हिना यामीन द्वारा AAP नेता अनवर पर शोषण और पुलिस को धमकाने के आरोपों ने पार्टी को विवादों में घेर लिया है। पूर्व में शाजिया और देविंदर सहरावत ने आरोपों का हवाला देते हुए बताया है कि कैसे भ्रष्टाचार विरोधी आंदोलन से जन्मी यह पार्टी अब गंभीर रूप से राजनैतिक पतन के दलदल में फंसती जा रही है।
आम आदमी पार्टी के भीतर चल रहे घमासान के बीच एक पुराना मामला फिर से उजागर हुआ है। एक महिला ने आम आदमी पार्टी के नेताओं के कारनामों का खुलासा किया है। इस मुस्लिम महिला का नाम हिना यामीन है। महिला ने मनीष सिसोदिया सहित अन्य नेताओं के करिबियों पर जो इल्जाम लगाया है, उससे आम आदमी पार्टी के छवि पर गहरा धब्बा लगता है।
दरअसल, यह कहानी उस समय की है जब आम आदमी पार्टी उन्नति के चरम पर थी। पंजाब की रहने वाली हिना यामीन ने आरोप लगाया है कि उनके साथ आम आदमी पार्टी के नेता अनवर ने शोषण करने की सीमा पार कर डाली है।
हिना यामीन ने 13 मार्च 2026 को अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर एक वीडियो साझा करते हुए आरोप लगाया है कि उनके पति द्वारा उनको रोज पीटा जाता है। एक जमाती के घर में पीटे जाने पर जब वह पुलिस थाने में एफ आई आर दर्ज कराने पहुंची तो पुलिस ने एफ आई आर दर्ज करने से मना कर दिया।
बाद में पता चला कि आम आदमी पार्टी के नेता अनवर ने पुलिस को फोन करके सख्त हिदायत दी थी कि एफ आई आर किसी भी हालत में दर्ज नहीं होना चाहिए। अनवर आम आदमी पार्टी से जुड़ा आदमी है। पंजाब में आम आदमी पार्टी की सरकार है, वहाँ के नेता पावर की धमक दिखा रहे हैं। महिला के मुताबिक अनवर ने पुलिस से कहा कि महिला को जमात में रहना है, उसका एफ आई आर दर्ज नहीं होना चाहिए।
हीना यामीन ने अनवर को रूढ़िवादी बताते हुए कहा कि ऐसे लोगों की वजह से इस्लाम बदनाम होता है। आम आदमी पार्टी के बड़े नेताओं के छत्र-छाया में इस तरीके के आदमी पल रहे हैं। महिला ने यह भी बताया कि अनवर पंजाब का मुख्यमंत्री बनकर पुलिस से बात करता था।
हालांकि हिना ने 18 मार्च 2026 को फिर से सोशल मीडिया अकाउंट पर वीडीओ साझा करते हुए बताया कि उनका एफ आई आर दर्ज कर लिया गया है, लेकिन आरोपी को अभी तक गिरफ्तार नहीं किया गया है।
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आम आदमी पार्टी पर यह पहला मामला नहीं है कि किसी महिला ने पार्टी के नेताओं पर आरोप लगाया है। इसके पहले कई ऐसे मामले आ चुके हैं जिनसे मानवीय दुनिया को शर्मशार होना पड़ा है। आम आदमी पार्टी में काम कर चुकी शाजिया ने ट्रांसपेरेंसी पारदर्शिता वेब सीरीज में बताया है कि ‘आप’ के बड़े नेताओं ने किस तरीके से एक जनआन्दोलन की हत्या करने की कोशिश की। शाजिया बताती हैं, एक बार लोकसभा चुनाव के समय प्रचार के वक्त AAP के तीन नेताओं ने आपस की बातचीत में उनको मुस्लिम बिच (रंडी) कहकर संबोधित किया। शाजिया के समर्थक महिलाओं ने जब उन लोगों का विरोध किया तो उनको शांत करा दिया गया। शाजिया बताती हैं कि जब वो मनीष सिसोदिया से किसी काम से मिलने जाती थीं तो मनीष अक्सर दरवाजा बंद कर देते थे। बहुत विरोध करने पर भी दरवाजा नहीं खोला जाता था।
साल 2022 में पंजाब में AAP की सरकार बनी। सरकार बनते ही भ्रष्टाचार ने पाँव फैलाना शुरू कर दिया। आम आदमी पार्टी के विधायक रहे देविंदर सहरावत ने आरोप लगाया है कि पंजाब में आप के बड़े-बड़े नेता महिलाओं को टिकट देने के बदले में उनके साथ रात बिताने की मांग करते थे। हाल ही में राघव चड्ढा ने आम आदमी पार्टी से अलग होते हुए कहा है कि AAP अब वह पार्टी नहीं रही जो पहले थी। अब इसमें ईमानदार नेताओं के लिए कोई जगह नहीं है। हालांकि राघव चड्ढा भी अरविन्द केजरीवाल के साथ हर कारनामें में शामिल रह चुके हैं।
दरअसल, अरविन्द केजरीवाल के नेतृत्व में आम आदमी पार्टी जब बनी तो लोगों को लगा कि देश में भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाने का इससे बढ़िया अवसर शायद ही कभी मिल पाएगा। लोगों ने बढ़ चढ़कर आम आदमी पार्टी को वोट किया और दिल्ली में AAP को अप्रत्याशित जीत हासिल हुई। लेकिन जब 2015 में प्रशांत भूषण, योगेंद्र यादव, आशुतोष, डॉ मुनीश रायज़ादा जैसे लोगों से AAP का नाता टूटा, तो अरविन्द केजरीवाल के नेतृत्व में जो असल में हो रहा था, वह सब सामने आया। इन लोगों ने आरोप लगाया कि सत्ता के लालच में राजनीतिक मूल्यों को दरकिनार कर दिया गया। पारदर्शिता के नाम पर बनी पार्टी भ्रष्टाचार के दलदल में बहुत बुरी तरीके से फँसती चली गई। यही कारण था कि बहुत सारे लोगों का आम आदमी पार्टी से नाता टूटता चला गया।
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