सीबीएसई की ऑन-स्क्रीन मार्किंग (ओएसएम) प्रणाली को लेकर चल रहे विवाद के बीच केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने गुरुवार को आश्वासन दिया कि यदि इस प्रक्रिया में कोई जानबूझकर की गई लापरवाही या गड़बड़ी पाई जाती है, तो सख्त कार्रवाई की जाएगी।
दिल्ली में पत्रकारों से बातचीत करते हुए केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) ने लगभग 40 करोड़ स्कैन किए गए पन्नों से जुड़ा एक बड़ा डिजिटल मूल्यांकन अभियान चलाया है।
उन्होंने कहा, “परीक्षा में शामिल हुए 17 लाख छात्रों में से सीबीएसई ने करीब 98 लाख उत्तर पुस्तिकाओं को सुरक्षित रखा है। प्रत्येक उत्तर पुस्तिका में लगभग 40 पन्ने होते हैं यानी कुल मिलाकर करीब 40 करोड़ स्कैन किए गए पेज। पहली बार सीबीएसई ने ऑन-स्क्रीन मार्किंग के जरिए मूल्यांकन प्रक्रिया पूरी की है।”
ओएसएम को एक प्रगतिशील और छात्र-हितैषी पहल बताते हुए धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि दुनियाभर के कई विश्वविद्यालय और शिक्षण संस्थान छात्रों के लिए पारदर्शिता और पहुंच में आसानी सुनिश्चित करने के लिए इसी तरह की प्रणालियां अपना रहे हैं।
उन्होंने कहा, "यह प्रणाली छात्रों को अपनी उत्तर पुस्तिकाएं देखने और अपने अंकों से जुड़े किसी भी संदेह को दूर करने में मदद करती है। ओएसएम को छात्रों के हितों को ध्यान में रखकर शुरू किया गया है। हालांकि, कुछ कमियां सामने आई हैं और मैं उनकी जिम्मेदारी लेता हूं। हम यह सुनिश्चित करेंगे कि किसी भी छात्र के सवालों का जवाब मिले बिना न रहे।"
प्रधान ने आगे बताया कि इस प्रणाली से जुड़े तकनीकी और परिचालन मुद्दों को हल करने के लिए आईआईटी कानपुर और आईआईटी मद्रास की मदद ली गई है।
उन्होंने कहा, "हमने आईआईटी कानपुर और आईआईटी मद्रास की विशेषज्ञ टीमों से इस मामले की जांच करने का अनुरोध किया है। ये टीमें इन मुद्दों को हल करने पर सक्रिय रूप से काम कर रही हैं। मैंने वित्त मंत्री से भी भुगतान प्रक्रिया को सुव्यवस्थित करने और पेमेंट गेटवे को व्यवस्थित करने का अनुरोध किया है। सीबीएसई पोर्टल को अब चार सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों, एसबीआई, इंडियन बैंक, बैंक ऑफ बड़ौदा और केनरा बैंक, के पेमेंट गेटवे के साथ जोड़ दिया गया है।"
मंत्री ने दोहराया कि यदि कोई जानबूझकर की गई चूक पाई जाती है तो जवाबदेही तय की जाएगी।
उन्होंने कहा, "आईआईटी के प्रोफेसरों के समूह इस मामले को देख रहे हैं। जो कुछ भी हुआ है, हम उसकी जिम्मेदारी ले रहे हैं। यदि कोई जानबूझकर की गई गड़बड़ी पाई जाती है, तो हम इसके लिए जिम्मेदार लोगों को नहीं बख्शेंगे। लोकतंत्र में हर कोई जवाबदेह होता है और हम सवालों के जवाब देने या अपनी जवाबदेही स्वीकार करने से पीछे नहीं हट रहे हैं।"
सीबीएसई परीक्षा प्रक्रिया में कथित विसंगतियों को लेकर राहुल गांधी की आलोचना का जवाब देते हुए प्रधान ने कांग्रेस नेता पर सरकार द्वारा शुरू की गई हर सुधार पहल का विरोध करने का आरोप लगाया।
उन्होंने कहा, "सीबीएसई पहले ही अपना स्पष्टीकरण जारी कर चुका है और अपनी जिम्मेदारियां पूरी कर चुका है। यह प्रक्रिया भारत सरकार की खरीद नीति के अनुसार पूरी की गई थी। यदि कोई लापरवाही पाई जाती है, तो हम कड़ी कार्रवाई करेंगे। जहां तक राहुल गांधी की बात है, लगातार चुनावी हार की वजह से उनका माइंडसेट कुछ अलग ही लग रहा है, जिससे उनमें निराशा आ गई है। उन्होंने हर चीज का विरोध किया है, चाहे वह एसआईआर प्रक्रिया हो, ईवीएम हों, या डिजिटल इंडिया। वे भारत की वैज्ञानिक और तकनीकी प्रगति के साथ कदम से कदम मिलाकर नहीं चल रहे हैं।"
मंत्री ने राजनीतिक पार्टियों से यह भी अपील की कि वे छात्रों से जुड़े मुद्दों का राजनीतिकरण न करें।
उन्होंने कहा, "मैंने यह पहले भी कहा है कि यह राजनीति करने का समय नहीं है। छात्र पहले से ही तनाव में हैं और हमें उनके बीच और ज्यादा चिंता पैदा करने से बचना चाहिए।"
इससे पहले बुधवार को सीबीएसई ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी के उन आरोपों को खारिज कर दिया, जिनमें बोर्ड की ऑन-स्क्रीन मार्किंग (ओएसएम) प्रणाली पर सवाल उठाए गए थे। (MK)
(यह रिपोर्ट IANS न्यूज़ एजेंसी से स्वचालित रूप से ली गई है। न्यूज़ग्राम इस कंटेंट की कोई ज़िम्मेदारी नहीं लेता।)