अमेरिका-इजराइल और ईरान के बीच युद्ध और होर्मुज स्ट्रेट बंद होने से LPG इम्पोर्ट प्रभावित हो सकता है, जिसके चलते भारत में घरेलू और कमर्शियल सिलेंडर की कीमतें बढ़ने लगी हैं।
भारत अपनी LPG जरूरत का सिर्फ 40% उत्पादन करता है, जबकि बाकी गैस कतर, UAE, कुवैत और सऊदी अरब जैसे पश्चिम एशियाई देशों से इम्पोर्ट करता है।
2015 से 2025 के बीच LPG उपभोक्ताओं की संख्या 1486 लाख से बढ़कर 3305 लाख हो गई है, जिसमें 87% गैस घरेलू रसोई में इस्तेमाल होती है।
मिडिल ईस्ट में अमेरिका-इजराइल और ईरान के बीच चल रहे जंग से भारत में लिक्विफाइड पेट्रोलियम गैस (LPG) की सप्लाई पर संकट आता नज़र आ रहा है। 7 मार्च 2026 से भारत में घरेलू LPG सिलेंडर के दामों में 60 रुपए की बढ़ोतरी हुई है। इसके साथ ही कमर्शियल सिलेंडर की कीमतों में भी करीब 144 रुपए का इजाफा हुआ है।
अब ऐसे में सवाल यह है कि अगर ये जंग ज्यादा लंबा चला, तो इसका भारत पर क्या प्रभाव पड़ेगा? ऐसे में आइये यह समझते हैं कि भारत किन-किन देशों से गैस इम्पोर्ट करता है और अपनी जरूरत का कितना उत्पादन करता है?
मिडिल ईस्ट में चल रहे जंग से भारत में LPG संकट देखने को मिल सकता है क्योंकि भारत अपनी LPG जरूरत का सिर्फ 40% ही उत्पादन करता है, बाकि अन्य देशों से इम्पोर्ट करता है। भारत में जो गैस आती है, वो उन्हीं देशों से आती है, जहाँ युद्ध चल रहा है। भारत जो गैस उत्पादन करता है, वो अरब सागर में मौजूद मुंबई हाई है। इसे सरकारी कंपनी ONGC चलाती है।
ये भारत की सबसे अधिक गैस उत्पादन करने वाली संपत्तियों में से एक है, जो ऑफशोर तेल और गैस उत्पादन का बड़ा हिस्सा प्रदान करती है। इसके साथ ही बंगाल की खाड़ी में स्थित कृष्णा-गोदावरी (KG) बेसिन प्राकृतिक गैस के क्षेत्र में एक नया प्रमुख केंद्र बनकर सामने आया है। बता दें कि 28 फ़रवरी की रात ईरान में अमेरिका और इजराइल ने हमला किया जिसके बाद खामनेई की मौत हो गई। वहीं, 1 मार्च होर्मुज स्ट्रेट बंद हो गया, जो दुनिया का बड़ा एनर्जी शिपिंग रूट है, इसके बंद होने से LPG इम्पोर्ट पर काफी असर पड़ा है।
भारत अपनी जरूरत के हिसाब से LPG इम्पोर्ट करता है और ज्यादातर इसमें पश्चिम एशिया देश हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक भारत ने 2025 में क़तर से 34%,संयुक्त अरब अमीरात (UAE) से 26% और कुवैत से 8.3% इम्पोर्ट किया। भारत लंबे समय से पश्चिम एशिया देशों पर गैस के लिए निर्भर रहा है।
भारत ने 2020 में कतर से 37%, सऊदी अरब से 11 % जबकि UAE 16% गैस इम्पोर्ट किया था। मतलब इन देशों के इम्पोर्ट का कुल आंकड़ा निकाले तो भारत करीब 90% गैस इम्पोर्ट करता है। वहीं, 2024-25 में भारत ने कुवैत से 15%, कतर से 22%, सऊदी अरब से 15%, UAE से 40% जबकि अन्य देशों से 8% गैस इम्पोर्ट किया।
इसके साथ ही लिक्विफाइड नेचुरल गैस (LNG) भी भारत का बढ़ा है। 2024-25 के रिपोर्ट्स के मुताबिक ये 27 मिलियन मीट्रिक टन तक पहुंच गया है, जो अब तक का सबसे ज्यादा है। साल 2011-12 में भारत ने 13.5 मिलियन मीट्रिक टन इम्पोर्ट किया था। LNG भी LPG की तरह पश्चिम एशियाई देशों से आता है।
वहीं, अमेरिका की बात करें तो भारत यहाँ से भी LPG इंपोर्ट करता है। 2026 के लिए IOCL, BPCL और HPCL ने अमेरिका के गल्फ कोस्ट से सालाना 2.2 मिलियन टन LPG आयात का कॉन्ट्रैक्ट दिया है जबकि रूस से LPG आयात का फिलहाल कोई कॉन्ट्रैक्ट नहीं है।
आपको बता दें कि भारत में LPG का इस्तेमाल लगातार बढ़ रहा है, क्योंकि खाना पकाने के लिए लोग इसका ही इस्तेमाल करते हैं। पेट्रोलियम और नेचुरल गैस मंत्रालय के पेट्रोलियम प्लानिंग एंड एनालिसिस सेल (PPAC) के आंकड़ों के मुताबिक 2015 से लेकर 2025 के बीच LPG उपभोगताओं की संख्या 1,486 लाख से बढ़कर 3,305 लाख हुई है। मतलब ये 120% से ज़्यादा की बढ़ोतरी है।
इसके साथ ही भारत सरकार का यह भी कहना है कि 2016 में शुरू हुए प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना जो 62% था, अब बढ़कर 100% हो गया है। भारत में 31.3 मिलियन टन सालाना LPG खपत होता है और इसमें 87% गैस रसोई घर में इस्तेमाल होता है जबकि अन्य बाकि होटल और रेस्तरां में होता है।