महाराष्ट्र में महिलाओं के साथ के साथ शारीरिक शोषण का मामला सामने आया है। 8 महिलाओं के शिकायत पर महाराष्ट्र की SIT (special investigation team) ने इस मामले में कार्रवाई करते हुए एचआर (HR) सहित सात लोगों को गिरफ्तार किया है। यह मामला जबसे प्रकाश में आया है महिलाओं की सुरक्षा पर लगातार प्रश्न खड़े किए जा रहे हैं। एक मल्टीनेशनल कंपनी में इस तरीके की घटना महिलाओं की स्वतंत्रता और सुरक्षा के लिए चुनौती खड़ा कर देता है।
दरअसल, महाराष्ट्र के नासिक में टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (टीसीएस) कंपनी में महिलाओं के शारीरिक और मानसिक शोषण की बात सामने निकलकर सामने आया है। इस मामले की शिकायत 25 मार्च 2026 को देवलाली कैंप पुलिस स्टेशन में एक महिला द्वारा दर्ज कराया गया। महिला ने आरोप लगाया था कि लगभग चार साल से कंपनी में उसके साथ शारीरिक और मानसिक शोषण जारी है। इसके बाद कुछ अन्य महिलाओं ने भी कंपनी के शोषण के खिलाफ थाने में शिकायत दर्ज कराया। महिलाओं ने आरोप लगाया कि कंपनी में धर्मांतरण के लिए अप्रत्यक्ष तौर पर उनको प्रेरित किया जाता था। उनकी शिकायत के अनुसार, उनके परंपराओं का मजाक बनाया जाता था। काम करने के दौरान कंपनी में नमाज पढ़ने और सुनने के लिए दबाव बनाया जाता था। बहुत बार ऐसा भी हुआ कि बीफ खाने के लिए दबाव बनाया गया। कुछ महिलाओं ने यह भी कहा है कि इस्लाम कबूल करने के बदले पदोन्नति का लालच दिया गया। पीड़ित पक्ष के अनुसार, सिंदूर लगाने, मंगलसूत्र पहनने जैसे पारंपरिक मूल्यों का मजाक बनाया जाता था।
इस मामले की गंभीरता को देखते हुए महाराष्ट्र सरकार ने 1अप्रैल 2026 को विशेष जांच दल का गठन किया था। महाराष्ट्र SIT (special investigation team) ने मामले पर 26 मार्च से 30 मार्च 2026 के बीच कार्रवाई किया और 7 लोगों (आसिफ अंसारी, शफी शेख, शाहरुख कुरैशी, रजा मेमन ,तौसीफ अत्तार, दानिश शेख सहित कंपनी में कार्यरत महिला HR-निदा खान) को गिरफ्तार कर लिया। यह बात महराष्ट्र से बाहर भी फैल रही है। बहुत सारे लोगों ने इस मामले पर टिप्पणी करते हुए निंदा भी की।
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महाराष्ट्र राज्य सरकार में मंत्री गिरीश महाजन ने कहा है कि शिकायत के बावजूद वरिष्ठ कर्मचारियों ने इस मामले को गंभीरता से संज्ञान में नहीं लिया। इस मामले की छानबीन जारी है जल्द ही कुछ अन्य लोगों के नाम सामने आ सकते हैं। मंत्री ने कहा कि कंपनी में महिलाओं को बीफ खाने के लिए दबाव बनाया गया, जबरन नमाज पढ़ने के लिए कहा गया ताकि उन सभी को इस्लाम धर्म कबूल करवाया जा सके।
बता दें कि महिला एचआर (HR) को 13 अप्रैल 2026 तक हिरासत में रखा जाएगा और अन्य लोगों को 14 दिनों तक न्यायिक हिरासत में रखा जाएगा। यह मामला धर्मांतरण विवाद का स्वरूप ले रहा है जिससे सामाजिक तनाव बढ़ने की आशंका जताई जा रही है।
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