बेंगलुरु, 3 मार्च (आईएएनएस)। कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने मंगलवार को विपक्ष के नेता आर. अशोक और केंद्रीय मंत्री एच.डी. कुमारस्वामी के उन आरोपों को खारिज कर दिया कि उपमुख्यमंत्री और राज्य कांग्रेस अध्यक्ष डी.के. शिवकुमार पर नजर रखने के लिए फोन टैप किए जा रहे थे। उन्होंने इन आरोपों को 'बेबुनियाद' और राजनीति से प्रेरित बताया।
मीडिया में दिए एक बयान में, सिद्धारमैया ने कहा कि ये आरोप उस कहावत जैसे हैं कि 'चोर को लगता है कि बाकी सब चोर हैं' और इन्हें निराशा से निकली बातें बताया।
उन्होंने आरोप लगाया कि जब से कांग्रेस राज्य में सत्ता में लौटी है, विपक्षी नेता उनके और शिवकुमार के बीच दरार पैदा करने की कोशिश कर रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा, "वे चाहे जितनी भी फूट डालने की कोशिश करें, इससे हमारे अच्छे रिश्तों पर कोई असर नहीं पड़ेगा," उन्होंने जोर देकर कहा कि वह और शिवकुमार दोनों पार्टी हाईकमान के प्रति कमिटेड हैं।
उन्होंने दोहराया कि कांग्रेस पार्टी अंदरूनी डेमोक्रेसी के साथ काम करती है और न तो डर से चलती है और न ही किसी एक परिवार के दबदबे में है।
सिद्धारमैया ने कहा कि आरोप लगाने वाले खुद मुख्यमंत्री और गृह मंत्री जैसे अहम पदों पर रह चुके हैं, जिस दौरान इंटेलिजेंस डिपार्टमेंट उनके अंडर काम करता था। उन्होंने कहा कि उनके दावे ऑफिस में उनके अपने पिछले अनुभवों से निकले लगते हैं।
मुख्यमंत्री ने भाजपा और जेडीएस पर शिवकुमार के साथ उनके रिश्ते खराब करने के इरादे से झूठी बातें फैलाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि शिवकुमार पर पहले भी कई केस हुए हैं और उन्हें जेल भी हुई है, लेकिन राजनीतिक दबाव के बावजूद वह कांग्रेस पार्टी के प्रति लॉयल रहे।
कर्नाटक के हाल के राजनीतिक इतिहास का जिक्र करते हुए, सिद्धारमैया ने कहा कि 'ऑपरेशन कमला', रिसॉर्ट राजनीति और नेतृत्व में बार-बार बदलाव जैसी घटनाएं विपक्षी पार्टियों के अंदर अविश्वास और साजिशों का नतीजा थीं। उन्होंने बताया कि राज्य में 2004 से 2013 के बीच पांच मुख्यमंत्री और 2018 से 2023 के बीच तीन मुख्यमंत्री रहे।
उन्होंने पिछली सरकारों के दौरान फोन टैपिंग के पुराने आरोपों का भी जिक्र किया।
2018 में, जब कुमारस्वामी मुख्यमंत्री थे, तो आरोप सामने आए थे कि आदिचुंचनगिरी के पुजारी समेत साधुओं के फोन टैप किए गए थे। बाद में हुई जांच में कथित तौर पर पाया गया कि कई फोन सर्विलांस में थे।
केंद्र की आलोचना करते हुए, सिद्धारमैया ने राजनीतिक विरोधियों के खिलाफ पुलिस, सीबीआई, एनफोर्समेंट डायरेक्टरेट और इनकम टैक्स डिपार्टमेंट जैसी सेंट्रल एजेंसियों के गलत इस्तेमाल का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि न तो वह और न ही उनकी पार्टी के नेता किसी की धमकी के आगे झुकेंगे।
मुख्यमंत्री ने कुमारस्वामी और अशोक से आगे कहा कि वे एक कंस्ट्रक्टिव विपक्ष के तौर पर काम करें, न कि जिसे उन्होंने 'बुरी राजनीति' कहा, उसमें शामिल हों। उन्होंने भरोसा जताया कि कांग्रेस सरकार विपक्ष की अस्थिर करने की कोशिशों के बावजूद अपना पांच साल का कार्यकाल पूरा करेगी।
सिद्धारमैया ने यह कहते हुए अपनी बात खत्म की कि कर्नाटक के लोगों ने कांग्रेस को शासन करने का साफ जनादेश दिया है और राज्य का मुख्यमंत्री कांग्रेस पार्टी से ही रहेगा।
--आईएएनएस
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