मऊ में BJP नेताओं की दबंगई! रेप पीड़िता पर केस वापस लेने का बनाया दबाव। Winamalia, CC BY 4.0, via Wikimedia Commons
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मऊ में BJP नेताओं की दबंगई! रेप पीड़िता पर केस वापस लेने का बनाया दबाव, 3 नेताओं पर

मऊ में एक युवती द्वारा अपने सहकर्मी पर बलात्कार करने का आरोप लगाया गया है। पीड़िता द्वारा सोशल मीडिया पर एक वीडियो को अपलोड किया गया। वायरल वीडियो में कुछ भाजपा नेता पीड़िता के घर पर पहुंचकर मामले को समझौते से निपटाने की बात करते नजर आ रहे हैं।

Author : Preeti Ojha
  • मऊ में सहकर्मी द्वारा शादी का झांसा देकर यौन शोषण का आरोप, पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेजा।

  • मामले में समझौते का दबाव बनाने के आरोप में भाजपा नेता समेत तीन लोगों पर अलग से FIR दर्ज।

  • वायरल वीडियो के बाद मऊ कांड ने राजनीतिक रंग लिया, जांच जारी और कई सवाल अब भी बाकी।

भारत में दिन-प्रतिदिन बलात्कार और महिलाओं के साथ होने वाले अपराधों के मामले बढ़ते जा रहे हैं। आए दिन किसी न किसी राज्य से ऐसी घटनाएं सामने आ रही हैं, जो न सिर्फ कानून व्यवस्था पर सवाल खड़े करती हैं बल्कि समाज की सोच को भी कटघरे में खड़ा करती हैं। ऐसा ही एक गंभीर मामला उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) के मऊ जिले से सामने आया है।

मऊ (Mau) में एक युवती द्वारा अपने सहकर्मी पर बलात्कार करने का आरोप लगाया गया है। पीड़िता की शिकायत के बाद पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है और मामले की जांच जारी है।

कब और कैसे हुआ शोषण?

पीड़िता के अनुसार, वह मऊ के डूडा (DUDA) कार्यालय में कार्यरत है। इसी दौरान उसकी पहचान उसी कार्यालय में संविदा पर कार्यरत अंकित सिंह से हुई थी। दोनों की जान-पहचान धीरे-धीरे नजदीकियों में बदल गई। आरोप है कि अंकित सिंह ने युवती को शादी का भरोसा देकर लंबे समय तक शारीरिक संबंध बनाए, लेकिन बाद में शादी से साफ इंकार कर दिया। जब युवती ने इस पर विरोध जताया, तो उसे टालने और दबाव में रखने की कोशिश की गई।

खुद को ठगा हुआ महसूस करने पर पीड़िता ने पुलिस का रुख किया और पूरे मामले की लिखित शिकायत दी।

पुलिस की कार्रवाई

पीड़िता की तहरीर के आधार पर पुलिस ने आरोपी अंकित सिंह के खिलाफ बलात्कार सहित अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज किया। जांच के बाद पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच निष्पक्ष तरीके से की जा रही है।

मामले में नया मोड़, नेताओं पर भी केस

मामला यहीं नहीं रुका। घटना के बाद पीड़िता द्वारा सोशल मीडिया पर एक वीडियो को अपलोड किया गया जो देखते ही देखते सोशल मीडिया पर वायरल हुआ, जिसने पूरे मामले को और गंभीर बना दिया। वायरल वीडियो में कुछ भाजपा (BJP) नेता पीड़िता के घर पर पहुंचकर मामले को समझौते से निपटाने की बात करते नजर आ रहे हैं।

पीड़िता का आरोप है कि ये लोग उस पर दबाव बना रहे थे कि वह केस वापस ले ले। वीडियो सामने आने के बाद पुलिस ने इस मामले में भी कार्रवाई करते हुए तीन लोगों के खिलाफ FIR दर्ज की है।

इनमें एक भाजपा (BJP) जिला उपाध्यक्ष सहित दो अन्य लोग शामिल हैं। पीड़िता का कहना है कि उसे डराने और मामले को दबाने की कोशिश की गई।

आरोपों पर सफाई और राजनीति

जहां एक ओर पीड़िता इसे दबाव और धमकी (Threat) का मामला बता रही है, वहीं आरोपियों का कहना है कि वे सिर्फ मामले को सुलझाने के लिए वहां गए थे। हालांकि वीडियो और पीड़िता के बयान ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं।

फिलहाल क्या है स्थिति?

मुख्य आरोपी अंकित सिंह जेल में बंद है, भाजपा नेता समेत तीन लोगों पर अलग से केस दर्ज हैं। पुलिस दोनों मामलों की जांच कर रही है। वीडियो और बयानों के आधार पर आगे की कार्रवाई तय होगी।

(PO)