दुमका के शिकारीपाड़ा में ई-रिक्शा चालक हत्या के विरोध में ग्रामीण NH-114ए जाम करते हुए। IANS
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दुमका में ई-रिक्शा चालक की हत्या पर फूटा गुस्सा, शव के साथ ग्रामीणों ने एनएच पर लगाया जाम

दुमका के शिकारीपाड़ा में ई-रिक्शा चालक हत्या के विरोध में ग्रामीणों ने एनएच-114ए को जाम किया।

Author : IANS

आक्रोशित लोगों ने शव को सड़क पर रखकर प्रदर्शन किया और हत्या में शामिल सभी आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी तथा पीड़ित परिवार को मुआवजा देने की मांग की। सड़क जाम के कारण यात्री बसों और मालवाहक वाहनों की लंबी कतारें लग गईं, जिससे घंटों यातायात ठप रहा। घटना शिकारीपाड़ा थाना क्षेत्र के शिमला ढाका गांव की है। गांव में दो पक्षों के बीच लंबे समय से जमीन विवाद चल रहा था।

रविवार को एक पक्ष के कुछ लोग ई-रिक्शा चालक सफारुद्दीन मियां (Safruddin Miyan) के वाहन से शिकारीपाड़ा थाना जा रहे थे। इसी दौरान दूसरे पक्ष के लोगों ने रास्ते में ई-रिक्शा को रोक लिया और चालक पर एक पक्ष का समर्थन करने का आरोप लगाते हुए उससे विवाद करने लगे। देखते ही देखते विवाद बढ़ गया और आरोपियों ने लात-घूंसे व लाठी से सफारुद्दीन मियां की बेरहमी से पिटाई कर दी।

गंभीर रूप से घायल सफारुद्दीन मियां को पहले शिकारीपाड़ा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया। प्राथमिक इलाज के बाद उनकी हालत नाजुक देखते हुए दुमका मेडिकल कॉलेज अस्पताल भेजा गया, जहां से बेहतर इलाज के लिए वर्धमान रेफर किया गया।

इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। सोमवार को जब मृतक का शव गांव पहुंचा, तो परिजन और ग्रामीण आक्रोशित हो उठे। मृतक के रिश्तेदार मोइन अंसारी ने बताया कि सफारुद्दीन मियां परिवार के एकमात्र कमाऊ सदस्य थे और उनकी छह बेटियां हैं। उनकी मौत से परिवार के सामने गंभीर आजीविका संकट खड़ा हो गया है। परिजनों ने करीम मियां, कोबाद मियां, जलील अंसारी, अब्दुल मियां, रमजान अंसारी और बशीर मियां पर हत्या (Murder) का आरोप लगाया है।

सड़क जाम की सूचना मिलने पर शिकारीपाड़ा थाना प्रभारी अमित लकड़ा पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और लोगों को समझाने का प्रयास किया। उन्होंने बताया कि घटना के संबंध में छह नामजद आरोपियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है, जिनमें से दो आरोपियों को गिरफ्तार (Arrest) कर लिया गया है। शेष आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है।

[AK]