महबूबनगर के डिप्टी ट्रांसपोर्ट कमिश्नर मूड किशन के खिलाफ ACB ने आय से अधिक संपत्ति का मामला दर्ज किया। कागजों पर जब्त संपत्ति ₹12.72 करोड़ दिखाई गई है, लेकिन हकीकत में कीमत और भी अधिक बताई जा रही है।  X
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1 लाख की सैलरी, 100 करोड़ की संपत्ति! जानें कैसे तेलंगाना ACB ने डिप्टी ट्रांसपोर्ट कमिश्नर को दबोचा?

महबूबनगर के डिप्टी ट्रांसपोर्ट कमिश्नर मूड किशन के खिलाफ ACB ने आय से अधिक संपत्ति का मामला दर्ज किया। कागजों पर जब्त संपत्ति ₹12.72 करोड़ दिखाई गई है, लेकिन हकीकत में कीमत और भी अधिक बताई जा रही है।

Author : Pradeep Yadav

  • महबूबनगर के डिप्टी ट्रांसपोर्ट कमिश्नर मूड किशन के खिलाफ ACB ने आय से अधिक संपत्ति का मामला दर्ज किया। कागजों पर जब्त संपत्ति ₹12.72 करोड़ दिखाई गई है, लेकिन हकीकत में कीमत और भी अधिक बताई जा रही है।

  • किशन ने अपनी अवैध कमाई को छिपाने के लिए अपने ड्राइवर, एनगु शिवशंकर को बेनामी के रूप में इस्तेमाल किया। महंगी गाड़ियाँ और कई बेशकीमती ज़मीनें ड्राइवर के नाम पर दर्ज थीं, और रिश्वत के पैसों का लेनदेन भी ड्राइवर के बैंक खातों के ज़रिए किया जा रहा था।

  • 24 दिसंबर 2025 को हैदराबाद से मूड किशन और उनके फरार ड्राइवर को 27 दिसंबर 2025 को गिरफ्तार किया गया। फिलहाल 2026 में इस मामले की गहन जांच और अवैध संपत्ति के मूल्यांकन की प्रक्रिया जारी है।

भारत में अधिकारियों का  रिश्वतखोर होना कोई नई बात नहीं है, हर  विभाग पर किसी न किसी अधिकारी के माध्यम से भ्रष्टाचार का दाग लग ही जाता है। तेलंगाना में एक अधिकारी तो ऐसे निकले जिनकी मासिक तनख्वाह लगभग एक लाख है लेकिन साहब ने करोड़ों की जायदाद बना रखी है। तेलंगाना एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) ने जब उनके सारे ठिकानों पर छापा मारा तो सारे मामलों का भंडाफोड़ हो गया।

ACB ने मारा छापा सामने आया करोड़ों की संपत्ति 

यह बात है तेलंगाना के महबूब नगर जिले की। यहाँ पर डिप्टी ट्रांसपोर्ट कमिश्नर मूड किशन (Deputy Transport Commissioner Mood Kishan) के खिलाफ भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) ने आय से अधिक संपत्ति के मामले में दिसंबर 2025 में केस दर्ज किया। छापेमारी में हुए खुलासे के तहत डिप्टी ट्रांसोर्ट कमिश्नर मूड किशन के अलग-अलग ठिकानों से जब्त की गई संपत्ति की कीमत लगभग 12.72 करोड़ रुपये है।

यह कागजों पर बताई गई कीमत है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, इन सभी चल-अचल संपत्तियों की असली कीमत 100 करोड़ से भी ज्यादा बताई जा रही थी। यह मामला इतना इतना गंभीर होता चला गया कि किसी अधिकारी के ऊपर से लोगों के विश्वास का डगमगाना एक आम बात हो गई थी।

जानकारी के मुताबिक किशन ने करोड़ों की संपत्ति को अलग-अलग रूपों में बनाया था। किशन (Kishan) के निजामाबाद के एक होटल, जिसका नाम लहरी इंटरनेशनल होटल बताया जाता है, में 50% हिस्सेदारी बना रखी थी। इसी तरह निजामाबाद में ही किशन ने 31 एकड़ कृषि भूमि और 10 एकड़ व्यावसायिक भूमि बना रखा थी।

निजामाबाद के पास में ही अशोका टाउनशिप में दो लग्जरी फ्लैट अपने हवाले कर रखा था। डिप्टी ट्रांसपोर्ट कमिश्नर मूड किशन के इन सारे कारनामों पर विराम लगाते हुए भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) ने 24 दिसंबर 2025 को हैदराबाद से गिरफ्तार कर लिया।

ACB ने मारा छापा, बाथरूम में छुपे अधिकारी 

दरअसल, जब भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) की टीम उनके हैदराबाद (Hyderabad) वाले आवास पर सुबह के समय पहुंची तो  किशन शुरू में नहीं मिल रहे थे। काफी देर बाद पता चला कि वह बाथरूम में गए हैं। काफी मशक्कत करने के बाद किशन अपने बाथरूम से बाहर निकले, तब ACB ने अपने कार्रवाई को आगे बढ़ाया। इसके बाद उनके रिश्तेदारों से भी इन मामलों पर पूछताछ की गई। भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो ने निजामाबाद, महबूब नगर आदि अलग-अलग ठिकानों पर छापा मारा। 

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ड्राइवर के नाम होता रहा सारा काम 

डिप्टी ट्रांसपोर्ट कमिश्नर मूड किशन ने अपने ड्राइवर, एनगु शिवशंकर (Engu Shivashankar) के पास अपनी अवैध कमाई को रखा था। किशन के पास जो भी महंगी गाड़ियां थीं, उसने अपने ड्राइवर के नाम कर रखा था। सूत्रों के अनुसार, किशन ने निजामाबाद और संगारेड्डी जिले में कुछ संपत्ति ड्राइवर के नाम कर दिया था। वहीं ड्राइवर एनगु शिवशंकर के बैंक खाते का इस्तेमाल रिश्वतखोरी,अवैध लेनदेन के लिए हो रहा था। ड्राइवर पहले से इस मामले से बचने के लिए भाग निकला, लेकिन ACB की टीम ने ड्राइवर एनगु शिव शंकर (Engu Shivashankar) को भी 27 दिसंबर 2025 को गिरफ्तार कर लिया था।

वहीं सारी संपत्ति के मामले में अनुमान लगाया जा रहा है कि साल 2026 के अंत तक सारी अवैध संपत्ति की कीमत 250-300 करोड़ तक हो सकती है। मामले में फिलहाल पूछताछ जारी है।

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