बिहार (Bihar) के गोपालगंज जिले के मांझा थाना क्षेत्र के दानापुर गांव में दिसंबर 2013 में हुए चर्चित पुजारी हत्या मामले (Murder Case) में अदालत ने बड़ा फैसला सुनाया है।
अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश-नवम राकेश रंजन सिंह की अदालत ने इस सनसनीखेज वारदात में तीन अभियुक्तों को दोषी करार देते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई है। साथ ही प्रत्येक दोषी पर 50 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया है। अगर जुर्माना नहीं चुकाया गया तो दोषियों को दो साल की अतिरिक्त सजा भी भुगतनी होगी।
यह मामला दानेश्वर नाथ मंदिर (Temple) के पुजारी मनोज साह से जुड़ा है। 10 दिसंबर 2023 को पुजारी अचानक लापता हो गए थे। शुरुआत में यह गुमशुदगी का मामला लग रहा था, लेकिन 16 दिसंबर को उनका शव दानापुर के पास एक जगह से बरामद हुआ। जांच में सामने आया कि हत्या प्रेम प्रसंग से जुड़ी थी।
पुलिस (Police) ने तकनीकी साक्ष्य, कॉल डिटेल्स, गवाहों के बयान और परिस्थितिजन्य प्रमाणों के आधार पर जांच की। जांच से पता चला कि पुजारी का एक महिला के साथ प्रेम संबंध था, जिसके चलते विवाद बढ़ गया। महिला ने अन्य लोगों के साथ मिलकर सुनियोजित तरीके से हत्या की और शव को छिपाने की कोशिश की।
पुलिस ने दानापुर गांव के अमित कुमार, नेहा कुमारी और सुनीता देवी को गिरफ्तार किया। आरोप पत्र दाखिल होने के बाद लंबी सुनवाई चली। अदालत ने साक्ष्यों को देखते हुए तीनों को दोषी माना। कोर्ट ने इसे योजनाबद्ध, क्रूर और भ्रामक तरीके से की गई हत्या बताया। भाई-बहन समेत तीनों दोषियों को उम्रकैद की सजा सुनाई गई।
बता दें कि यह फैसला पूरे जिले में चर्चा का विषय बना हुआ है। एक धार्मिक व्यक्ति की ऐसी क्रूर हत्या, प्रेम संबंध, साजिश और शव छिपाने जैसी बातों ने लोगों को काफी प्रभावित किया था।
(PO)