भारतीय क्रिकेट में मोहम्मद अजहरुद्दीन (Mohammad Azharuddin) का नाम बतौर बल्लेबाज और कप्तान बहुत बड़ा है। लंबे समय तक देश की कप्तानी करने वाले अजहरुद्दीन मध्यक्रम के धाकड़ बल्लेबाज रहे और अपने समय में टेस्ट और वनडे फॉर्मेट में भारतीय टीम की बल्लेबाजी की मजबूत कड़ी रहे। कलाइयों के जादुगर के नाम से मशहूर अजहरुद्दीन के नाम एक अनोखा रिकॉर्ड दर्ज है जो सिर्फ और सिर्फ उनके ही नाम है।
8 फरवरी 1963 को हैदराबाद में जन्मे मोहम्मद अजहरुद्दीन (Mohammad Azharuddin) ने 22 साल की उम्र में 1985 में इंग्लैंड के खिलाफ वनडे और टेस्ट में भारत के लिए डेब्यू किया था।
अजहरुद्दीन क्रिकेट की दुनिया के इकलौते ऐसे बल्लेबाज हैं जिन्होंने अपने करियर के शुरुआती तीनों टेस्ट की किसी न किसी पारी में शतक लगाए हैं। इस शानदार शुरुआत ने ही बता दिया था कि वह भारतीय क्रिकेट में लंबी पारी खेलेंगे और ऐसा ही हुआ भी।
1985 से 2000 के बीच मोहम्मद अजहरुद्दीन (Mohammad Azharuddin) ने भारतीय टीम के 99 टेस्ट और 334 वनडे खेले। टेस्ट में 22 शतक और 21 अर्धशतक की मदद से उन्होंने 6,215 रन बनाए। उनका सर्वाधिक स्कोर 199 रन था।
वहीं वनडे की 308 पारियों में 7 शतक और 58 अर्धशतक की मदद से 9,378 रन उनके नाम दर्ज हैं। उनका वनडे में सर्वाधिक स्कोर नाबाद 153 है। उन्होंने जब क्रिकेट छोड़ा तो वनडे फॉर्मेट के शीर्ष स्कोररों में से एक थे।
मोहम्मद अजहरुद्दीन (Mohammad Azharuddin) ने 1990 से 1999 के बीच भारत के लिए 47 टेस्ट और 174 वनडे में कप्तानी की। उनकी कप्तानी में भारत ने 14 टेस्ट और 90 वनडे जीते।
मैच फिक्सिंग के आरोपों की वजह से मोहम्मद अजहरुद्दीन (Mohammad Azharuddin) का करियर अचानक समाप्त हुआ। फिक्सिंग के आरोपों से बरी होने के बाद वह राजनीति में सक्रिय हैं। तेलंगाना सरकार में मोहम्मद अजहरुद्दीन अल्पसंख्यक कल्याण और सार्वजनिक उद्यम विभाग में कैबिनेट मंत्री हैं।
(MK)