दिल्ली में महिलाओं की सुरक्षा पर खतरा! रोजाना 54 लोग हो रहे गायब, बच्चों पर भी बुरी नजर AI Generated
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दिल्ली में महिलाओं की सुरक्षा पर खतरा! रोजाना 54 लोग हो रहे गायब, बच्चों पर भी बुरी नजर

दिल्ली पुलिस के आधिकारिक आंकड़े के अनुसार दिल्ली से लोगों के गायब होने की शिकायतों की संख्या बढ़ती जा रही है। दिल्ली पुलिस के जो आंकड़े सामने आए हैं, उसने सबको चौंका दिया है।

Author : Pradeep Yadav
Reviewed By : Mayank Kumar

  • दिल्ली की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल: हालिया बम धमाके और बढ़ती लापता लोगों की घटनाओं ने राजधानी की सुरक्षा व्यवस्था पर चिंता बढ़ा दी है।

  • लापता लोगों के आंकड़े चौंकाने वाले: 1–15 जनवरी के बीच 807 लोग लापता हुए, जिनमें 509 महिलाएं हैं, जो बेहद चिंताजनक है।

  • सरकार और गृह मंत्रालय की जवाबदेही: चूंकि दिल्ली पुलिस गृह मंत्रालय के अधीन है, इसलिए इन घटनाओं और सुरक्षा चूक को लेकर केंद्र सरकार और गृह मंत्री से जवाबदेही तय करने की मांग उठ रही है।

देश की राजधानी दिल्ली में कुछ दिनों से सुरक्षा व्यवस्था को लेकर लगातार सवाल खड़े किये जा रहे हैं। पिछले ही दिनों की बात है लाल किले से कुछ ही दूरी पर बड़े बम धमाके की ख़बर ने सबको अचंभित कर दिया था। देश की राजधानी दिल्ली में इसको लेकर प्रशासन पर काफी सवाल भी खड़े किए गए। वहीं दूसरी तरफ देश की राजधानी दिल्ली में अलग-अलग जगहों से लोगों के गायब होने की खबर आ रही है। यह कोई सामान्य बात नहीं है। दिल्ली पुलिस के आधिकारिक आंकड़े के अनुसार दिल्ली से लोगों के गायब होने की शिकायतों की संख्या बढ़ती जा रही है। दिल्ली पुलिस के जो आंकड़े सामने आए हैं, उसने सबको चौंका दिया है।

क्या कहते हैं दिल्ली पुलिस के आंकड़े ?

दिल्ली पुलिस (Delhi Police) के आधिकारिक आंकड़े के अनुसार 1 जनवरी से 15 जनवरी के बीच, सिर्फ 15 दिनों के भीतर दिल्ली से 807 लोग लापता हो चुके हैं। अगर औसत निकाला जाए तो हर दिन करीब 54 लोग गायब हो रहे हैं। यह मामला लोगों के लिए चिंताजनक विषय बन गया है। देश की राजधानी में अगर इस तरीके के आंकड़े सामने आ रहे हैं तो फिर सवाल बहुत बड़ा बनता है कि सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सरकार क्या कर रही है।

महिलाएं दिल्ली में असुरक्षित!

देश की राजधानी में महिलाएं सुरक्षित नज़र नहीं आ रहीं है। दिल्ली पुलिस के आधिकारिक आंकड़े के अनुसार सिर्फ 15 दिनों में 807 लोगों के गायब होने वालों में ज्यादा संख्या महिलाओं की है। 807 में से महिलाओं की संख्या 509 और पुरुषों की संख्या 253 है। महिलाओं के गायब होने वाले ये आंकड़े प्रशासन पर काफी सवाल खड़े कर रहा है। एक तरफ जहाँ महिलाओं को लेकर सरकार ये दावे करती रहती है कि महिलाएं देश में सुरक्षित हैं, बेटी बचाओ -बेटी पढ़ाओ का नारा लगाती है, दूसरी तरफ महिलाओं के गायब होने की संख्या सरकार के लिए सवाल खड़े कर रही है।

बच्चों के आंकड़े चौंकाने वाले

दिल्ली पुलिस के आंकड़ों के अनुसार 1 जनवरी से 15 जनवरी तक जो लोग गायब हुए हैं, उनमें बच्चों की संख्या भी चौंका देने वाली है। 807 लोगों में से 191 नाबालिग बच्चे लापता हुए हैं। इन नाबालिग बच्चों में किशोर और किशोरियाँ दोनो हैं। गायब होने वाले बच्चों की तलाश अभी भी जारी है। ज्यादा मामले ऐसे हैं जिनका कोई आधार नहीं मिल रहा है। पुलिस अभी भी लापता लोगों की तलाश में है।

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दिल्ली सरकार और गृह मंत्रालय से सवाल

बता दें कि दिल्ली पुलिस (Delhi Police) केंद्र सरकार के गृह मंत्रालय (Ministry of Home Affairs) के अंतर्गत आती है। दिल्ली पुलिस पर गृह मंत्रालय का सीधा नियंत्रण होता है। ऐसे में सवाल बनता है कि देश के गृह मंत्री का ध्यान कहाँ हैं? देश की राजधानी दिल्ली में इस तरीके के आंकड़ों और सुरक्षा व्यवस्था में हो रही चूक पर सरकार की जवाबदेही बनती है। देश के नेताओं का ध्यान सिर्फ चुनावों पर अटका हुआ है। देश की संसद में पहुंचने के पश्चात् जो ज़िम्मेदारी जिसे सौंपी गई है, उसे कैसे पूरा किया जा रहा है ? दिल्ली की जनता, सरकार की लापरवाही पर, सरकार से सवाल कर रही है।