झारखंड लोक सेवा आयोग और झारखंड कर्मचारी चयन आयोग की परीक्षाओं में गड़बड़ी के खिलाफ और परीक्षा सुधारों की मांग को लेकर शुक्रवार को रांची में कई छात्र संगठनों ने विधानसभा का ऐलान किया है। शुक्रवार सुबह से बड़ी संख्या में छात्र रांची के बिरसा चौक पर इकट्ठा हो रहे हैं।
झारखंड विधानसभा के मानसून सत्र के बीच होने वाले इस प्रदर्शन को देखते हुए जिला प्रशासन ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हैं। यह मार्च वामपंथी छात्र संगठनों आइसा, आरवाईए, एआईएसएफ और झारखंड जनाधिकार महासभा के आह्वान आयोजित किया जा रहा है। मार्च में आइसा की राष्ट्रीय अध्यक्ष नेहा बोरा मुख्य रूप से शामिल हो रही हैं।
आंदोलनकारियों का समूह दोपहर 12 बजे विधानसभा की ओर रुख करेगा। प्रदर्शनकारी मुख्य रूप से 14वीं जेपीएससी पीटी परीक्षा को रद्द करने, पूरे मामले की सीबीआई और ईडी से जांच कराने, ओएमआर शीट सार्वजनिक करने और परीक्षा कैलेंडर का शत-प्रतिशत अनुपालन करने की मांग कर रहे हैं। झारखंड विधानसभा के चल रहे मानसून सत्र को ध्यान में रखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा के व्यापक प्रबंध किए हैं। बिरसा चौक से विधानसभा तक के पूरे क्षेत्र में 6 अगस्त से 12 अगस्त तक बीएनएसएस की धारा 163 (निषेधाज्ञा) लागू की गई है।
सुरक्षा बलों की भारी तैनाती के साथ जगह-जगह बैरिकेडिंग की गई है ताकि प्रदर्शनकारियों को प्रतिबंधित क्षेत्र में प्रवेश करने से रोका जा सके। इसके अलावा, मौसम विभाग ने आज शहर में बारिश और वज्रपात का अलर्ट जारी किया है, जिससे यातायात और सुरक्षा व्यवस्था दोनों के प्रभावित होने की संभावना है। इस बीच, परीक्षा सुधारों को लेकर चल रहे आंदोलन में छात्र संगठनों के बीच एक स्पष्ट विभाजन भी देखने को मिल रहा है।
पिछले दो सप्ताह से जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में अनशन कर रहे मूल छात्र समूह जेपीएसएसी-जेएसएससी रिफॉर्म्स मंच ने आज के मार्च से खुद को पूरी तरह अलग कर लिया है। मंच की कोर कमेटी ने स्पष्ट किया है कि उनका आंदोलन गैर-राजनीतिक है और वे किसी भी राजनीतिक दल या उसके छात्र संगठन के बैनर तले प्रदर्शन नहीं करेंगे। मूल आंदोलनकारी छात्रों ने घोषणा की है कि उनका अपना स्वतंत्र विधानसभा महा-घेराव 10 अगस्त को आयोजित होगा।(VR)
यह भी पढ़ें:
(यह रिपोर्ट IANS न्यूज़ एजेंसी से स्वचालित रूप से ली गई है। न्यूज़ग्राम इस कंटेंट की कोई ज़िम्मेदारी नहीं लेता।)