गर्मी के मौसम में फूड पॉइजनिंग के मामले बढ़ते दिखते हैं। ऐसे में हेल्थ एक्सपर्ट लोगों को चेतावनी देने के साथ इससे बचाव के उपाय भी बताते हैं। बासी भोजन, खुले में रखा खाना और गंदा पानी फूड पॉइजनिंग का सबसे बड़ा कारण है। गर्मी के मौसम में खान-पान पर विशेष ध्यान देना बहुत जरूरी है। अगर सावधानी बरती जाए तो इस समस्या को आसानी से रोका जा सकता है।
नेशनल हेल्थ मिशन (एनएचएम) के अनुसार, गर्मी में खाना जल्दी खराब हो जाता है। अगर भोजन को ढककर न रखा जाए तो मक्खियां और धूल उसमें बैठ जाती हैं, जिससे बैक्टीरिया बढ़ते हैं। फूड पॉइजनिंग एक गंभीर स्वास्थ्य समस्या है, जिसमें दूषित भोजन या पानी से बैक्टीरिया, वायरस या परजीवी शरीर में प्रवेश कर जाते हैं। इससे उल्टी, दस्त, पेट दर्द, बुखार और कमजोरी जैसे लक्षण दिखते हैं। कभी-कभी यह स्थिति इतनी गंभीर हो जाती है कि अस्पताल में भर्ती तक होना पड़ जाता है।
गर्मी में खाना जल्दी खराब हो जाता है। अगर भोजन को ढककर न रखा जाए तो मक्खियां और धूल उसमें बैठ जाती हैं, जिससे बैक्टीरिया बढ़ते हैं। फूड पॉइजनिंग के मुख्य कारणों पर नजर डालें तो दूषित या गंदा पानी पीना, बासी और खराब हो चुका भोजन खाना, खुले और अस्वच्छ वातावरण में रखा खाना, भोजन बनाने या खाने से पहले हाथ न धोना आदि शामिल है।
एक्सपर्ट बचाव के आसान और प्रभावी उपाय भी बताते हैं। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि थोड़ी सी सावधानी से फूड पॉइजनिंग से बचा जा सकता है। इसके लिए एनएचएम ने कुछ आसान उपाय बताए हैं, जैसे भोजन बनाने और खाने से पहले अच्छी तरह हाथ धोएं। हमेशा ताजा और अच्छी तरह पका हुआ भोजन ही खाएं। बासी भोजन बिल्कुल न खाएं। स्ट्रीट फूड या खुले में रखे खाद्य पदार्थों से बचें। पीने का पानी हमेशा उबालकर या फिल्टर किया हुआ स्वच्छ पानी ही पिएं। बचे हुए भोजन को ढककर फ्रिज में रखें और दोबारा इस्तेमाल से पहले अच्छी तरह गर्म करें। कच्ची सब्जियां और फल खाने से पहले अच्छी तरह धोएं।
विशेष रूप से बच्चों, बुजुर्गों और कमजोर इम्युनिटी वाले लोगों को इन बातों का ज्यादा ध्यान रखना चाहिए। किसी को फूड पॉइजनिंग के लक्षण दिखें जैसे बार-बार उल्टी, दस्त या तेज बुखार, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें। [SP]
(यह रिपोर्ट IANS न्यूज़ एजेंसी से स्वचालित रूप से ली गई है। न्यूज़ग्राम इस कंटेंट की कोई ज़िम्मेदारी नहीं लेता।)