पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के पहले चरण के मतदान में रिकॉर्ड वोटिंग के बाद भाजपा नेता दिलीप घोष ने मतदान प्रक्रिया को लेकर बयान दिया।
दिलीप घोष ने कहा कि इस बार का चुनाव पहले की तुलना में बिल्कुल अलग रहा। उन्होंने कहा कि पहले मतदाताओं को डराया-धमकाया जाता था और कई बार पुलिस भी लोगों को वोट डालने से रोकती थी, जिसके कारण लोग चाहकर भी मतदान नहीं कर पाते थे लेकिन इस बार ऐसा माहौल देखने को नहीं मिला।
उन्होंने कहा, "इस बार सभी मतदाताओं ने मिलकर वोट डाला। किसी तरह का डर नहीं था।" उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जो भरोसा दिया था कि 'डर आउट, भरोसा इन, भाजपा को वोट दें' वह जमीन पर सच होता नजर आया।
दिलीप घोष के मुताबिक, इस बार के मतदान ने पश्चिम बंगाल की राजनीति में एक बड़ा बदलाव दिखाया है। उन्होंने इसके लिए चुनाव आयोग की भूमिका की सराहना करते हुए धन्यवाद भी दिया।
वहीं, मतदान के दौरान मौसम भी बड़ी चुनौती बनकर सामने आया। दिलीप घोष ने बताया कि गुरुवार को तापमान 40 से 42 डिग्री सेल्सियस के बीच था और उमस के कारण हालात और भी मुश्किल हो गए थे। उन्होंने कहा कि इस गर्मी और नमी में मतदाताओं, चुनाव अधिकारियों और सुरक्षा कर्मियों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा।
इसके बावजूद, उन्होंने लोगों की सराहना करते हुए कहा कि सभी ने अपने कर्तव्य को निभाया और बड़ी संख्या में मतदान किया। बता दें कि गुरुवार को पश्चिम बंगाल में पहले चरण के तहत 152 सीटों पर मतदान संपन्न हुआ। अब दूसरे चरण में 142 सीटों पर वोट डाले जाएंगे, जिसके लिए 29 अप्रैल की तारीख तय की गई है। 4 मई को वोटों की गिनती होगी। इसी दिन चुनाव के नतीजे घोषित किए जाएंगे।
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(यह रिपोर्ट IANS न्यूज़ एजेंसी से स्वचालित रूप से ली गई है। न्यूज़ग्राम इस कंटेंट की कोई ज़िम्मेदारी नहीं लेता।)