बजट के बाद संसद में हंगामा: 1 फरवरी 2026 को बजट पेश होने के बाद विपक्ष ने इसे निराशाजनक बताया। दूसरे दिन राहुल गांधी के भाषण के दौरान कांग्रेस सांसदों के हंसने पर पीठासीन अध्यक्ष जगदम्बिका पाल भड़क गए, जिससे सदन का माहौल गर्म हो गया।
नरवणे की किताब को लेकर विवाद: राहुल गांधी पूर्व सेना प्रमुख जनरल मुकुंद नरवणे की किताब Four Stars of Destiny का हवाला देना चाहते थे, लेकिन किताब के अप्रकाशित होने का हवाला देकर अमित शाह, राजनाथ सिंह और लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने इसकी अनुमति नहीं दी।
लद्दाख–चीन तनाव पर चर्चा की कोशिश: राहुल गांधी का कहना था कि वे 2020 के चीन–लद्दाख तनाव और उस दौरान सरकार की प्रतिक्रिया पर नरवणे की किताब में किए गए उल्लेख को सामने रखना चाहते थे, जिसे ओम बिड़ला ने सदन में उठाने से रोक दिया।
देश की संसद में 1 फरवरी 2026 को वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट प्रस्तुत किया। सत्तापक्ष की तरफ से तारीफों के पुल बांधने के प्रयास हुए वहीं दूसरी तरफ विपक्ष की तरफ से बजट को निराशाजनक बोलकर आलोचना की गई। 1 फरवरी 2026 के बाद सदन की कार्यवाही के दूसरे दिन विपक्ष के नेता राहुल गाँधी के भाषण देते समय उनके ही सांसदों के ऊपर पीठासीन जगदम्बिका पाल भड़क उठे। संसद में राहुल गाँधी जब अपना भाषण देना शुरू किये तभी पीछे बैठे सांसद हंसने लगे। इस पर पीठासीन अध्यक्ष कांग्रेस के सांसदों के ऊपर भड़क गए।
बता दें कि लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गाँधी अपने सीट पर भाषण देने के लिए खड़े हुए। उनके साथ उनके पार्टी के सांसद भी सदन में थे। जैसे ही राहुल गाँधी ने कहा कि वो देश की सुरक्षा व्यवस्था पर बोलना चाहते हैं। पीछे बैठे सांसद उनकी बात पर हंसने लगे थे। पीठासीन अध्यक्ष जगदम्बिका पाल ने सांसदों को कहा कि आप अपने ही नेता पर क्यों हंस रहे हैं। सोमवार को संसद के अंदर माहौल काफी गर्म दिखाई दिया था। गृहमंत्री अमित शाह,राजनाथ सिंह और राहुल गाँधी के बीच काफी तीखी बहस देखने को मिली थी। राहुल गाँधी सदन में पूर्व सैन्य अधिकारी मनोज मुकुंद नरवणे (Manoj Mukund Naravane) की किताब का ज़िक्र करना चाहते थे। हालंकि उनको सदन में लोकसभा अध्यक्ष ओम बिड़ला ने इसकी अनुमति नहीं दी। इसके बाद सदन में माहौल काफी गर्म हो गया। सांसदों के बीच काफी तीखी प्रतिक्रिया देखने को मिली।
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विपक्ष के नेता राहुल गाँधी (Rahul Gandhi) ने जब पूर्व सैन्य अधिकारी जनरल मुकुंद नरवणे की किताब फ़ोर स्टार्स ऑफ़ डेस्टिनी (Four Stars of Destiny)का ज़िक्र करना चाहा और उस किताब से सम्बंधित कुछ अंश पढ़ने की कोशिश की, तब अमित शाह ने कहा कि यह किताब अभी प्रकाशित नहीं हुई है। दूसरी तरफ लोकसभा स्पीकर ओम बिड़ला ने भी इस किताब के अंश को पढ़ने की अनुमति देने से इनकार कर दिया। राजनाथ सिंह ने भी इस मसले पर आपत्ति जताई कि जो किताब अभी प्रकाशित नहीं हुई है, उस किताब का ज़िक्र नेता प्रतिपक्ष क्यों करना चाहते हैं।
नेता प्रतिपक्ष राहुल गाँधी ने मीडिया से बातचीत में कहा है कि चीन के साथ लद्दाख तनाव का ज़िक्र जनरल मुकुंद नरवणे ने अपनी किताब में किया है। वह हमारे सुरक्षा बालों के लीडर रहे हैं। उन्होंने देश के हालात का ज़िक्र किया है जो बहुत ही गंभीर विषय हैं। चीन से तनाव के समय रक्षामंत्री राजनाथ सिंह और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ नरवणे की जो बात हुई थी उसी बात का ज़िक्र करना चाहते हैं।
बता दें कि जनरल मुकुंद नरवणे (Manoj Mukund Naravane) पूर्व थलसेना अध्यक्ष रहे हैं। साल 2020 में चीन (China) से तनाव के समय जनरल मुकुंद नरवणे ही सेना प्रमुख थे। मुकुंद नरवणे ने अपनी किताब में साल 2020 में चीन से तनाव के वक्त प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रक्षामंत्री राजनाथ सिंह के बारे में बताया है कि देश के समक्ष उस समय इतनी गम्भीर चुनौती थी। उस समय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रक्षामंत्री राजनाथ सिंह के जवाब जल्दी नहीं आ रहे थे। काफी देर पश्चात् राजनाथ सिंह की तरफ से यह कॉल आता है कि प्रधानमंत्री की तरफ से यह सन्देश है कि आपको जो ठीक लगे वह करिये।