दिल्ली में LPG की आपूर्ति बाधित होने से 70 प्रतिशत होटल-रेस्टोरेंट बंद हो गए है l दिल्ली में हजारों की संख्या में होटल, पब और क्लब है, इन में से अधिकतम बंद हो चुके है और कुछ जल्द ही बंद होने वाले है l  AI Generated
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पहले हवा-पानी और अब खाना...दिल्ली में LPG संकट से मचा त्राहिमाम, 70% रेस्तरां ने बंद की सर्विस !

लगता है दिल्ली वालों को कभी कोई राहत नहीं मिलेगी। हवा-पानी के बाद अब राज्य में खाने की किल्लत हो सकती है। दरअसल, दिल्ली में LPG की आपूर्ति बाधित होने से 70 प्रतिशत होटल-रेस्टोरेंट बंद हो गए है l

Author : न्यूज़ग्राम डेस्क

लगता है दिल्ली वालों को कभी कोई राहत नहीं मिलेगी। हवा-पानी के बाद अब राज्य में खाने की किल्लत हो सकती है। दरअसल, दिल्ली में LPG की आपूर्ति बाधित होने से 70 प्रतिशत होटल-रेस्टोरेंट बंद हो गए है l दिल्ली में हजारों की संख्या में होटल, पब और क्लब हैं, इन में से अधिकतम बंद हो चुके हैं और कुछ जल्द ही बंद होने वाले हैंl इन सब में सबसे बड़ी वजह जो सामने आई है वह गैस सिलिंडर की भारी कमी हैं l सब मिला जुला कर होटल संचालक काफी परेशान हैं और व्यंजनों के दाम बढ़ा दिए हैं और कुछ सीमित मेन्यू के साथ काम चल रहा है l 

नेशनल रेस्टोरेंट एसोसिएशन ऑफ़ इंडिया (National Restaurant Association of India) के अध्यक्ष मनप्रीत सिंह का कहना है कि LPG की आपूर्ति बाधित होने से होटल संचालक काफी मुश्किल का सामना कर रहे है, किसी तरह से सिलिंडर का जुगाड़ कर के काम चला रहे लेकिन लम्बे समय तक ऐसे ही चलता रहा तो होटल व्यावसायिक बर्बाद हो जाएँगे l 

ये संकट केवल होटल संचालकों का ही नहीं बल्कि शादी-बरात में भी देखने को मिल रहा है l कैटरर्स नई बुकिंग लेने से मना कर रहेहैं और जो पहले से आर्डर ले लिया है उसके लिए लकड़ियों के चूल्हे इस्तेमाल हो रहे हैं l  दिल्ली शहर के कुछ व्यापारियों और कैटरर्स का कहना है कि जब तक वर-वधु पक्ष सिलिंडर का जुगाड़ नहीं करता तब तक हम कोई ऑर्डर नहीं लेंगे l इसी के चलते वर-वधु पक्ष अब शादी के मुहूर्त को आगे बढाने के लिए मजबूर है l 

यह समस्या का हल कब तक होगा यह कोई नहीं जानता, ऐसे में होटल के कर्मचारियों का कहना है कि अगर यह समस्या और कुछ दिनों तक ऐसे ही चलता रहा तो उनकी नौकरी पर भी आँच आएगी और उनके परिवार के लिए रोजी रोटी के अवसर समाप्त हो जाएँगे l 

अब इस संकट का असर सीधे फूड डिलीवरी पर दिख रहा है l एक रिपोर्ट के अनुसार 50% से अधिक गिरावट देखी गई है जोकि डिलीवरी कर्मचारियों के लिए खतरे की घंटी है l एक ओर लोग अपने पसंदीदा खाने के लिए तरस रहे हैं वहीँ दूसरी ओर ऑनलाइन डिलीवरी (Online Delivery) में काफी कमी आई है l क्लाउड किचन, ढ़ाबा और फूड आउटलेट गैस सिलिंडर की कमी के चलते अपने खाने-पिने की सामग्री में कटौती की है l 

गिग वर्कर की कमाई में भी  में भारी गिरावट देखने को मिली है l  गिग एंड प्लेटफार्म सर्विस वर्कर्स यूनियन (Gig and Platform Service Workers Union) (जीआइपीएसडब्ल्यूयू) ने इस मामले की गंभीरता को ध्यान में रखते हुए में श्रम व रोजगार मंत्री मनसुख मांडविया को लिखे अपने पत्र में हस्तक्षेप की मांग करते हुए हर गिग वर्कर को 10 हजार रुपये तत्कालीन सहायता मुहैया कराने की मांग की है।

स्थिति इतनी खराब हो गई है कि चाय-नाश्ते के दूकान पर अब ताले लटकने लगे हैं l जिन लोगों को बाहर सुबह शाम नाश्ता करने की आदत है वह अब मायुश ही लौट रहे हैं l इस समस्या से छुटकारा पाने के लिए जनता अब इंडक्शन चूल्हा खरीद रही है लेकिन डिमांड एका एक 100 गुना बढ़ जाने से उसका भी अभाव देखने को मिल रहा हैं l 

[VT]

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