असम प्रदेश महिला कांग्रेस ने सोमवार को भारतीय जनता पार्टी पर महिला आरक्षण संशोधन विधेयक को लेकर भ्रामक बातें फैलाने और इसके क्रियान्वयन में देरी करने का आरोप लगाया।
गुवाहाटी में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए असम प्रदेश महिला कांग्रेस अध्यक्ष मीरा बोरठाकुर ने कहा कि भाजपा, विपक्षी दलों को महिला विरोधी दिखाने की कोशिश कर रही है, जबकि 2023 में पास हुए इस कानून को लागू करने में केंद्र सरकार विफल रही है।
उन्होंने सवाल उठाया कि सरकार ने इस बिल को लागू करने के लिए परिसीमन (डिलिमिटेशन) और 2011 की जनगणना से जोड़कर शर्तें क्यों लगाई? यह जरूरी नहीं है। इससे केवल महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण देने में देरी हो रही है।
मीरा बोरठाकुर ने भाजपा पर तंज कसते हुए कहा कि पार्टी पहले समस्या पैदा करती है और फिर उसे हल करने का दिखावा करती है। लोग अब इस तरह की राजनीति को समझने लगे हैं।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस हमेशा से महिलाओं के सशक्तीकरण के पक्ष में रही है और वह बिना किसी शर्त के तुरंत महिला आरक्षण लागू करने का समर्थन करती है। उन्होंने यह भी दावा किया कि कांग्रेस चुनावों में भाजपा से ज्यादा महिला उम्मीदवारों को टिकट देती है।
महिला कांग्रेस नेता ने महिलाओं की सुरक्षा और अधिकारों को लेकर भी भाजपा सरकार पर सवाल उठाए और कहा कि सरकार के दावों और जमीन पर स्थिति में अंतर है।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस नेतृत्व यह मानता है कि महिला आरक्षण को मौजूदा लोकसभा की स्थिति के आधार पर तुरंत लागू किया जाना चाहिए, इसके लिए भविष्य के परिसीमन का इंतजार नहीं किया जाना चाहिए।
मीरा बोरठाकुर ने लोगों से अपील की कि वे राजनीतिक प्रचार से सावधान रहें और बहकावे में न आएं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस आगे भी महिलाओं के अधिकारों के लिए संघर्ष करती रहेगी और लंबे समय से लंबित इस आरक्षण को लागू कराने की मांग करती रहेगी।
[PY]
(यह रिपोर्ट IANS न्यूज़ एजेंसी से स्वचालित रूप से ली गई है। न्यूज़ग्राम इस कंटेंट की कोई ज़िम्मेदारी नहीं लेता।)