झारखंड में जेपीएससी और जेएसएससी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के खिलाफ छात्रों का आंदोलन सोमवार को विधानसभा के मुहाने तक पहुंच गया। इस दौरान छात्रों और पुलिस के बीच टकराव हो गया। उग्र हुए छात्रों के एक समूह ने जहां पथराव किया, वहीं पुलिस ने लाठीचार्ज किया। इस भिड़ंत कई छात्रों और पुलिसकर्मियों के घायल होने की सूचना है। एक घायल पुलिसकर्मी को एंबुलेंस से अस्पताल भेजा गया। एक छात्र के सिर में गंभीर चोट लगी और उसके सिर से खून बहने लगा।
जगन्नाथपुर मंदिर के पीछे प्रदर्शन कर रहे छात्रों का एक समूह अचानक उग्र हो गया। प्रदर्शनकारियों ने पुलिस की ओर पत्थर और जूते-चप्पल फेंकने शुरू कर दिए। पुलिस ने उन्हें रोकने की कोशिश की। इसके बाद धक्का-मुक्की शुरू हो गई। देखते ही देखते पथराव होने लगा। स्थिति बिगड़ने पर पुलिस ने लाठीचार्ज किया। इससे मौके पर अफरा-तफरी मच गई। पुलिस और छात्रों के बीच तनाव बढ़ गया। प्रशासन ने भीड़ को नियंत्रित करने की कोशिश की।
इससे पहले छात्रों को रोकने के लिए पुलिस ने वाटर कैनन का इस्तेमाल किया था। पानी की तेज बौछार के बावजूद छात्र पीछे नहीं हटे। इसके बाद बड़ी संख्या में छात्र खेतों और कच्चे रास्तों से होते हुए विधानसभा के काफी करीब पहुंच गए।
सोमवार सुबह 10 बजे शुरू हुआ छात्रों का मार्च दोपहर दो बजे आगे बढ़ते-बढ़ते विधानसभा से 200 मीटर पहले आकर थम गया। जेएलकेएम विधायक जयराम महतो ने छात्रों से बातचीत की। उनके समझाने के बाद बड़ी संख्या में छात्र सड़क पर बैठ गए और धरना शुरू कर दिया। कुछ छात्र सड़क के किनारे भी बैठे हैं।
आंदोलनकारी छात्र 14वीं जेपीएससी प्रारंभिक परीक्षा सहित विवादित परीक्षाओं को रद्द करने, भर्ती प्रक्रिया में सुधार और पूरे मामले की सीबीआई जांच की मांग कर रहे हैं। रविवार को सरकार और छात्र प्रतिनिधियों के बीच तीसरे दौर की वार्ता बेनतीजा रही थी। इसके बाद छात्रों ने विधानसभा घेराव का फैसला किया था।
फिलहाल हजारों छात्र विधानसभा से करीब 200 मीटर पहले सड़क पर बैठे हैं और नारेबाजी जारी है। पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच तनाव बना हुआ है। प्रशासन की कोशिश छात्रों को विधानसभा परिसर की ओर आगे बढ़ने से रोकने की है।(VR)
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(यह रिपोर्ट IANS न्यूज़ एजेंसी से स्वचालित रूप से ली गई है। न्यूज़ग्राम इस कंटेंट की कोई ज़िम्मेदारी नहीं लेता।)