क्रिकेट इतिहास के महान ऑलराउंडरों में से एक वेस्टइंडीज के दिग्गज खिलाड़ी सर गैरी सोबर्स (Garry Sobers) का निधन हो गया है। 89 साल के सोबर्स ने शुक्रवार को अपने बारबडोस स्थित घर पर अंतिम सांस ली।
क्रिकेट वेस्टइंडीज ने भी अपने एक्स पर सर गैरी सोबर्स (Garry Sobers) के निधन की पुष्टि की है और उन्हें श्रद्धांजली दी है। क्रिकेट वेस्टइंडीज ने अपने एक्स पर लिखा, "एक शानदार पारी खत्म हो गई है। हमारे दिलों में, अभी और हमेशा के लिए, सर गारफील्ड सोबर्स।"
28 जुलाई 1936 को ब्रिजटाउन, बारबडोस में जन्मे गैरी सोबर्स ने 1954 में इंग्लैंड के खिलाफ किंग्सटन में टेस्ट मैच से अपने अंतरराष्ट्रीय करियर का आगाज किया था। वे बाएं हाथ के बल्लेबाज और बाएं हाथ के ऑर्थोडॉक्स और कलाई के स्पिन गेंदबाज थे।
1954 से लेकर 1974 तक वह वेस्टइंडीज क्रिकेट के सबसे बड़े और भरोसेमंद खिलाड़ी रहे। इस दौरान 93 टेस्ट मैचों की 160 पारियों में 26 शतक और 30 अर्धशतक लगाते हुए उन्होंने 8,032 रन बनाए थे। उनका सर्वाधिक स्कोर नाबाद 365 रन था। इसके अलावा 235 विकेट भी सोबर्स ने लिए थे। सोबर्स ने एक वनडे भी खेला था। इसमें उन्होंने 1 विकेट लिया था।
सोबर्स (Garry Sobers) ने अपने शुरुआती टेस्ट एक गेंदबाज के तौर पर खेले। 23 साल की उम्र में उन्होंने अपना पहला टेस्ट शतक बनाया था। 1958 में सबीना पार्क में पाकिस्तान के खिलाफ 365 रन बनाकर उन्होंने लेन हटन का सबसे बड़े व्यक्तिगत टेस्ट स्कोर का वर्ल्ड रिकॉर्ड भी तोड़ा। इस रिकॉर्ड को 1994 में ब्रायन लारा ने तोड़ा था। इसका जश्न मनाने के लिए सोबर्स खुद मैदान में मौजूद थे। सोबर्स ने नॉटिंघमशायर के लिए खेलते हुए फर्स्ट-क्लास क्रिकेट में ग्लेमोर्गन के मैल्कम नैश के एक ओवर में छह छक्के लगाए थे और ऐसा करने वाले वह पहले क्रिकेटर थे।
पुरुषों के क्रिकेट में आईसीसी का सबसे बड़ा सालाना अवॉर्ड—सर गारफील्ड सोबर्स अवॉर्ड—उनके सम्मान में दिया जाता है और यह सभी फॉर्मेट में पुरुषों के इंटरनेशनल क्रिकेट में सबसे शानदार ओवरऑल परफॉर्मर को पहचान देता है। 1975 में क्रिकेट में उनकी सेवाओं के लिए उन्हें नाइटहुड की उपाधि दी गई थी।
(यह रिपोर्ट IANS न्यूज़ एजेंसी से स्वचालित रूप से ली गई है। न्यूज़ग्राम इस कंटेंट की कोई ज़िम्मेदारी नहीं लेता।)