महाराष्ट्र के अमरावती सरकारी अस्पताल में लगी आग, प्रशासन की लापरवाही के भेट चढ़े 3 नवजात x
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महाराष्ट्र के अमरावती सरकारी अस्पताल में लगी आग, प्रशासन की लापरवाही के भेट चढ़े 3 नवजात

महाराष्ट्र स्थित अमरावती जिले के महिला अस्पताल में भीषण आग लगने से 3 नवजात बच्चो की मौत हो गई। इस दर्दनाक हादसे के बाद अस्पताल के फायर ऑडिट में देरी पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं, वही अस्पताल ने इस घटना का जिम्मेदार लोक निर्माण विभाग (PWD) की लापरवाही को ठहराया है।

Author : न्यूज़ग्राम डेस्क

महाराष्ट्र (Maharastra) स्थित अमरावती जिले के महिला अस्पताल में भीषण आग लगने से 3 नवजात बच्चो की मौत हो गई। इस दर्दनाक हादसे के बाद अस्पताल के फायर ऑडिट में देरी पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं, वही अस्पताल ने इस घटना का जिम्मेदार लोक निर्माण विभाग (PWD) की लापरवाही को ठहराया है।

अमरावती सरकारी अस्पताल में दर्दनाक हादसा

महाराष्ट्र के अमरावती (Amravati) क्षेत्र के महिला अस्पताल में दिल दहला देने वाला हादसा सामने आया। अस्पताल के नियोनेटल इंटेंसिव केयर यूनिट (NICU) में 24 अगस्त सुबह करीब 3:30 बजे अचानक वेंटिलेटर में जोरदर धमाका हुआ। जिसके बाद NICU में आग लगी (Fire breaks out) और देखते- देखते अस्पातल में तेज़ी से आग फैल गई। आग लगने के बाद अस्पताल में अफरातफरी का माहौल बन गया। वही, घटना के दौरान चाइल्ड केयर यूनिट में 39 नवजात शिशु भर्ती थे। इस हादसे में 3 नवजात शिशु आग की चपेट में आ गए जबकि 36 बच्चों को सुरक्षित निकला गया।

अमरावती के पुलिस कमिश्नर का बयान

अमरावती के पुलिस कमिश्नर राकेश ओला के अनुसार, अस्पताल के नियोनेटल इंटेंसिव केयर यूनिट (NICU) के तीन कंपार्टमेंट में हैं जिसमें से एक हिस्से में जहां आग फैली वहां 9 नवजात शिशु भर्ती थे। और 3 बच्चे इस हादसे का शिकार हो गए और 6 बच्चों को सुरक्षित बाहर निकालकर उनके इलाज के लिए दूसरे वॉर्ड में शिफ्ट किया गया हैं। आगे उन्होंने कहा कि अभी इन 6 बच्चों की क्या स्थिति हैं उसकी आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है।

अस्पातल के फायर ऑडिट पर सवाल

अस्पातल के फायर ऑडिट और सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठ रहा है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, अस्पताल का फायर ऑडिट 21 अगस्त को खत्म होना था। इसको लेकर कार्यवाहक मेडिकल सुपरिटेंडेंट डॉ। विनोद पवार ने 25 जून को लोक निर्माण विभाग (PWD) को पत्र लिखा था और फायर ऑडिट का अनुरोध किया। PWD को बार-बार सूचना देने के बाद भी फायर ऑडिट में देरी हुई। जिसके कारण यह दर्दनाक हादसा हुआ। अब सवाल यह उठ रहा है कि लोक निर्माण विभाग के द्वारा अगर समय रहते कार्रवाई होती तो यह हादसा टाला जा सकता था? 3 नवजात शिशु की मौत के बाद पीडब्ल्यूडी और फायर सेफ्टी ऑडिट में हुई लापरवाही को लेकर जांच की मांग की जारी हैं।

सीएम ने इस हादसे पर जताया दुख

महाराष्ट्र के सीएम देवेन्द्र फडणवीस ने 24 अगस्त को सोशल मीडिया प्लेटफार्म X (पूर्व ट्विटर) पर एक पोस्ट साझा की। उस पोस्ट में उन्होंने हादसे पर अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त कर हादसे को हृदयविदारक बताया। इसके साथ उन्होंने इस घटना की जांच करने और जिम्मेदार दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने के आदेश जारी किए। और सीएम फडणवीस ने मृतकों के परिजनों को 5 लाख की आर्धिक मदद प्रदान करने की बात कही।(VR/MK)

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