नॉटजस्टआर्ट और अदाणी ग्रीनएक्सटॉक्स ने मिलकर गुरुवार को 'ग्लोबल एबिलिटी फोटोग्राफी चैलेंज (जीएपीसी) 2026' का पांचवां संस्करण लॉन्च किया, जो खास तौर पर दिव्यांग लोगों के लिए समर्पित एक अंतरराष्ट्रीय फोटोग्राफी प्रतियोगिता है। इस प्रतियोगिता का उद्देश्य दुनिया भर के दिव्यांग फोटोग्राफर्स को अपनी प्रतिभा और नजरिए को दिखाने के लिए एक बड़ा मंच देना है। इसमें दुनिया के किसी भी देश से दिव्यांग व्यक्ति भाग ले सकते हैं और इसमें हिस्सा लेना पूरी तरह मुफ्त है।
पिछले चार संस्करणों में, इस पहल का काफी विस्तार हुआ है, जो अब तक 80 लाख से ज्यादा लोगों तक पहुंच चुकी है और 30 से अधिक देशों से 50,000 से ज्यादा प्रतिभागी इसमें शामिल हो चुके हैं। पिछले साल इस प्रतियोगिता के चुने गए फोटो जापान और दुबई में प्रदर्शित किए गए थे, जिससे इसका दायरा और भी बढ़ा। इस प्रतियोगिता में शौकिया और प्रोफेशनल दोनों तरह के दिव्यांग फोटोग्राफर्स अपने फोटो भेज सकते हैं। उनसे ऐसे फोटो मांगे गए हैं, जो उनके अनुभव और उनकी अलग सोच को दर्शाते हों।
आयोजकों ने कहा कि इस पहल का उद्देश्य दिव्यांगों की आवाज को मुख्यधारा में लाना और फोटोग्राफी के जरिए समाज में उनके प्रति नजरिया बदलना है। अदाणी एयरपोर्ट्स होल्डिंग्स लिमिटेड के निदेशक जीत अदाणी ने कहा कि इस पहल का उद्देश्य फोटोग्राफी के माध्यम से दुनिया भर के प्रतिभाओं को एक साथ लाना है। उन्होंने इसे एक सार्वभौमिक और रचनात्मक माध्यम बताया जो सीमाओं के पार लोगों को जोड़ने का काम करता है। उन्होंने कहा, "वास्तव में, हर तस्वीर हजार शब्दों के बराबर होती है।"
वहीं यूथ4जॉब्स फाउंडेशन की संस्थापक और सीईओ मीरा शेनॉय ने कहा कि यह पहल दिखाती है कि सही मंच मिलने पर दिव्यांग लोग अपनी रचनात्मकता से बड़ी उपलब्धियां हासिल कर सकते हैं। इस प्रतियोगिता में उत्कृष्ठ प्रतिभाओं को सम्मानित करने के लिए एक बड़ी पुरस्कार राशि रखी गई है। प्रथम पुरस्कार 5 लाख रुपए, द्वितीय पुरस्कार 3 लाख रुपए और तृतीय पुरस्कार के रूप में 2 लाख रुपए दिए जाएंगे। इसके अलावा, चौथे से 10वें स्थान तक आने वाले प्रतिभागियों को 1-1 लाख रुपए दिए जाएंगे। इसके अलावा, टॉप 20 फोटो को एक खास प्रदर्शनी में दिखाया जाएगा और टॉप 10 विजेताओं को ट्रॉफी भी दी जाएगी। [SP]