भारत का पहला क्रिकेटर कौन था? ये अपने आप में भी एक बहुत बड़ा सवाल है क्योंकि जिस क्रिकेटर की हम बात कर रहे हैं, वो था तो भारतीय लेकिन इंडियन होने के बावजूद वो इंग्लैंड की टीम की तरफ से खेलता था। X
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भारत का पहला क्रिकेटर, जो इंग्लैंड की तरफ से खेलता था मैच, करियर में जड़े मात्र 989 रन

भारत में जब भी आप क्रिकेट की बात करेंगे, तो इसपर चर्चा करने वाले आपको बहुत मिल जाएंगे। भारत में दो चीजें काफी मशहूर हैं, पहली पॉलिटिक्स और दूसरी क्रिकेट।

Author : Mayank Kumar
Reviewed By : Ritik Singh

  • भारत के पहले अंतरराष्ट्रीय स्तर पर खेलने वाले भारतीय मूल के क्रिकेटर रणजीत सिंह थे, जिन्होंने 1896 में इंग्लैंड की टेस्ट टीम से डेब्यू किया।

  • गुजरात के काठियावाड़ के राजघराने में जन्मे रणजीत सिंह इंग्लैंड में पढ़ाई के दौरान क्रिकेट से जुड़े और अपनी अनोखी बल्लेबाज़ी शैली (लेग ग्लांस) के लिए प्रसिद्ध हुए।

  • भारत की राष्ट्रीय टीम अस्तित्व में न होने के कारण वे भारत के लिए नहीं खेल सके; बाद में उनके सम्मान में 1935 में शुरू घरेलू टूर्नामेंट का नाम रणजी ट्रॉफी रखा गया।

भारत में जब भी आप क्रिकेट की बात करेंगे, तो इसपर चर्चा करने वाले आपको बहुत मिल जाएंगे। भारत में दो चीजें काफी मशहूर हैं, पहली पॉलिटिक्स और दूसरी क्रिकेट। देश का कोई भी चौक चौराहा हो या चाय की टपरी हो, वहां आपको इन दो विषयों के ज्ञानी मिल ही जाएंगे। साल 1983 में कपिल देव ने वर्ल्ड कप जिताकर देश के भीतर क्रिकेट के प्रति जो जूनून पैदा किया, उसका असर आज भी दिखता है।

सचिन तेंदुलकर, विराट कोहली और एमएस धोनी जैसे दिग्गज क्रिकेटर कपिल देव के दौर को देखकर ही इस खेल के प्रति जुनूनी बने। हालांकि, भारत में क्रिकेट का क्रेज तो बहुत है, लेकिन लोग इस बात से जरूर अनजान होंगे कि भारत का पहला क्रिकेटर कौन था? अगर आप सच में नहीं जानते हैं, तो चलिए आज हम आपको बताते हैं।

कौन था भारत का पहला क्रिकेटर?

भारत का पहला क्रिकेटर कौन था? ये अपने आप में भी एक बहुत बड़ा सवाल है क्योंकि जिस क्रिकेटर की हम बात कर रहे हैं, वो था तो भारतीय लेकिन इंडियन होने के बावजूद वो इंग्लैंड की टीम की तरफ से खेलता था। जिस खिलाड़ी की हम बात कर रहे हैं, वो कोई और नहीं बल्कि कुमार श्री रणजीत सिंहजी (Ranjit Singh) थे।

उनका जन्म भारत के एक राजघराने में हुआ था। 19वीं सदी के आखिरी दौर में जब भारत में क्रिकेट फल-फूल रहा था, तब रणजीत सिंह इंग्लैंड की टेस्ट टीम का हिस्सा बने थे। वो भारतीय मूल के पहले ऐसे क्रिकेटर रहे, जिन्होंने इंग्लैंड के लिए टेस्ट क्रिकेट खेला।

कैसे हुई क्रिकेट करियर की शुरुआत?

10 सितंबर 1872 को गुजरात के काठियावाड़ के एक राजघराने में किलकारी गूंजती है। घर वालों ने नाम रखा रणजीत सिंह (Ranjit Singh)। रणजीत राजघराने वाले परिवार से ताल्लुकात रखते थे, तो ऐसे में परिवार के पास उस दौर में पैसे की कोई कमी नहीं थी। ऐसे में उन्हें बेहतर शिक्षा के लिए इंग्लैंड भेजा गया। वही जाकर उनके भीतर क्रिकेट प्रेम जागा क्योंकि क्रिकेट के खेल की शुरुआत इंग्लैंड में ही हुई थी। उन्हें यह खेल इतना भाया कि रणजीत सिंह ने इंग्लैंड से क्रिकेट खेलने का फैसला किया। उनकी बल्लेबाजी के कायल अंग्रेजी फैंस भी हो गए थे।

साल 1896 में उन्होंने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ इंग्लैंड की टीम से डेब्यू किया। 16 जुलाई को शुरू हुए इस मैच की पहली ही पारी में उन्होंने 62 जबकि दूसरी पारी में नाबाद 154 रन बनाए। उनके मैच में बनाए गए 216 रन, इंग्लैंड के किसी खिलाड़ी के लिए घरेलू टेस्ट में डेब्यू करने का रिकॉर्ड है। उन्हें "इंडियन क्रिकेट का पिता" माना जाता है, जो इंग्लैंड क्रिकेट टीम और ससेक्स के लिए खेलते थे।

उन्हें लेग ग्लांस को इन्वेंट करने या पॉपुलर बनाने का क्रेडिट दिया जाता है, जो उस समय एक अलग तरह का शॉट था। वह एक ही सीज़न (1899) में 3,000 से ज़्यादा फर्स्ट-क्लास रन बनाने वाले पहले बैट्समैन थे। अपने पूरे करियर में उन्होंने इंग्लैंड के लिए 15 टेस्ट मैच खेले 989 रन बनाने के साथ 2 शतक भी जमाए, जिसमें 6 अर्धशतक भी शामिल हैं।

भारत के लिए क्यों नहीं खेल पाए मैच?

ये सवाल वाजिब है कि रणजीत सिंह (Ranjit Singh) क्यों भारत के लिए एक भी मैच नहीं खेल पाएं, तो आपको बता दें कि जिस दौर में उन्होंने क्रिकेट खेलना शुरू किया था, उस समय भारत पर अंग्रेजी हुकूमत का शासन था। भारतीय क्रिकेट टीम राष्ट्रीय स्तर पर अस्तित्व में ही नहीं थी। इसलिए रणजीत सिंह भारत से मैच नहीं खेल पाएं।

फिर दिसंबर 1928 में BCCI का गठन हुआ और तब जाकर बोर्ड ने 1935 में घरेलू फर्स्ट-क्लास टूर्नामेंट की शुरुआत हुई, जिसका नाम रणजी ट्रॉफी रखा गया क्योंकि लोग प्यार से रणजीत सिंह (Ranjit Singh) को रणजी भी कहते थे। भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड ने उन्हें सम्मान देकर इस टूर्नामेंट की शुरुआत की थी, जो आज तक चल रहा है।