गुयाना की संसद में मंत्री विकाश रामकिसून ने हिंदी में बहस की चुनौती देकर चर्चा बटोरी, जिससे विदेशों में हिंदी के सांस्कृतिक प्रभाव और भारतीय मूल के समुदाय की मौजूदगी उजागर हुई। X
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जानें कौन है विकाश रामकिसून, जिन्होंने गुयाना की संसद में हिंदी में दिया आलोचकों को जवाब

गुयाना की संसद में देश की बजट पर चर्चा हो रही थी, इस दौरान सदन का माहौल गर्म हो गया क्योंकि मंत्री विकाश रामकिसून की हिंदी बोलने की क्षमता पर सवाल उठाए गए।

Author : Mayank Kumar

  • गुयाना संसद में मंत्री विकाश रामकिसून ने हिंदी में जवाब देकर विपक्ष को बहस की चुनौती दी, वीडियो भारत में वायरल हुआ।

  • रामकिसून दिल्ली में पढ़े-लिखे हैं और 2025 में कृषि मंत्री बने।

  • गुयाना में लगभग 40% लोग भारतीय मूल के हैं; आधिकारिक भाषा अंग्रेजी है, लेकिन हिंदी का सांस्कृतिक महत्व है।

भारत एक ऐसा देश है जहाँ अलग-अलग धर्म, अलग-अलग वेशभूषा देखने को तो मिलती ही हैं, साथ ही यहाँ अलग-अलग भाषाएं भी बोली जाती हैं। भाषा एक ऐसी चीज है, जिसको लेकर भारत में विवाद होता ही रहता है। आए दिन आपको यह सुनने को मिलेगा कि तमिल भाषा और हिंदी भाषा को लेकर देश में विवाद हुआ है।

आलम तो यह है कि हाथापाई तक इसपर हो जाती है। हालांकि, बावजूद इसके भारत में हिंदी भाषा को लेकर अलग ही क्रेज है। साल 2011 जनगणना के मुताबिक 43.63% आबादी हिंदी को अपनी मातृभाषा (Mother Tongue) के रूप में बोलते हैं।

इस जनगणना के अनुसार, हिंदी बोलने वालों की कुल संख्या लगभग 52.83 करोड़ थी। वर्तमान में भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी विदेशों में जाकर हिंदी में ही संवाद करते हैं। हालांकि, अगर आपको लगता है कि हिंदी सिर्फ भारत में बोली जाती है, तो ऐसा नहीं है। विदेशों में भी हिंदी बोली जाती है। एक ऐसा ही दृश्य गुयाना से देखने को मिला है जहाँ के संसद में चुने हुए जनप्रतिनिधि ने हिंदी में अपनी बात रखी। आइये जानते हैं, क्या है मामला?

गुयाना के सांसद ने हिंदी में की बात

दरअसल, गुयाना की संसद में देश की बजट पर चर्चा हो रही थी, इस दौरान सदन का माहौल गर्म हो गया क्योंकि मंत्री विकाश रामकिसून (Vikash Ramkissoon) की हिंदी बोलने की क्षमता पर सवाल उठाए गए। इसके बाद रामकिसून ने स्पीकर से अनुमति ली और कहा कि इसका जवाब वो हिंदी में देंगे। उन्होंने विपक्षी सदस्य विष्णु पांडे का नाम लेते हुए उन्हें खुली चुनौती दी कि वे किसी भी विषय पर, किसी भी जगह पर, बिना कागज देखे हिंदी में बहस करने को तैयार हैं।

रामकिसून ने कहा, ''मैं अभी इसी वक्त उन्हें चुनौती देता हूं कि किसी भी स्तर पर, किसी भी जगह पर, विषय वे तय करेंगे और मैं बिना कागज लिए जाकर बहस करूंगा।”

बता दें कि ये घटना काफी चर्चा का विषय बनी हुई है और भारत में भी लोग इसपर खूब चर्चा कर रहे हैं। लोग रामकिसून (Vikash Ramkissoon) की सिर्फ साफ उच्चारण की ही नहीं, बल्कि हिंदी के समर्थन में दिखाए गए उनके जोश और दृढ़ता की भी तारीफ कर रहे हैं।

कौन हैं रामकिसून?

विकास रामकिसून (Vikash Ramkissoon) के बारे में बात करें, तो साल 2025 में उन्हें गुयाना में कृषि मंत्री बनाया गया था। उन्हें राष्ट्रपति डॉ. इरफ़ान अली द्वारा 13 सितंबर 2025 को इस पद पर नियुक्त किया गया था। उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय से कॉमर्स की डिग्री ली है, साथ ही दिल्ली स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स से कॉमर्स और फाइनेंस में मास्टर डिग्री हासिल की है। इसके अलावा, उन्होंने यूनिवर्सिटी ऑफ गुयाना से कानून (LLB) की डिग्री भी विशेष योग्यता के साथ प्राप्त की है।

बता दें कि गुयाना में पूर्वी भारतीय मूल के लोग लगभग 39.8 प्रतिशत आबादी का हिस्सा हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक वहां हिंदुओं की संख्या लगभग 28 से 31 प्रतिशत के बीच है। कहा जाता है कि ब्रिटिश शासनकाल के दौरान ही कई भारतीय मूल के लोग बंधुआ मजदूरी प्रथा के तहत वहां गए और वहीं बस गए। ऐसे लोगों को गिरमिटया मजदूर भी कहते हैं।

क्या गुयाना की राष्ट्रीय भाषा है हिंदी?

आपको बता दें कि गुयाना दक्षिण अमेरिका महाद्वीप (South America) के उत्तरी तट पर स्थित एक देश है। यहाँ कि आधिकारिक भाषा अंग्रेजी (English) है। यह दक्षिण अमेरिका का एकमात्र ऐसा देश है जहाँ अंग्रेजी आधिकारिक भाषा है। यहाँ के अधिकांश लोग गुयानीज़ क्रियोल (Guyanese Creole) बोलते हैं, जो अंग्रेजी पर आधारित एक मिश्रित बोली है।

दक्षिण अमेरिका के मानचित्र में गुयाना की भौगोलिक स्थिति

हिंदी की बात करें तो यहाँ पर इस भाषा का एक सांस्कृतिक और धार्मिक रूप से महत्त्व है। इंडो-गुयानी समुदाय (जो कुल आबादी का लगभग 40% है) के लोग बीच इसका उपयोग मुख्य रूप से धार्मिक पूजा-पाठ, भजनों और सांस्कृतिक कार्यक्रमों में किया जाता है। क्रिकेट जगत में शमर जोसेफ और शिमरोन हिटमायर मायर जैसे दिग्गज खिलाड़ी यही से ताल्लुकात रखते हैं।