दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के नेतृत्व वाली भाजपा सरकार पर आरोप है कि यमुना की सफाई के नाम पर दो वीवीआईपी लग्जरी क्रूज 6.2 करोड़ रुपये की लागत से खरीदने की योजना बनाई ।
इस मामले पर विपक्षी दलों (AAP,कांग्रेस और भारतीय लिबरल पार्टी) ने सरकार को घेरा है। विपक्षी दलों ने भाजपा पर आरोप लगाया कि वह जनता के पैसों का दुरुपयोग कर रही है और यमुना की सफाई को लेकर गंभीर नहीं है।
यमुना की सफाई के लिए 10 साल का समय मांगने के मुख्यमंत्री के बयान पर भी सवाल उठाए जा रहे हैं।
दिल्ली विधानसभा में बजट-2026 को 27 मार्च 2026 को पारित किया गया। इसी बीच दिल्ली सरकार की तरफ से वीवीआईपी बोट खरीदने का मामला तेजी से वायरल हो रहा है। क्रूज कांड पर दिल्ली की भाजपा सरकार लगातार चौतरफा घिरी नजर आ रही है। रेखा गुप्ता की सरकार फिर एक बार सवालों के कटघरे में है।
दरअसल, दिल्ली में भाजपा की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता (C.M Rekha Gupta) के नेतृत्व में यमुना की सफाई को लेकर गंभीरता का हावला दिया जा रहा था। यमुना को साफ करने के लिए दिल्ली सरकार जिस अभियान में जुटी है उसी के तहत यमुना में क्रूज (Cruise in Yamuna) चलाने का निर्णय लिया गया था।
क्रूज खरीदने के लिए 6.2 करोड़ रुपए के खर्च करने की बात की बात सामने निकालकर आई है। जब यह मामला प्रकाश में आया तो दिल्ली सरकार पर सवाल उठने लगा कि इतने बड़े धनराशि का इस्तेमाल वीवीआईपी बोट खरीदने के लिए किया जा रहा है। एक तरफ आम जनता सरकार से त्रस्त हो चुकी है, दूसरी तरफ दिल्ली सरकार केवल वीवीआईपी लोगों के लिए प्रतिबद्ध होते दिखाई पड़ रही है। आम जनता से सरकार का रिश्ता ठीक नहीं नजर आ रहा है।
इस मामले पर दिल्ली सरकार में मंत्री प्रवेश वर्मा ने कहा है कि फिलहाल इस प्रस्ताव को निरस्त किया जा चुका है। उन्होंने कहा कि सरकार से इस मामले पर चूक हुई है कि बिना अनुमति के टेंडर पास कर दिया गया था।
क्रूज कांड पर दिल्ली सरकार को विपक्ष ने जमकर खरी खोटी सुनाई है। रेखा गुप्ता पर तंज कसते हुए दिल्ली में भारतीय लिबरल पार्टी के अध्यक्ष डॉ. मुनीश कुमार रायज़ादा ने कहा है कि दिल्ली सरकार ने जनता के साथ धोखा किया है। उन्होंने अपनी बात को शायराना अंदाज़ में कहा, “झूठ बोलकर छली गई तू, दली गई तू, मली गई तू, झूठ का जिसने पीटा ढोल, खोल दे उसकी पोल, बोल रे दिल्ली बोल।” मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की आलोचना उन्होंने अपने इस शायरी के माध्यम से किया।
वहीं आम आदमी पार्टी और काँग्रेस ने इस मामले पर भाजपा के ऊपर आरोप लगाया है कि जनता के पैसों का गलत इस्तेमाल किया जा रहा है। क्रूज कांड से पता चलता है कि दिल्ली सरकार जनता को लेकर बिल्कुल गंभीर नहीं है।
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बता दें कि दिल्ली सरकार ने यमुना की दुर्दशा सुधारने का हवाला देकर उसमें क्रूज चलाने का निर्णय लिया था। इस फैसले के तहत दो क्रूज खरीदने के बदले लगभग 6.2 करोड़ खर्च का अनुमान बताया गया। लेकिन जैसे ही सरकार सवालों में फसने लगी तो इस प्रक्रिया पर रोक लगा दी गई है। एक तरफ पहले से ही भाजपा पर अंबानी और अदानी को शरण देने की बात कही जा रही है दूसरी तरफ दिल्ली में वीवीआईपी बोट के मामले ने भाजपा को फिर एक बार सवालों के कटघरे में लाकर खड़ा कर दिया है।
दिल्ली में यमुना (Yamuna) की सफाई को लेकर चुनाव के समय बड़े-बड़े वादे किए गए। चुनाव के बाद रेखा गुप्ता ने कहा कि यमुना (Yamuna) को साफ करने के लिए कम से कम दस साल का लंबा समय चाहिए लेकिन जिस हिसाब से यमुना पर काम हो रहा है अगले दस साल बाद रेखा गुप्ता फिर कहेंगी की दस साल और समय चाहिए।
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