पश्चिम बंगाल चुनाव 2026: (West Bengal Elections 2026) चुनाव आयोग (Election Commission) द्वारा 5 राज्यों में चुनाव के तारीखों का शंखनाद हो चुका है l लगभग सभी पार्टियों ने अपने उम्मीदवारों की सूची जारी कर दी है और चुनाव प्रचार-प्रसार भी तेज कर दिया है l पश्चिम बंगाल के चुनाव से पहले जो रुझान आए है उससे साफ़ दिखता है कि इस बार भी मुख्यमंत्री का ताज ममता दीदी के सर ही सजेगा और हर बार की तरह तृणमूल कांग्रेस भारी बहुमत से सत्ता में वापसी करेगी l इस ओपिनियन पोल में जनमत तृणमूल कांग्रेस के साथ दिखाई पड़ रहा है l
पश्चिम बंगाल चुनाव होने से पहले ताजा-ताजा जनता की राय सामने आई है और जनता ने अपने नेता के तौर पर ममता बनर्जी (Mamata Banerjee) को चुना है l Vote Vibe और CNN News-18 के ओपिनियन पोल (opinion poll) के अनुसार बंगाल की जनता का आशीर्वाद तृणमूल कांग्रेस की झोली में गिरा है l वहीँ अगर मुख्यमंत्री की बात करें तो अब भी ममता बनर्जी लोगों की पहली पसंद बनी हुई हैं l
Matrize IANS के ओपिनियन पोल के अनुसार TMC को 155-170 सीट मिलने के अनुमान हैं, BJP+ को 100-115 सीट और अन्य को 5-7 सीट मिल सकते हैं l और वोट शेयर देखा जाए तो TMC 43-45 %, BJP+ को 41-43% और अन्य को 13-15% l
चुनाव से पहले किये गए सर्वे में पता चला है कि 294 सीटों वाली पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस को तकरीबन 185-190 सीटें मिलने का अनुमान है और ये संख्या बहुमत के आंकड़े से काफी आगे है l वहीं राज्य की दूसरी सबसे बड़ी पार्टी यानी भारतीय जनता पार्टी की बात करें तो उसे लगभग 105-110 सीटें मिल सकती है l अगर वोट शेयर की बात करें तो यहाँ TMC 42.5 प्रतिशत की बहुमत हासिल कर रही है और वहीँ दूसरी ओर भाजपा को 35.7 फीसदी वोट शेयर हासिल है l
अगर मुख्यमंत्री की बात करें तो 50% से अधिक जनता ममता बनर्जी को मुख्यमंत्री के रूप में देखना चाहती है और उनकी लोकप्रियता ही तृणमूल के जीत की सबसे बड़ी वजह बनी हुई है l बंगाल में ही एक वर्ग सुभेंदु अधिकारी को अपने मुख्यमंत्री के तौर पर देख रही है लेकिन इनकी संख्या काफी कम है l मुशील से 32 फीसदी लोग हैं l अगर पिछले चुनाव की बात करें तो 220 सीट जीत कर तृणमूल कांग्रेस तीसरी बार सत्ता में लौटी थी l
अगर सरकारी तंत्र और शासन की बात करें तो इस पर जनता कुछ इस प्रकार कह रही है l 42 फीसदी लोग सरकार के काम से खुश हैं और काफी प्रभावित लगते हैं l वहीँ कुछ लोग लगभग 28% लोग न खुश हैं l और कुछ अन्य 12 प्रतिशत लोग सरकारी कामकाज से नाराज हैं l 25-30 प्रतिशत लोग फिर से उन्ही विधायकों को वोट देकर उन्हें सेवा का मौका देना चाहती है l
अगर जातिगत समुदायों की बात करें तो मुस्लिम में सबसे लोकप्रिय नेता ममता बनर्जी हैं l और 45 फीसदी लोगों ने इनके कामकाज को सराहा है lवहीं दूसरी तरफ हिन्दू में सवर्ण और अनुसूचित जनजाति के 23% लोगों ने सरकार से असंतोष व्यक्त किया है l इस ओपिनियन पोल के अनुसार लोगों ने यह साफ़ तौर पर बताया है कि भाजपाके खराब प्रदर्शन का मुख्य कारण उनके भीतर आपसी फूट और बंगाल के संस्कृति की समझ न होना है l
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