भारत की नेपाल को मदद जारी, 11 सदस्यों वाली बचाव टीम और 5.5 टन मानवीय सहायता लेकर पांचवां विमान रवाना IANS
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भारत की नेपाल को मदद जारी, 11 सदस्यों वाली बचाव टीम और 5.5 टन मानवीय सहायता लेकर पांचवां विमान रवाना

26 अगस्त को तिब्बत में ग्लेशियर टूटने के बाद नेपाल में आई व‍िनाशकारी बाढ़ के बाद भारत की ओर से मदद लगातार जारी है। विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने बुधवार को बताया कि नेपाल के लिए भारत का पांचवां राहत विमान रवाना हो गया है। यह विमान 11 सदस्यीय बचाव दल, विशेष बचाव उपकरणों और 5.5 टन जरूरी दवाइयों के साथ नेपाल भेजा गया है।

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26 अगस्त को तिब्बत में ग्लेशियर टूटने के बाद नेपाल में आई व‍िनाशकारी बाढ़ के बाद भारत की ओर से मदद लगातार जारी है। विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने बुधवार को बताया कि नेपाल के लिए भारत का पांचवां राहत विमान रवाना हो गया है। यह विमान 11 सदस्यीय बचाव दल, विशेष बचाव उपकरणों और 5.5 टन जरूरी दवाइयों के साथ नेपाल भेजा गया है।

जयशंकर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्‍स' पर लिखा, "नेपाल के लिए भारत का पांचवां विमान रवाना हो गया है। इसमें 11 सदस्यीय बचाव दल, विशेष उपकरण और 5.5 टन जरूरी दवाइयां भेजी जा रही हैं।"

नेपाल की मदद के लिए भारत अब तक 68 टन से अधिक राहत सामग्री और विशेष बचाव दल भेज चुका है। भेजी गई राहत सामग्री में कंबल, स्लीपिंग बैग, मजबूत तिरपाल, प्लास्टिक शीट और हाइजीन किट शामिल हैं। इसके अलावा जरूरी दवाइयां, खाद्य पैकेट, सोलर लैंप, पानी शुद्ध करने की गोलियां और पोर्टेबल जनरेटर भी भेजे गए हैं।

इससे पहले मंगलवार को नेपाल के अधिकारियों ने बताया कि पिछले सप्ताह आई विनाशकारी बाढ़ में मरने वालों की संख्या एक हजार से अधिक हो गई है। अलग-अलग जिलों में नदियों के किनारे लगातार शव मिलने के कारण यह आंकड़ा बढ़ता जा रहा है।

नेशनल डिजास्टर रिस्क रिडक्शन एंड मैनेजमेंट अथॉरिटी (एनडीआरआरएमए) के अनुसार, अब तक 1003 शव बरामद किए जा चुके हैं। सबसे ज्यादा 321 शव चितवन जिले में मिले हैं, जबकि 216 शव नवलपरासी पूर्व जिले में बरामद हुए हैं।

नेपाल पुलिस के अनुसार, 4,606 लोग अब भी लापता हैं, जिनमें 583 विदेशी नागरिक भी शामिल हैं। इससे आशंका है कि मृतकों की संख्या आगे और बढ़ सकती है।

नेपाल सरकार ने बताया कि रसुवा और नुवाकोट जिलों में भोटेकोशी और त्रिशूली नदी क्षेत्र की जलविद्युत परियोजनाओं में लापता लोगों की तलाश लगातार जारी है।

नेपाल सरकार के अनुरोध पर भारत और चीन ने जलविद्युत परियोजनाओं की सुरंगों में फंसे लोगों की खोज और बचाव में मदद के लिए तकनीकी विशेषज्ञों की टीमें भेजी हैं।

इस बीच, भारत की 19 सदस्यीय फोरेंसिक टीम ने नेपाल के विशेषज्ञों के साथ मिलकर डीएनए नमूनों की जांच शुरू कर दी है।

इसका उद्देश्य बाढ़ में जान गंवाने वाले लोगों की पहचान करने में नेपाल की मदद करना है, ताकि प्रभावित परिवारों को सही जानकारी दी जा सके और आवश्यक प्रक्रिया पूरी की जा सके।(VR)

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(यह रिपोर्ट IANS न्यूज़ एजेंसी से स्वचालित रूप से ली गई है। न्यूज़ग्राम इस कंटेंट की कोई ज़िम्मेदारी नहीं लेता।)