जम्मू-कश्मीर पुलिस ने 36 साल पुराने कश्मीरी पंडित नर्स सरला भट के अपहरण और हत्या मामले को सुलझाने का दावा किया है। पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि 4 आरोपियों की पहचान कर ली गई है और अगले सप्ताह श्रीनगर कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की जाएगी।
वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि सरला भट का 18 अप्रैल 1990 को श्रीनगर में उनके हॉस्टल से अपहरण कर लिया गया था और कुछ दिनों बाद श्रीनगर शहर के अपटाउन इलाके में उनकी लाश मिली थी। इस मामले में फिलहाल चार आरोपियों की पहचान हुई है।
अगस्त 2025 में जम्मू-कश्मीर की जांच एजेंसी (एसआईए) ने इस हत्याकांड की जांच के सिलसिले में श्रीनगर में 8 जगहों पर छापे मारे थे। सीआईडी की एसआईए ब्रांच टीम ने पुलिस और सीआरपीएफ के साथ मिलकर यह तलाशी अभियान चलाया था।
सरला भट्ट कश्मीर के पंडित परिवार से ताल्लुक रखती थीं। वह अनंतनाग जिले की रहने वाली थीं और श्रीनगर शहर के सौरा इलाके में शेर-ए-कश्मीर आयुर्विज्ञान संस्थान (एसकेआईएमएस) में नर्स के रूप में कार्यरत थीं।
आरोप लगाए गए कि यह हत्या उस बड़े षड्यंत्र का हिस्सा थी, जिसका उद्देश्य कश्मीरी पंडित समुदाय को घाटी से बाहर भगाना था। उन्हें भारतीय खुफिया एजेंसियों के एजेंट कहकर निशाना बनाया गया था। कथित तौर पर भय और प्रशासन की ओर से उनकी जान-माल की रक्षा करने में असमर्थता के कारण घाटी से लगभग पूरा कश्मीरी पंडित समुदाय अपने घर छोड़कर जान बचाने के लिए भागने पर मजबूर हुआ था।
पलायन के बाद कश्मीरी पंडितों ने भीषण गर्मी में टेंटों में शरण ली और अत्यंत दयनीय स्थिति में लगभग नए सिरे से जिंदगी शुरू की। इस बीच, उनकी ज्यादातर संपत्तियां या तो लूट ली गई थीं या जला दी गईं थीं। कुछ संपत्तियों पर जबरन कब्जा हो चुका था।
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(यह रिपोर्ट IANS न्यूज़ एजेंसी से स्वचालित रूप से ली गई है। न्यूज़ग्राम इस कंटेंट की कोई ज़िम्मेदारी नहीं लेता।)