गगनदीप सिंह रंधावा ने वीडियो में मंत्री लालजीत सिंह भुल्लर का नाम लेकर आत्महत्या की।
टेंडर फैसले को लेकर मंत्री पर दबाव, धमकी और साजिश के आरोप (जांच जारी)।
इस्तीफा, जांच के आदेश और भगवंत सिंह मान सहित विपक्ष के तीखे सवाल।
कहते हैं, जब सत्ता ताकत बनकर टूटती है, तो सबसे पहले सच को दबाया और कुचला जाता है। भारत में आपातकाल का दौर उन्हीं उदाहरणों में से एक है। कभी-भी आलम तो यह होता है कि इसकी कीमत एक बेगुनाह की जान बन जाती है। भारत में अब ये एक कड़वी हकीकत बनता जा रहा है। ऐसा ही एक मामला सामने आया है, जिसने यह सोचने को मजबूर कर दिया है कि क्या देश में ईमानदार अधिकारियों के जान की कोई कीमत नहीं है? यह मामला पंजाब का है जहाँ एक मंत्री के दबाव में आकर अधिकारी ने आत्महत्या कर ली। क्या है पूरा मामला? आइये समझते हैं।
दरअसल, पंजाब राज्य वेयरहाउस निगम के जिला प्रबंधक गगनदीप सिंह रंधावा (Gagandeep Singh Randhawa) ने आत्महत्या कर ली है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक रंधावा ने शनिवार, 21 मार्च 2026 की सुबह लगभग 5:50 बजे ज़हरीला पदार्थ (सल्फास) निगल लिया था, जिससे उनकी मौत हो गई।
आत्महत्या से पहले उन्होंने एक वीडियो रिकॉर्ड किया था, जिसमें वो पंजाबी भाषा में कहते हैं, '"खा लई सल्फास तुहाडे यार ने, मंत्री लालजीत भुल्लर दे डर तों। हुण नहीं मैं बचदा" (आपके दोस्त ने मंत्री लालजीत भुल्लर के डर से सल्फास खा लिया है, अब मैं नहीं बचूँगा)।'' यह वीडियो सामने आने के बाद पूरे प्रशासनिक तंत्र में हड़कंप मच गया था।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, विभाग के पास एक गोदाम के लिए स्थान देने का प्रस्ताव आया था। जब विभागीय टीम ने उस स्थान की जांच की, तो पाया गया कि प्रस्तावित जगह के ऊपर से उच्च वोल्टेज की बिजली की तारें गुजर रही थीं, जो सुरक्षा मानकों के अनुरूप नहीं थीं। इसी कारण विभाग ने उस प्रस्ताव को खारिज कर दिया था। बताया जा रहा है कि इस फैसले को लेकर अधिकारी पर दबाव बनाया जा रहा था।
आरोप है कि शुक्रवार को अमृतसर दौरे के दौरान मंत्री लालजीत सिंह भुल्लर (Laljeet Singh Bhullar) ने इस मामले में जिला प्रबंधक पर कथित रूप से निर्णय बदलने का दबाव डाला। इससे मानसिक रूप से आहत होकर गगनदीप सिंह रंधावा ने यह कठोर कदम उठाया। हालांकि, इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि जांच के बाद ही हो पाएगी।
यह घटना सामने आने के बाद लालजीत सिंह भुल्लर (Laljeet Singh Bhullar) ने शनिवार, 21 मार्च 2026 को पंजाब कैबिनेट से अपना इस्तीफा दिया। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने तुरंत संज्ञान लेते हुए मंत्री से इस्तीफा ले लिया और मुख्य सचिव को पूरे मामले की निष्पक्ष जांच करने के निर्देश दिए।
उन्होंने स्पष्ट कहा कि किसी भी प्रकार की लापरवाही या दबाव की राजनीति को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मामले की जांच कर रहे हैं। वहीं मुख्यमंत्री ने साफ कहा है कि किसी भी प्रकार की लापरवाही या दबाव की राजनीति को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
भारतीय लिबरल पार्टी के अध्यक्ष डॉ मुनीश रायज़ादा (Dr. Munish Raizada) ने लालजीत सिंह भुल्लर (Laljeet Singh Bhullar) मामले पर अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने आम आदमी पार्टी की ईमानदारी और पारदर्शिता को कटघरे में खड़ा करते हुए सवाल किये। उन्होंने कहा, ''लालजीत सिंह भुल्लर से जुड़ा मामला बेहद गंभीर है और यह साफ दिखाता है कि सत्ता का गलत इस्तेमाल किया गया। जिस पार्टी ने ईमानदारी और पारदर्शिता का वादा किया था, आज उसी पर ऐसे आरोप लग रहे हैं, जो बेहद चिंताजनक हैं।
डॉ मुनीश रायज़ादा (Dr. Munish Raizada) ने आगे कहा, ''एक अधिकारी की मौत इस पूरे सिस्टम पर सवाल खड़े करती है। अगर सरकार सच में भ्रष्टाचार के खिलाफ है, तो उसे निष्पक्ष जांच करानी चाहिए और दोषियों पर सख्त कार्रवाई करनी चाहिए। जनता ने बदलाव के लिए वोट दिया था, लेकिन ऐसे मामलों से उनका भरोसा टूट रहा है।''
आपको बता दें कि भारतीय लिबरल पार्टी के अध्यक्ष डॉ मुनीश रायज़ादा (Dr. Munish Raizada) के बाद बीजेपी-कांग्रेस की ओर से भी आप आदमी पार्टी को घेरा गया। पंजाब से कांग्रेस सांसद गुरजीत सिंह औजला ने कहा कि आत्महत्या की वजह यह थी कि 13 तारीख को टेंडर जारी किया गया था और दरें स्पष्ट रूप से निर्धारित थीं। मौजूदा सरकार के मंत्री लालजीत भुल्लर ने भी अपने पिता के नाम पर टेंडर के लिए आवेदन किया था। बाद में भुल्लर ने जिला प्रबंधक गगनदीप सिंह रंधावा को घर पर बुलाकर बेइज्जती की।
गुरजीत सिंह औजला ने आरोप लगाते हुए कहा कि जिला प्रबंधक को मारा-पीटा गया और वीडियो बनाई गई। अधिकारी को गैंगस्टर से मरवाने की धमकी दी गई। अधिकारी ने डर से अपने परिवार के लोगों को रिश्तेदारों के घर भेज दिया था। इसके बाद जिला प्रबंधक ने वीडियो जारी कर सल्फास खा लिया। उन्होंने कहा कि इस मामले में आरोपी मंत्री के खिलाफ 302 के तहत मुकदमा दर्ज होना चाहिए। यहां पर सभी लोग मंत्री से डर रहे हैं। उन्होंने कहा कि गगनदीप सिंह रंधावा की हत्या की गई है।
इसके साथ ही पंजाब भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के अध्यक्ष सुनील जाखड़ ने भी आम आदमी पार्टी की कड़ी आलोचना की। मीडिया से बात करते हुए जाखड़ ने कहा कि भाजपा पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने के लिए हर स्तर पर संघर्ष करेगी। उन्होंने कहा कि पहले पंजाब में लोग जबरन वसूली का भुगतान करने में असमर्थता के कारण अपनी जान गंवा रहे थे और गैंगस्टरों के शासन का सामना कर रहे थे। लेकिन अब तो सरकारी अधिकारी भी मंत्रियों की कथित मांगों को पूरा न कर पाने के कारण आत्महत्या करने पर मजबूर हो रहे हैं।
बहरहाल, इस मामले की जाँच अभी चल रही है। क्या नतीजा आता है, इसका इंतजार रहेगा।
ऐसा पहली बार नहीं है कि लालजीत सिंह (Laljeet Singh Bhullar) भुल्लर विवादों में घिरे हैं। पंजाब में मंत्री बनने के बाद एक बार वो चलती SUV की सनरूफ से बाहर निकलते नजर आए, जिसके बाद विपक्षी दलों ने इसकी आलोचना करते हुए उन्हें ‘उड़ता मंत्री’ का टैग दिया।
फिर 26 जनवरी 2021 को किसान आंदोलन में वो अभिनेता-कार्यकर्ता दीप सिद्धू के साथ लाल किले पर नजर आए। विपक्षी दलों ने इसे राष्ट्र विरोधी गतिविधियों से जोड़ने की कोशिश की। बीजेपी और कांग्रेस ने भी इस पर भगवंत मान और अरविंद केजरीवाल से जवाब मांगा था।
वहीं, साल 2023 में वे एक बार फिर विवादों में आए, जब उन्होंने एक रैली के दौरान कांग्रेस नेता हरमिंदर सिंह गिल पर कथित जातिसूचक टिप्पणी की। इस बयान के बाद विरोध हुआ और उन्हें माफी मांगनी पड़ी थी।