जेम्स विल्सन से निर्मला सीतारमण तक, भारत के बजट की 160 साल की कहानी AI Generated
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जेम्स विल्सन से निर्मला सीतारमण तक, भारत के बजट की 160 साल की कहानी

संसद में आम बजट 1 फरवरी 2026 को निर्मला सीतारमण पेश करेंगी। निर्मला सीतारमण लगातार 9 वां बजट पेश करेंगी। बजट को लेकर सुगबुगाहट तेज़ हो गई है।

Author : Pradeep Yadav
Reviewed By : Mayank Kumar

  • 1 फरवरी 2026 को निर्मला सीतारमण संसद में आम बजट पेश करेंगी। इसके साथ ही वे किसी एक ही प्रधानमंत्री के कार्यकाल में लगातार 9वां बजट पेश करने वाली पहली वित्त मंत्री बन जाएंगी।

  • भारत में बजट की शुरुआत 7 अप्रैल 1860 को जेम्स विल्सन ने कलकत्ता में की थी। स्वतंत्र भारत का पहला बजट 26 नवम्बर 1947 को आर. के. शनमुखम शेट्टी ने पेश किया था। समय के साथ बजट की तारीख, समय और स्वरूप में कई बड़े बदलाव हुए।

  • रेल बजट को 1924 में आम बजट से अलग किया गया था, जिसे 2017 में फिर से मिला दिया गया। 2001 में बजट पेश करने का समय शाम 5 बजे से बदलकर सुबह 11 बजे किया गया।

संसद में आम बजट 1 फरवरी 2026 को निर्मला सीतारमण पेश करेंगी। निर्मला सीतारमण लगातार 9 वां बजट पेश करेंगी। बजट को लेकर सुगबुगाहट तेज़ हो गई है। सीतारमण अकेली वित्त मंत्री हैं जो किसी एक ही प्रधानमंत्री के कार्यकाल में लगातार 9 वीं बार बजट पेश करेंगी। बजट को पेश करने की प्रक्रिया में बहुत समय से बदलाव भी होता रहा है। भारत में आम बजट को पेश करने का एक इतिहास है जो इस प्रकार है -

सबसे पहला बजट -

1857 की क्रांति के बाद ब्रिटिश सरकार के समक्ष वित्तीय चुनौतियां बढ़ गई थी। वित्तीय चुनौतियों के जवाब में भारत के बजट की शुरुआत होती है। बजट का जो स्वरुप आज है, ऐसे बजट की शुरुआत जेम्स विल्सन (James Wilson) के साथ होता है। जेम्स विल्सन उस समय ब्रिटिश सरकार में वित्तमंत्री हुआ करते थे। उनका सम्बन्ध ब्रिटेन की लिबरल पार्टी से था। जेम्स विल्सन ने 7 अप्रैल 1860 को कलकत्ता में ब्रिटिश भारत की विधान परिषद् (Legislative Council of British India) में भारत के पहले बजट को पढ़ा था। उस समय कलकत्ता (Calcutta) ब्रिटिश भारत की राजधानी थी। इस बजट की खासियत यह थी कि भारत में पहली बार आयकर लागू किया गया था। नमक पर ब्रिटिश सरकार ने कर यानी टैक्स लगाया दिया था। जेम्स विल्सन ने अंग्रेजी प्रणाली पर आधारित विनियोग लेखापरीक्षा भी शुरू की, जिसका उद्देश्य मासिक व्यय खातों की निगरानी करना था।

स्वतंत्र भारत में पहला बजट

15 अगस्त 1947 को भारत को आज़ादी मिलने के बाद 26 नवम्बर 1947 को भारत के जाने माने वकील और अर्थशास्त्री आर.के. शनमुखम शेट्टी (R.K. Shanmukham Chetty) ने देश का पहला बजट पेश किया था। आर के शनमुखम शेट्टी मद्रास प्रेसीडेंसी (तमिलनाडु) के कोयम्बटूर के रहने वाले थे। जवाहर लाल नेहरू(Jawahar Lal Nehru) की अंतरिम सरकार में जब शनमुखम शेट्टी (R.K. Shanmukham Chetty) ने स्वतंत्र भारत का पहला बजट पेश किया तो उस समय वो कांग्रेस के सदस्य नहीं थे।

देश के सामने आर्थिक चुनौती मुंह खोलकर खड़ी थी। बजट में कुछ अप्रत्यक्ष करों को कम किया गया और यह ध्यान रखने की कोशिश की गई थी कि आम जनता पर ज्यादा कर (Tax) का बोझ न पड़े। उस समय बजट में कुल अनुमानित खर्च लगभग 197.29 करोड़ निर्धारित हुआ था और अनुमानित राजस्व 171.15 करोड़ रुपये था। सीमा सुरक्षा हेतु रक्षा बजट, कृषि सुधार, शरणार्थी पुनर्वास इत्यादि चीजों को बजट के अंतर्गत लाने का प्रयास किया गया था।

रेल बजट को आम बजट से अलग किया गया

साल 1921 में विलियम एकवर्थ (William Acworth) के अध्यक्षता में 10 सदस्ययी समिति का गठन किया गया। इस समिति में तीन भारतीय सदस्य (वी. एस. श्रीनिवास शास्त्री, पुरुषोत्तम दास ठकुरदास, राजेंद्रनाथ मुखर्जी) भी थे। इस समिति ने अपने रिपोर्ट में बताया कि रेल बजट(Railway Budget) को आम बजट से अलग कर देना चाहिए। समिति ने सिफारिश किया कि रेलवे बहुत बड़ा विभाग है। अंतः इसके बजट को आम बजट से अलग किया जाए। समिति की सिफारिश के आधार पर 1924 से रेल बजट (Railway Budget) को आम बजट से अलग कर दिया गया। यह सिलसिला स्वतंत्रता के बाद भी जारी रहा। फिर साल 2017 में भाजपा(BJP) समर्थित राजग(NDA) सरकार ने रेल बजट (Railway Budget) को आम बजट के साथ मिला दिया गया।

बदलता रहा है बजट पेश करने का समय

स्वतंत्र भारत में बजट पेश करने का समय सामान्य तौर पर सायं 5 बजे हुआ करता था। साल 2001 में अटल बिहारी वाजपेयी (Atal Bihari Vajpayee) सरकार में वित्तमंत्री यशवंत सिन्हा ने बजट के समय को सायं 5 से बदलकर सुबह 11 बजे कर दिया। 2017 के पहले रेल बजट और आम बजट अलग-अलग हुआ करते थे परन्तु 2017 में भाजपा (BJP) समर्थित राजग (NDA) सरकार द्वारा रेल बजट (Railway Budget) को आम बजट के साथ मिला दिया गया। यह फैसल नरेंद्र मोदी के मंत्रिमंडल में वित्तमंत्री अरुण जेटली के समय हुआ था।

भारत (India) में बजट के पेश करने की तारीख़ फ़िलहाल सामान्य तौर पर फरवरी महीना का पहला सप्ताह है। परन्तु इसके पहले बजट सामान्य तौर पर फरवरी महीने के अंतिम सप्ताह में पेश किया जाता था। बजट को पेश करने का समय साल 2017 से बदल दिया गया। यह इसलिए किया गया ताकि 1 अप्रैल से योजनाओं को लागू करने में आसानी हो जाए।

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सर्वाधिक बजट पेश करने का रिकार्ड

बता दें कि सर्वाधिक बजट पेश करने का रिकार्ड, पूर्व में प्रधानमंत्री रह चुके मोरारजी देसाई का है। मोरारजी देसाई ने कुल 10 बजट पेश किया है। मोरारजी देसाई (Morarji Desai),गुजरात राज्य से ताल्लुकात रखते थे। जवाहर लाल नेहरू (Jawaharlal Nehru) के मंत्रिमंडल में साल 1958 -1963 तक वित्तमंत्री थे। इंदिरा गाँधी (Indira Gandhi) मंत्रिमंडल में 1967 से 1969 तक वित्तमंत्री थे। उसके बाद जब 1977 में पहली बार केंद्र में गैर-कांग्रेसी (जनता पार्टी ) सरकार में प्रधानमंत्री बने तो 1977 से लेकर 1979 तक वित्त मंत्रालय को अपने हाथ में रखा।

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