भगवती की आराधना का पर्व चैत्र नवरात्र 19 मार्च से शुरू हो रहा है। इस दौरान मां दुर्गा की आराधना में कई फूल और पत्तियां चढ़ाई जाती हैं। वैसे तो देवी की पूजा में तुलसी वर्जित है लेकिन एक विशेष तुलसी का पौधा है, जो भगवती को अति प्रिय है। यह है दौना जिसे दवना, मरुआ या वन तुलसी भी कहते हैं।
सामान्य तुलसी को देवी को नहीं चढ़ाने की मान्यता है, लेकिन दौना की पत्तियां और फूल मां दुर्गा को विशेष रूप से प्रिय हैं। नवरात्र के दौरान इसे अर्पित करने से मां प्रसन्न होती हैं और घर में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है। दौना एक छोटा, सुगंधित औषधीय पौधा है, जो 1-2 फुट ऊंचा होता है। इसके पत्ते गुलदाउदी जैसे कटावदार और तेज, मनमोहक खुशबू वाले होते हैं। यह खुशबू इतनी आकर्षक होती है कि ब्रांडेड परफ्यूम को भी मात दे सकती है।
धार्मिक परंपरा में दौना को भगवान विष्णु और मां लक्ष्मी का भी प्रिय माना जाता है, लेकिन खासकर नवरात्र में मां दुर्गा को इसके फूल और पत्तियां चढ़ाने की प्रथा है। वास्तुशास्त्र के अनुसार, घर में दौना का पौधा लगाने से लक्ष्मी कृपा बनी रहती है और वातावरण शुद्ध रहता है और घर-परिवार में सुख-समृद्धि बनी रहती है।
यह न केवल पूजा को पूर्णता देता है, बल्कि घर को खुशबू से महकाता है और स्वास्थ्य लाभ भी प्रदान करता है। पौधा आसानी से घर में उगाया जा सकता है और यह छोटा होने के बावजूद चमत्कारी प्रभाव वाला है।
इस पौधे के औषधीय गुण भी कमाल के हैं। आयुर्वेद में दौना को कफ, वात, कृमि रोग, विष, सूजन, जोड़ों का दर्द, सर्दी-खांसी, जुकाम, पुराना बुखार, गर्भाशय दर्द और पेट की समस्याओं में बहुत लाभकारी बताया गया है। यह पित्तवर्धक, दर्द निवारक और घाव भरने में भी सहायक है। पत्तियां, बीज, डंठल और जड़ सभी औषधीय रूप से काम आते हैं।
अमेरिका की नेशनल लाइब्रेरी ऑफ मेडिसिन के अनुसार, शोधकर्ताओं ने कई अध्ययनों का विश्लेषण किया और इनमें पाया गया कि तुलसी का सेवन डायबिटीज, हृदय रोग, तनाव और मानसिक स्वास्थ्य को बेहतर बनाने में मदद करता है। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि किसी भी अध्ययन में तुलसी के सेवन से गंभीर नुकसान नहीं देखा गया।
खासकर वन तुलसी एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर होती है, जो शरीर को फ्री रेडिकल्स से बचाती है। औषधीय गुणों से भरपूर वन तुलसी को आयुर्वेद में खासा स्थान प्राप्त है और इसका उपयोग टॉनिक के रूप में किया जाता है, जो शरीर की एनर्जी और जीवन शक्ति बढ़ाने में कारगर है।
वन तुलसी की सुगंध भी तेज होती है, जो प्राकृतिक रूप से मच्छर भगाने का भी काम करती है और हवा को शुद्ध रखती है। वन तुलसी के सेवन से कई फायदे मिलते हैं। यह श्वसन तंत्र को मजबूत बनाती है, बलगम निकालने में मदद करती है और अस्थमा, ब्रोंकाइटिस, खांसी जैसी सांस की समस्याओं में राहत देती है। इसमें एंटीऑक्सीडेंट और एंटी-माइक्रोबियल गुण पाए जाते हैं, जिससे संक्रमण से लड़ने की क्षमता बढ़ती है। तनाव कम कर मानसिक स्वास्थ्य सुधारने में कारगर है। यह दिल को स्वस्थ रखने और सूजन कम करने में सहायक है।
(यह रिपोर्ट IANS न्यूज़ एजेंसी से स्वचालित रूप से ली गई है। न्यूज़ग्राम इस कंटेंट की कोई ज़िम्मेदारी नहीं लेता।)