हासिल कर ली।
21 अप्रैल 1976 को 4 मैचों की टेस्ट सीरीज का फैसला इस चौथे टेस्ट मैच में होना था। वेस्टइंडीज ने टॉस जीतकर गेंदबाजी चुनी और भारतीय टीम ने पहले बल्लेबाजी करते हुए शानदार शुरुआत की। सुनील गावस्कर और अंशुमन गायकवाड़ ने पहले विकेट के लिए 136 रन बनाए और दिन का खेल खत्म होने तक भारत ने 1 विकेट पर 175 रन जोड़े। पहले दिन की अच्छी शुरुआत के साथ भारतीय टीम ने 205 रन बनाए और 1 विकेट गंवाया।
इसके बाद वेस्टइंडीज के कप्तान क्लाइव लॉयड (Clive Lloyd) की टीम ने फास्ट लेग थ्योरी बॉलिंग की खतरनाक योजना बनाई, और वेस्टइंडीज के तेज गेंदबाजों ने भारतीय बल्लेबाजों को चोटिल करना शुरू कर दिया।
(IND vs WI) वेस्टइंडीज टीम की खतरनाक योजना के कारण भारतीय बल्लेबाज चोटिल होकर अस्पताल पहुंचे। भारतीय बल्लेबाजों के खिलाफ खतरनाक बॉडीलाइन गेंदबाजी की वजह से अंशुमन गायकवाड़ (81 रन) के कान पर गेंद लगी, जिससे वे दो दिन तक अस्पताल में रहे। फिर बृजेश पटेल (14 रन) के चेहरे पर गेंद लगने के कारण टांके लगे। गुंडप्पा विश्वनाथ (8 रन) भी बल्लेबाजी के दौरान चोटिल होकर अस्पताल पहुंचे।
एक के बाद एक टीम इंडिया के खिलाड़ियों को जख्मी होते देख कप्तान बिशन सिंह बेदी ने खिलाड़ियों को बचाने के लिए पहली पारी 306 रन पर ही घोषित कर दी।
वहीं पहली पारी में वेस्टइंडीज ने 391 रन बनाकर 85 रनों की बढ़त ली। इसी दौरान फील्डिंग करते हुए कप्तान बिशन सिंह बेदी और भागवत चंद्रशेखर भी चोटिल हो गए।
दूसरी पारी में चूंकि भारत के 5 खिलाड़ी (गायकवाड़, पटेल, विश्वनाथ, बेदी और चंद्रशेखर) चोटिल थे, इस वजह से उन्हें 'ऐब्सेंट हर्ट/आउट' मान लिया गया और भारतीय टीम दूसरी पारी में केवल 97 रन बनाकर ऑलआउट हो गई। (IND vs WI) वेस्टइंडीज को केवल 13 रनों का लक्ष्य मिला और टीम ने यह स्कोर 1.5 ओवर में ही हासिल कर लिया। इसके साथ ही वेस्टइंडीज ने यह मुकाबला 10 विकेट से जीतकर सीरीज 2-1 से अपने नाम कर ली।(VR/MK)
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