कर्पूरी ठाकुर का जीवन सिखाता है कि राजनीति सत्ता का साधन नहीं, बल्कि सेवा का धर्म है: विजय सिन्हा IANS
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कर्पूरी ठाकुर का जीवन सिखाता है कि राजनीति सत्ता का साधन नहीं, बल्कि सेवा का धर्म है: विजय सिन्हा

बिहार के डिप्टी सीएम विजय सिन्हा ने भारत रत्न कर्पूरी ठाकुर की पुण्यतिथि पर उन्हें याद करते हुए कहा कि हमें कर्पूरी ठाकुर का जीवन सिखाता है कि राजनीति सत्ता का साधन नहीं, बल्कि सेवा का धर्म है।

Author : IANS

बिहार के डिप्टी सीएम विजय सिन्हा ने भारत रत्न कर्पूरी ठाकुर की पुण्यतिथि पर उन्हें याद करते हुए कहा कि हमें कर्पूरी ठाकुर का जीवन सिखाता है कि राजनीति सत्ता का साधन नहीं, बल्कि सेवा का धर्म है। डिप्टी सीएम विजय सिन्हा ने मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि भारत सरकार ने कर्पूरी ठाकुर को भारत रत्न से सम्मानित किया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने अपनी जिंदगी और कामों से लोगों और समाज के बीच ईमानदारी से काम करने का संदेश दिया है।

कर्पूरी ठाकुर (Karpoori Thakur ) की विरासत को सीएम नीतीश कुमार और पीएम नरेंद्र मोदी बढ़ा सकते हैं, क्योंकि ये ईमानदारी से राजनीति करते हैं, जिनका मकसद सबको साथ लेकर चलना है, जो 'सबका साथ, सबका विकास' में विश्वास करते हैं और जाति-मुक्त समाज की कल्पना करते हैं। उन्होंने राजद नेता तेजस्वी यादव पर तंज कसते हुए कहा कि वे कर्पूरी ठाकुर की विरासत को क्या आगे बढ़ाएंगे, जिन पर भ्रष्टाचार के मामले चल रहे हैं।

डिप्टी सीएम (Deputy CM) ने कहा कि समता, संघर्ष और सादगी के अप्रतिम प्रतीक जननायक कर्पूरी ठाकुर ने बिहार की राजनीति को नई दिशा दी। उन्होंने गरीबों के हक में नीतियां गढ़ीं, पिछड़ों को न्याय दिलाया और सार्वजनिक जीवन में ईमानदारी की वह ज्योति जलाई, जो आज भी भारतीय जनता पार्टी और एनडीए के लिए पथप्रदर्शक है। उनका जीवन हमें सिखाता है कि राजनीति सत्ता का साधन नहीं, सेवा का धर्म है।

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार (Nitish Kumar) को लेकर राजद नेता तेजस्वी यादव के बयान पर डिप्टी सीएम विजय सिन्हा (Vijay Sinha) ने कहा कि तेजस्वी यादव (Tejaswi Yadav) फ्रस्टेशन में हैं, वे कुछ भी बोल सकते हैं। डिप्टी सीएम विजय सिन्हा ने बताया कि एनडीए सरकार में बिहार भूमि पोर्टल की सभी सेवाएं पूरी तरह ऑनलाइन हैं। सर्वर मेंटेनेंस के बाद डेटा सुरक्षा, पारदर्शिता और कार्यक्षमता और मजबूत हुई है।

अब क्षेत्रफल का मानकीकरण हेक्टेयर की जगह एकड़-डिसमिल में किया जाएगा। उन्होंने बताया कि सात निश्चय-3 के तहत बिहार में शिक्षा को नई ऊंचाई देने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। राज्य के 55 पुराने प्रतिष्ठित शिक्षण संस्थान अब सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के लिए चयनित किए गए हैं।

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