बिहार में विपक्ष के नेता और आरजेडी नेता तेजस्वी यादव ने कहा कि उनकी पार्टी बुधवार को राजभवन तक मार्च करेगी ताकि राज्य सरकार पर दबाव बनाया जा सके और पेपर लीक के खिलाफ छात्रों और युवाओं की शिकायतों को उठाया जा सके।
तेजस्वी यादव ने राज्य में बिगड़ती कानून व्यवस्था की स्थिति को लेकर राज्य सरकार पर हमला बोला और दावा किया कि पेपर लीक और अनियमितताओं की एक शृंखला के कारण प्रतियोगी परीक्षाएं प्रभावित हो रही हैं।
उन्होंने पिछले महीने सीवान में पेपर लीक के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर पुलिस द्वारा कथित तौर पर एके-47 से गोलियां चलाने और उसे प्रदर्शित करने के मामले में राज्य सरकार से जवाब भी मांगा।
तेजस्वी ने कहा कि बार-बार पेपर लीक होने की घटनाओं के कारण बिहार की छवि खराब हो रही है।
उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य में विभिन्न परीक्षाओं में, जिनमें मैट्रिक और इंटरमीडिएट परीक्षा से लेकर भर्ती परीक्षाएं शामिल हैं, पेपर लीक होने की शिकायतें सामने आई हैं।
सीवान की घटना का जिक्र करते हुए तेजस्वी ने दावा किया कि जब छात्र अपने अधिकारों के लिए संघर्ष कर रहे थे, तब राज्य सरकार ने उनकी बात सुनने के बजाय एके-47 बंदूक से गोलियां चलाना बेहतर समझा।
उन्होंने जानना चाहा कि प्रदर्शनकारी छात्रों पर गोली चलाने का आदेश किसने दिया था।
उन्होंने कहा कि इस मामले को बिहार के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) विनय कुमार के समक्ष उठाया गया है और उनसे यह पूछा गया है कि राज्य सरकार जवाबदेही तय करने में क्यों विफल रही।
उन्होंने आगे कहा कि इस मामले में न केवल एक कांस्टेबल को बर्खास्त किया गया है, बल्कि अन्य जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई है।
उन्होंने यह भी कहा कि राजभवन तक निकलने वाले इस मार्च में छात्र, शिक्षक, कोचिंग संस्थानों के विद्यार्थी और परीक्षा एवं रोजगार प्रणालियों से निराश सभी लोग अपारदर्शी व्यवस्था के खिलाफ अपनी आवाज उठाएंगे।
उन्होंने अन्य राज्यों के नेताओं को भी इस खुले मार्च में भाग लेने के लिए आमंत्रित किया।
आरजेडी नेता तेजस्वी यादव ने राज्य सरकार के एक करोड़ नौकरियों के वादे पर निशाना साधते हुए कहा कि भाजपा के नेतृत्व वाली राज्य सरकार ने एक लाख नौकरियां भी उपलब्ध नहीं कराई हैं।
उन्होंने शराबबंदी को लेकर भी राज्य सरकार को निशाना बनाया और दावा किया कि शराबबंदी पूरी तरह विफल रही है, यहां तक कि शराब की होम डिलीवरी भी हो रही है।
उन्होंने टिप्पणी की कि बिहार सरकार का दावा है कि प्रतिबंध लागू है, लेकिन जमीनी हकीकत इससे काफी अलग है।(VR)
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(यह रिपोर्ट IANS न्यूज़ एजेंसी से स्वचालित रूप से ली गई है। न्यूज़ग्राम इस कंटेंट की कोई ज़िम्मेदारी नहीं लेता।)