पुष्कर सिंह धामी ने किया चारधाम यात्रा का शुभारंभ, श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए किए पुख्ता इंतजाम IANS
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पुष्कर सिंह धामी ने किया चारधाम यात्रा का शुभारंभ, श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए किए पुख्ता इंतजाम

आज मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने चार धाम यात्रा ट्रांजिट कैंप में चार धाम यात्रा का शुभारंभ किया। इस दौरान सीएम ने श्रद्धालुओं से मिलकर उनका अभिनंदन किया और यात्रियों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।

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सनातन धर्म की सबसे पवित्र तीर्थयात्राओं में से एक चार धाम यात्रा को लेकर उत्तराखंड सरकार ने पूरी तैयारी कर ली है।

आज मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने चार धाम यात्रा ट्रांजिट कैंप में चार धाम यात्रा का शुभारंभ किया। इस दौरान सीएम ने श्रद्धालुओं से मिलकर उनका अभिनंदन किया और यात्रियों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।

उत्तराखंड में चार धाम यात्रा (Uttarakhand Char Dham Yatra) के लिए ऑफलाइन पंजीकरण बीते शुक्रवार से शुरू हो गया है। पहले ही दिन श्रद्धालुओं ने बड़ी संख्या में पंजीकरण कराया। पहले ही दिन 2,713 श्रद्धालुओं ने ऑफलाइन पंजीकरण कराया। आधिकारिक आंकड़ों की मानें तो बीते एक दिन में ही यमुनोत्री दर्शन के लिए 683, गंगोत्री दर्शन के लिए 690, केदारनाथ दर्शन के लिए 667 और बद्रीनाथ दर्शन के लिए 673 लोगों ने पंजीकरण शुरू किया। ऑनलाइन पंजीकरण 6 मार्च से ही शुरू हो गए थे।

शनिवार को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी (CM Pushkar Singh Dhami) ने चार धाम यात्रा ट्रांजिट कैंप का जायजा भी लिया। यहां श्रद्धालुओं की ऑफलाइन पंजीकरण के लिए 30 से अधिक काउंटर बनाए गए हैं। ट्रांजिट कैंप में यात्रियों के पंजीकरण से लेकर स्वास्थ्य सुविधाओं को भी ध्यान में रखते हुए दवा दी जा रही है और सभी श्रद्धालु सीएम धामी द्वारा राज्य में की गई चार धाम यात्रा की व्यवस्थाओं से काफी खुश हैं।

बता दें कि 19 अप्रैल से चार-धाम यात्रा की शुरुआत हो रही है और अक्षय तृतीया के मौके पर सबसे पहले गंगोत्री और यमुनोत्री धाम के कपाट खोले जाएंगे। वहीं केदारनाथ धाम के कपाट 22 अप्रैल और बद्रीनाथ धाम के कपाट 23 अप्रैल को खुलेंगे। गंगोत्री और यमुनोत्री धाम कपाट खुलने से पहले की तैयारियां भी शुरू हो चुकी हैं। मंदिर को फूलों से सजाने का काम काफी समय से किया जा रहा है और सुरक्षा को चाक-चौबंद रखने के लिए सारी व्यवस्था कर ली गई है।

रविवार को दोनों पवित्र धामों के कपाट खोले जाएंगे और भक्तों को मां गंगोत्री और यमुनोत्री के दर्शन करने का शुभ फल मिलेगा। बता दें कि यह यात्रा हरिद्वार या ऋषिकेश से शुरू होकर, यमुनोत्री, गंगोत्री, केदारनाथ और अंत में बद्रीनाथ जाती है। इस वक्त पहाड़ों का मौसम भी काफी ठंडा होता है। ऐसे से इन चारों पवित्र स्थानों पर श्रद्धालुओं के लिए पुख्ता इंतजाम किए जा रहे हैं।

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(यह रिपोर्ट IANS न्यूज़ एजेंसी से स्वचालित रूप से ली गई है। न्यूज़ग्राम इस कंटेंट की कोई ज़िम्मेदारी नहीं लेता।)