होली 2026 Pixabay
धर्म

भारत छोड़िये, इन मुस्लिम देशों में भी धूमधाम से मनाई जाती है होली, रंगों में डूब जाता है पूरा मुल्क!

क्या आप जानतें है भारत में मनाई जाने वाली होली भारत के बाहर भी महत्व रखती है। आज होली की रंगीन खुशबू सरहदों को पार कर उन देशों तक पहुँच चुकी है, जहाँ हिंदू आबादी बहुत कम है और मुस्लिम समाज बहुसंख्यक है।

Author : Sarita Prasad

क्या आप जानतें है भारत में मनाई जाने वाली होली भारत के बाहर भी महत्व रखती है। आज होली की रंगीन खुशबू सरहदों को पार कर उन देशों तक पहुँच चुकी है, जहाँ हिंदू आबादी बहुत कम है और मुस्लिम समाज बहुसंख्यक है। हैरानी की बात यह है कि भाषा, धर्म और संस्कृति की अलग-अलग दीवारों के बावजूद होली लोगों को जोड़ने का काम कर रही है।

जब गुलाल उड़ता है, ढोल बजते हैं और चेहरे मुस्कुराते हैं, तब यह त्योहार किसी एक धर्म का नहीं, बल्कि इंसानियत का उत्सव बन जाता है। यही वजह है कि आज होली सिर्फ पूजा-पाठ तक सीमित नहीं, बल्कि दोस्ती, मेल-मिलाप और भाईचारे का प्रतीक बन चुकी है। बांग्लादेश, पाकिस्तान, इंडोनेशिया और मॉरिशस जैसे देशों में होली का नज़ारा यह साबित करता है कि रंग किसी मजहब को नहीं देखते। यहां होली के दिन सिर्फ हिंदू ही नहीं, बल्कि मुस्लिम दोस्त, पड़ोसी और युवा भी रंगों में सराबोर नज़र आते हैं।

कहीं इसे संस्कृति के रूप में अपनाया गया है, तो कहीं यह आपसी सद्भाव और सह-अस्तित्व की पहचान बन चुकी है। ऐसे में होली हमें यह सिखाती है कि रंग जब दिलों पर लगते हैं, तो नफरत अपने आप धुल जाती है। आइए जानते हैं कि इन देशों में होली किस अनोखे अंदाज़ में मनाई जाती है।

1. बांग्लादेश की होली

बांग्लादेश में होली, जिसे “दोल पूर्णिमा” भी कहा जाता है, रंगों से ज्यादा रिश्तों का त्योहार बन चुकी है। राजधानी ढाका की सुबह जब ढाकेश्वरी राष्ट्रीय मंदिर में घंटियों की आवाज़ गूंजती है, तो माहौल भक्ति और उल्लास से भर उठता है। पूजा के बाद जैसे ही गुलाल उड़ता है, पूरा परिसर रंगों की चादर ओढ़ लेता है। ढाका विश्वविद्यालय के छात्र-छात्राएँ पारंपरिक बांग्ला गीतों और नृत्य के साथ जुलूस निकालते हैं, जिससे सड़कों पर उत्सव सा माहौल बन जाता है। खास बात यह है कि कई मुस्लिम युवा भी अपने हिंदू मित्रों के साथ रंग खेलते नज़र आते हैं, जो आपसी सांस्कृतिक एकता की खूबसूरत तस्वीर पेश करता है। सोशल मीडिया पर “होली इन ढाका” की झलकियाँ हर साल वायरल होती हैं, और यह त्योहार वहाँ सिर्फ एक धार्मिक पर्व नहीं, बल्कि दिलों को जोड़ने वाला रंगीन उत्सव बन गया है।

2. पाकिस्तान की होली

पाकिस्तान में होली खासतौर पर सिंध की मिट्टी में खिलती है, जहाँ रंग सिर्फ चेहरे नहीं, माहौल भी रंगीन कर देते हैं। कराची और हैदराबाद के मंदिरों और बस्तियों में सुबह से ही चहल-पहल शुरू हो जाती है। कहीं पूजा की तैयारी, तो कहीं ढोलक की थाप पर गूंजते लोकगीत। कुछ मौकों पर राष्ट्रीय नेताओं की बधाइयाँ भी इस त्योहार को विशेष पहचान देती हैं। सोशल मीडिया पर #HoliInPakistan की रंगीन तस्वीरें ट्रेंड करती हैं, और स्कूलों में “होली मिलन” कार्यक्रमों से नई पीढ़ी इस परंपरा से जुड़ती है। यहाँ होली सिर्फ रंगों का खेल नहीं, बल्कि उम्मीद, पहचान और आपसी सम्मान का सुंदर प्रतीक बन गई है।

3. इंडोनेशिया की होली

इंडोनेशिया में होली समुद्री हवाओं और मंदिरों की घंटियों के बीच एक खास अंदाज़ में खिलती है। खासकर बाली द्वीप पर, जहाँ हिंदू परंपराओं की गहरी छाप है। सुबह मंदिरों में पूजा-अर्चना के साथ दिन की शुरुआत होती है और फिर रंगों की फुहारें वातावरण को उत्सव में बदल देती हैं। यहाँ होली भक्ति और आनंद का सुंदर संगम बन जाती है। राजधानी जकार्ता में भारतीय समुदाय और भारतीय दूतावास जकार्ता द्वारा आयोजित “फेस्टिवल ऑफ कलर्स” इस पर्व को अंतरराष्ट्रीय रंग दे देता है। बॉलीवुड गीतों की धुन, पारंपरिक नृत्य, मसालेदार भारतीय व्यंजन और रंगों की उड़ती बौछारें हर किसी को झूमने पर मजबूर कर देती हैं। खास बात यह है कि बड़ी संख्या में स्थानीय इंडोनेशियाई युवा भी उत्साह से शामिल होते हैं, जिससे यह त्योहार सिर्फ धार्मिक नहीं, बल्कि दोस्ती और सांस्कृतिक जुड़ाव का जीवंत प्रतीक बन गया है।

4.मॉरिशस में होली

मॉरीशस में होली राष्ट्रीय स्तर पर बहुत उत्साह से मनाई जाती है, क्योंकि यहाँ भारतीय मूल की बड़ी आबादी रहती है। राजधानी पोर्ट लुई और अन्य शहरों में लोग एक-दूसरे को गुलाल लगाते हैं, पारंपरिक भोजपुरी और हिंदी गीत गाते हैं। मंदिरों में पूजा होती है और उसके बाद रंगों का उत्सव शुरू होता है। यहाँ होली सिर्फ हिंदुओं तक सीमित नहीं है, बल्कि अलग-अलग समुदायों के लोग भी इसमें शामिल होते हैं। मॉरीशस में होली के दौरान पारंपरिक “चौताल” गीत गाने की खास परंपरा है, जो इसे भारत से अलग और खास बनाती है।

5. नेपाल में होली

नेपाल में होली को “फागु पूर्णिमा” कहा जाता है और यह पूरे देश में बड़े उत्साह से मनाई जाती है। राजधानी काठमांडू के दरबार स्क्वायर में सबसे पहले “चीर” नाम का लकड़ी का खंभा खड़ा किया जाता है, जो होली की शुरुआत का प्रतीक होता है। पहाड़ी इलाकों में एक दिन और तराई क्षेत्र में दूसरे दिन होली खेली जाती है। लोग रंग और पानी से एक-दूसरे को भिगोते हैं, ढोलक की थाप पर नाचते हैं और पारंपरिक नेपाली गीत गाते हैं। मंदिरों में पूजा होती है और फिर सड़कों पर रंगों की मस्ती छा जाती है। काठमांडू की गलियों में विदेशी पर्यटक भी रंगों में मस्त होकर इस त्योहार का आनंद लेते हैं, जिससे यह एक अंतरराष्ट्रीय उत्सव जैसा बन जाता है।

6. मलेशिया में होली

मलेशिया में होली भारतीय मूल के लोगों द्वारा खास उत्साह से मनाई जाती है। राजधानी कुआलालंपुर और पेनांग जैसे शहरों में मंदिरों और सामुदायिक मैदानों में रंगोत्सव आयोजित होते हैं। सुबह पूजा-अर्चना के बाद लोग एक-दूसरे को गुलाल लगाते हैं और हिंदी तथा तमिल गीतों पर नृत्य करते हैं। कई जगह “फेस्टिवल ऑफ कलर्स” नाम से बड़े पब्लिक इवेंट भी होते हैं, जहाँ अलग-अलग समुदायों के लोग शामिल होते हैं। यहाँ होली के कार्यक्रमों में पारंपरिक भारतीय खाने के स्टॉल, डीजे म्यूज़िक और कई प्रकार कि सांस्कृतिक कार्यक्रम जिससे माहौल बेहद रंगीन और उत्साहभरा हो जाता है।

7. कनाडा में होली

कनाडा में होली अब सिर्फ भारतीय समुदाय का त्योहार नहीं, बल्कि एक बहुसांस्कृतिक रंगोत्सव बन चुकी है। टोरंटो, वैंकूवर और ब्रैम्पटन जैसे शहरों में बड़े-बड़े पार्कों और कम्युनिटी सेंटर्स में “फेस्टिवल ऑफ कलर्स” आयोजित होते हैं। लोग सफेद कपड़े पहनकर आते हैं और जैसे ही रंग उड़ता है, पूरा मैदान इंद्रधनुषी हो जाता है। डीजे पर बॉलीवुड गाने बजते हैं, ढोल की थाप पर लोग झूमते हैं और खाने के स्टॉल पर समोसे, जलेबी और चाट का स्वाद लिया जाता है। खास बात यह है कि यहाँ अलग-अलग देशों और संस्कृतियों के लोग भी बढ़-चढ़कर हिस्सा लेते हैं। ठंडे मौसम वाले इस देश में होली सच में गर्मजोशी और दोस्ती का रंग भर देती है।

आखिरकार, होली हमें सिखाती है कि रंगों की तरह इंसानियत भी हर सीमा और धर्म से ऊपर होती है। यह त्योहार दुनिया को एक संदेश देता है प्यार और भाईचारे के रंग सबसे खूबसूरत होते हैं।[SP/MK]