राजस्थान के झालावाड़ जिले की भवानीमंडी पुलिस को साइबर ठगी करने वाले अंतरराज्यीय गिरोह का पर्दाफाश करने में बड़ी सफलता हाथ लगी है। भवानीमंडी पुलिस ने साइबर अपराध के विरुद्ध एक बड़ी सर्जिकल स्ट्राइक कर करोड़ों की साइबर ठगी करने वाले अंतरराज्यीय गिरोह का पर्दाफाश कर तीन शातिरों को गिरफ्तार किया है।
पुलिस ने म्यूल बैंक खातों के जरिए देश व्यापी ठगी को अंजाम देने वाले एक संगठित गिरोह के तीन मुख्य आरोपियों की गिरफ्तार करने में सफलता प्राप्त की है। पुलिस ने तलाशी के दौरान अपराधियों के पास से बड़ी संख्या में एटीएम कार्ड, चेकबुक और नकदी बरामद की है, जो इस बात का सबूत है कि यह गिरोह कितने बड़े स्तर पर सक्रिय था।
मामले को लेकर जिला पुलिस अधीक्षक अमित कुमार ने खुलासा करते हुए बताया कि ये आरोपी आम लोगों को लालच देकर उनके नाम पर बैंक खाते खुलवाते थे या लोगों के बैंक खाते उन्हें लाखों रुपए का लालच देकर खरीद लेते थे। साइबर ठगों द्वारा इन खातों का उपयोग 'म्यूल अकाउंट' के रूप में किया जाता था।
अपराधी द्वारा साइबर ठगी की मोटी रकम को कानूनी एजेंसियों की नजरों से बचाने के लिए इन खातों में पैसा ट्रांसफर किया जाता था और फिर अलग-अलग शहरों से एटीएम के माध्यम से निकाल लिया जाता था। पकड़े गए आरोपियों के खातों का संबंध देश के कई राज्यों में दर्ज साइबर अपराधों से पाया गया है।
एसपी ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों की पहचान ललित राणा, अजय विश्वकर्मा और राजेश कुमार के रूप में हुई है। तीनों भवानीमंडी क्षेत्र के रहने वाले हैं, जिनके पास से 53 एटीएम कार्ड (विभिन्न बैंकों के), 35 चेक बुक, 6 बैंक पासबुक, 9 मोबाइल सिम, 1 लैपटॉप (साइबर फ्रॉड के लिए उपयोग किया जा रहा था) और 1,54,800 रुपए नगद जब्त किए गए हैं। पुलिस इनसे पूछताछ कर रही है और गिरोह के बारे में जानकारियां भी जुटा रही है। [SP]
(यह रिपोर्ट IANS न्यूज़ एजेंसी से स्वचालित रूप से ली गई है। न्यूज़ग्राम इस कंटेंट की कोई ज़िम्मेदारी नहीं लेता।)