भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता तुहिन सिन्हा ने मंगलवार को अयोध्या पहुंचकर राम लला के दर्शन करने के साथ पूजा-अर्चना की। इस मौके पर आईएएनएस से बातचीत में श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के नए सीईओ की सराहना की।
प्रवक्ता तुहिन सिन्हा ने कहा, "राम मंदिर में दर्शन करने से अद्भुत शक्ति की अनुभूति होती है। आज से 35-40 साल पहले राम मंदिर की स्थापना के लिए संघर्ष करना पड़ रहा था। राम जन्मभूमि परिसर का इलाका विवादित कहा जाता था। कुछ राजनीतिक दल राम मंदिर निर्माण कार्य को बाधित कर रही थीं। आज जब राम मंदिर भव्य रूप में बनकर तैयार हो गया है, तो हर राम भक्त के लिए यहां आना सौभाग्य की बात है। राम इस देश की आत्मा, अंतरात्मा और ऊर्जा हैं। हर व्यक्ति को यहां आकर अध्यात्मिक शक्ति की अनुभूति करनी चाहिए।"
एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा (रिटायर्ड) को श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट का सीईओ बनाए जाने पर भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता तुहिन सिन्हा ने आईएएनएस से बातचीत में कहा, "कई तरह के सिस्टम में सुधार की प्रक्रिया शुरू हो गई है। जुलाई में तीन सदस्यों की एक कमेटी बनाई गई थी और 5,500 आवेदन मिले थे। उनमें से सबसे बेहतरीन और काबिल उम्मीदवार को राम मंदिर ट्रस्ट का सीईओ बनाया गया है। इसलिए, मेरा मानना है कि अगर सेना से जुड़े किसी व्यक्ति को नियुक्त किया गया है, तो यह सभी के लिए खुशी की बात होनी चाहिए। सेना अनुशासन, कुशल प्रबंधन और दूरदर्शिता की पहचान है। जैसा कि हमने पिछले दो-तीन दिनों में देखा है, जितेंद्र मिश्रा के बारे में फर्जी वीडियो भी फैलाए जा रहे थे। मेरा मानना है कि यह उन्हीं लोगों का काम हो सकता है, जिन्होंने हमेशा हिंदू भावनाओं को ठेस पहुंचाई है।"
वहीं, तुहिन सिन्हा ने एक्स पोस्ट में कहा, "किसी एनर्जी स्ट्रैटेजी की असली परीक्षा यह नहीं है कि वह तब कैसा काम करती है जब तेल की सप्लाई आसानी से हो रही हो और जियोपॉलिटिक्स शांत हो। असली परीक्षा तब होती है जब दुनिया में अनिश्चितता का माहौल हो और फिर भी इकॉनमी आगे बढ़ती रहे। होर्मुज संकट के दौरान, भारत ने दिखाया कि वह अपनी ग्रोथ की रफ़्तार को बनाए रखते हुए बाहरी झटकों का सामना कर सकता है। अगली चुनौती मुश्किल हालात से उबरने की क्षमता से आगे बढ़कर 'आत्मनिर्भरता' की ओर बढ़ना है।"
भाजपा नेता ने कहा, "अगर भारत अलग-अलग जगहों से इंपोर्ट, घरेलू स्तर पर तेल-गैस की खोज, बड़े स्ट्रैटेजिक रिजर्व, गैस के इस्तेमाल को बढ़ाने और नए हाइड्रोकार्बन की खोज (जिसमें अंडमान भी शामिल हो सकता है) को एक साथ मिला ले, तो एनर्जी सेक्टर न सिर्फ संकट के समय एक सुरक्षा कवच बन सकता है बल्कि भारत की अगली आर्थिक तेजी के लिए एक मज़बूत इंजन भी बन सकता है। दूसरे शब्दों में कहें तो, एनर्जी सिक्योरिटी का मतलब अब सिर्फ़ भारत की एनर्जी सप्लाई को सुरक्षित करना नहीं है। इसका मतलब भारत की तरक्की को सुरक्षित करना भी है।"(VR)
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(यह रिपोर्ट IANS न्यूज़ एजेंसी से स्वचालित रूप से ली गई है। न्यूज़ग्राम इस कंटेंट की कोई ज़िम्मेदारी नहीं लेता।)