नरेंद्र मोदी के बाद एपस्टीन फाइल में राहुल-सोनिया-मनमोहन सिंह का भी नाम, नेता प्रतिपक्ष को बताया फिसड्डी wikimedia
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नरेंद्र मोदी के बाद एपस्टीन फाइल में राहुल-सोनिया-मनमोहन सिंह का भी नाम, नेता प्रतिपक्ष को बताया फिसड्डी

भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का नाम एपस्टीन फाइल में आना उनको सवालों के कटघरे में खड़ा कर दिया है।

Author : Pradeep Yadav
Reviewed By : Mayank Kumar

  • एपस्टीन फाइल के सार्वजनिक होने के बाद कई अंतरराष्ट्रीय और भारतीय हस्तियों के नाम सामने आए, जिनमें पहले नरेंद्र मोदी और बाद में राहुल गांधी, सोनिया गांधी व डॉ. मनमोहन सिंह का ज़िक्र होने का दावा किया गया।

  • फाइल में भारत के नेताओं के संदर्भ में राजनीतिक तुलना और विश्लेषण बताया गया है—जिसमें मोदी-राहुल के नेतृत्व अंतर, मनमोहन सिंह की गंभीर छवि और सोनिया गांधी को कांग्रेस की “पार्टी बॉस” के रूप में वर्णित किया गया है।

  • भारत सरकार ने मोदी से जुड़े दावों को पूरी तरह खारिज करते हुए कहा कि ये बातें एक दोषी अपराधी की निराधार टिप्पणियाँ हैं और इन्हें गंभीरता से लेने की आवश्यकता नहीं है।

एपस्टीन फाइल में पिछले कुछ दिनों पहले अलग-अलग हस्तियों के नाम आए हैं। एपस्टीन फाइल में भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का नाम आने के बाद विपक्ष उनसे खूब सवाल किए जा रहा है और कांग्रेस की तरफ से कहा गया कि भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का नाम एपस्टीन फाइल में आना उनको सवालों के कटघरे में खड़ा कर दिया है। वहीं अब दूसरी तरफ एपस्टीन फाइल में राहुल गाँधी, सोनिया गाँधी और डॉ मनमोहन सिंह का भी नाम आया है। बताया जा रहा है कि एपस्टीन ने राहुल गाँधी, सोनिया गाँधी और डॉ मनमोहन सिंह के बारे में चर्चा की है।

क्या है एपस्टीन फाइल?

19 दिसंबर 2025 को एपस्टीन (Epstein) फाइल सार्वजनिक की गईं। जब ये फाइल सार्वजनिक हुई, तो इसमें कई मशहूर और ताक़तवर लोगों के नामों का ज़िक्र मिला, जिससे यह तो साफ़ हुआ कि एपस्टीन के संपर्क बहुत ऊँचे स्तर तक थे। इसमें सबसे चर्चित नाम डोनाल्ड ट्रंप और पूर्व राष्ट्रपति बिल क्लिंटन का था। एपस्टीन को ट्रंप काफी पहले से जानते थे और जो फाइल रिलीज हुई उसमे ट्रंप की तस्वीर भी थी। हालांकि, उनकी कोई गलत तस्वीर सामने नहीं आई। इसलिए उनपर सीधा आपराधिक आरोप सामने नहीं आया है।

दूसरी तरफ जो व्यक्ति सबसे ज्यादा चर्चा में रहा उनका नाम बिल क्लिंटन था, जो अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति थे। इस फाइल में उनका एपस्टीन के निजी विमान से यात्रा करने का ज़िक्र मिलता है, साथ ही कई महिलाओं के साथ उनकी तस्वीर भी सामने आई। एक तस्वीर में वो स्विमिंग पुल में नहाते दिखे और आस पास कई महिलाएं भी थी। एक तस्वीर में तो क्लिंटन महिलाओं के कपड़े में नज़र आ रहे थे लेकिन कोई ऐसा अपराध सिद्ध नहीं हुआ, जो उन्हें अदालत के कटघरे में खड़ा करता हो।

इसके साथ ही ब्रिटेन के प्रिंस एंड्रयू की भी तस्वीर दिखी, जिनपर एक पीड़िता ने सीधे तौर पर उन पर शोषण का आरोप लगाया था। बाद में उन्होंने क़ानूनी समझौता भी किया।

वहीं, इसमें एपस्टीन की सहयोगी गिस्लेन मैक्सवेल की तस्वीर दिखी, जिसे अदालत ने पहले ही 20 साल की सजा सुनाई है। मैक्सवेल पर नाबालिग लड़कियों को फँसाने और शोषण में मदद करने का आरोप था।

संयुक्त राज्य अमेरिका (America) की न्याय विभाग द्वारा 30 जनवरी 2026 को 3 मिलियन से अधिक दस्तावेज़ जारी किए गए। इन दस्तावेज़ों में एक ई-मेल का हवाला दिया गया, जिसमें कथित रूप से मोदी का जिक्र उनके 2017 के इज़राइल दौरे के संदर्भ में आया था। अब भारत के भी कुछ नेताओं के नाम उजागर हुए हैं। इन नेताओं में पिछले दिनों नरेंद्र मोदी का नाम काफी चर्चे में था। अब खबर निकलकर आ रही है कि इस फाइल में राहुल गाँधी, सोनिया गाँधी, और डॉ मनमोहन सिंह के नाम का भी ज़िक्र है।

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क्या लिखा है राहुल गाँधी,सोनिया गाँधी और मनमोहन सिंह के बारे में?

एपस्टीन फाइल (Epstein File) में राहुल गाँधी, नरेंद्र मोदी और मनमोहन सिंह के बारे में चर्चा की गई है कि राजनीतिक सफलता और असफलता के बारे में बताया गया है। इस फाइल के अनुसार एपस्टीन ने कहा है कि राहुल गाँधी और नरेंद्र मोदी के बीच बहुत ज्यादा अंतर है। यही कारण है कि नरेंद्र मोदी को देश में भारी बहुमत हासिल हुआ था। राहुल गाँधी (Rahul Gandhi) के बारे में कहा गया है कि वो राजनीतिक रूप से परिपक्व नहीं थे। कांग्रेस पार्टी का चुनावी प्रबंधन बहुत ठीक नहीं रहा। मीडिया प्रबंधन भी कांग्रेस का ठीक नहीं रहा। वहीं मनमोहन सिंह के बारे में बताया गया है कि देश के लिए एक ऐसा नेता थे जो काफी गंभीर रहते थे। वैश्विक राजनीति में काफी कुछ योगदान रहा है। सोनिया गाँधी (Sonia Gandhi) को फाइल में कांग्रेस पार्टी बॉस बताया गया है।

बता दें की पिछले दिनों नरेंद्र मोदी के नाम की चर्चा एपस्टीन फाइल से जोड़कर की जा रही थी जिसके जवाब में विदेश मंत्रालय (Ministry of External Affairs) के प्रवक्ता रनणधीर जायसवाल ने मीडिया के सामने आकर कहा, "हमें तथाकथित एपस्टीन फ़ाइलों से एक ईमेल मैसेज की रिपोर्ट मिली है। इसमें प्रधानमंत्री और उनकी इज़रायल यात्रा का ज़िक्र है। जुलाई 2017 में प्रधानमंत्री की इज़रायल की आधिकारिक यात्रा के अलावा ई-मेल में बाकी बातें एक दोषी अपराधी की बेकार की बकवास से ज़्यादा कुछ नहीं हैं, जिन्हें पूरी तरह से नज़रअंदाज़ कर देना चाहिए।"