बिहार में महिलाओं की सुरक्षा पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। पटना, दरभंगा, नालंदा, मुजफ्फरपुर, सारण समेत कई जिलों में रेप, छेड़खानी की घटनाओं ने कानून व्यवस्था की पोल खोल दी है। AI Generated
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कृपया महिलाएं बिहार छोड़ दें, यहाँ आप सुरक्षित नहीं ! नालंदा कांड ही नहीं, इन 5 मामलों ने भी मोदी-नीतीश की कानून व्यवस्था को किया एक्सपोज

राजधानी पटना से लेकर दरभंगा तक किसी भी सूरत में महिलाएं अपने आप को सुरक्षित महसूस नहीं कर रही हैं। एक तरफ बिहार में मुख्यमंत्री के चेहरे को लेकर चर्चा तेज है दूसरी तरफ बिहार की कानून व्यवस्था पूरी तरीके से ठप्प हो चुकी है।

Author : Pradeep Yadav

  • बिहार में महिलाओं की सुरक्षा पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। पटना, दरभंगा, नालंदा, मुजफ्फरपुर, सारण समेत कई जिलों में रेप, छेड़खानी की घटनाओं ने कानून व्यवस्था की पोल खोल दी है। नालंदा में महिला से बदसलूकी और वीडियो वायरल, पटना हॉस्टल में छात्रा की मौत, एम्बुलेंस व होटल में दुष्कर्म जैसे मामले सरकार की नाकामी दिखाते हैं।

बिहार में महिलाओं की सुरक्षा एक बार फिर चर्चा में है। राजधानी पटना से लेकर दरभंगा तक किसी भी सूरत में महिलाएं अपने आप को सुरक्षित महसूस नहीं कर रही  हैं। एक तरफ बिहार में मुख्यमंत्री के चेहरे को लेकर चर्चा तेज है दूसरी तरफ बिहार की कानून व्यवस्था पूरी तरीके से ठप्प हो चुकी है। नालंदा में 31 मार्च 2026 को एक महिला के साथ कुछ युवकों ने बदसलूकी किया। यह घटना बिहार के कानून व्यवस्था पर सवाल खड़ा करता है। 

बिहार कानून व्यवस्था पूरी तरीके से ध्वस्त 

11 जनवरी 2026 को पटना में नीट की तैयारी कर रही छात्रा (पटना के शंभू गर्ल्स हॉस्टल में) की मौत से पूरे बिहार में तहलका मच गया था। अब नालंदा से खबर निकालकर आ रही है कि महिला के साथ कुछ युवकों ने बदसलूकी किया और वीडियो भी बनाकर वायरल कर दिया। यह घटना पूरे बिहार को फिर से शर्मसार करती है। दरअसल, 31 मार्च 2026 को नालंदा में एक महिला अपने घर से बाहर कुछ सामान लेने गई थी। महिला पर गलत नजर रखने वाले युवकों के एक समूह ने महिला को पकड़ लिया। उन्होंने महिला के कपड़े फाड़ डाले और अर्धनग्न महिला को सड़क पर घुमाने की कोशिश की। महिला जोर-जोर से चिल्लाने लगी तो आसपास के लोगों ने महिला का बचाव किया। नालंदा के नूरसराय थाना के अंतर्गत यह मामला प्रकाश में आया है। पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। कानून का ढोल पीटने वाली सरकार शायद सो रही यही या फिर सीएम बदलने का इंतजार कर रही क्योंकि सुरक्षा नाम का एक अंश भी बिहार में नहीं बचा है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के गृह जिले में इस तरीके की घटनाएं उनके शासनकाल पर एक काला धब्बा लगाती हैं।

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अन्य घटनाएं जो बिहार को शर्मसार करती हैं 

नालंदा वाली घटना केवल पहली घटना नहीं है, इसके अलावा अन्य घटनाएं हैं जो बिहार के कानून व्यवस्था पर बड़े सवाल खड़े करते हैं। 26 मई 2025 को बिहार के मुजफ्फरपुर जिले में दलित नाबालिग के साथ दुष्कर्म हुआ। यह घटना मानवीयता को शर्मसार कर गई। बच्ची की उम्र महज 11 वर्ष थी। पूरे मुजफ्फरपुर जिले में न्याय के लिए जमकर आंदोलन हुए। इस घटना को बीते ठीक से दो महीने भी नहीं हुए थे कि 24 जुलाई 2025 को एक 26 वर्षीय महिला के साथ एम्बुलेंस में दुष्कर्म किया गया। दरअसल, वह महिला होमगार्ड भर्ती के लिए बोधगया गई थी। अचानक वह बेहोश हो गई। उसे एम्बुलेंस में डालकर इलाज के लिए अस्पताल ले जा रहे ड्राइवर ने ही रेप कर दिया। 

इसके अलावा 13 अप्रैल 2025 को राजधानी पटना में एक होटल में महिला के साथ सामूहिक दुष्कर्म किया गया। पुलिस ने इस मामले की शिकायत दर्ज की और दो आरोपियों को गिरफ्तार किया। लड़की की उम्र 19 वर्ष थी। 

14 मार्च 2025 को दरभंगा में दर्दनाक घटना को अंजाम दिया गया। दरभंगा जिले के बहेड़ी थाना क्षेत्र में एक लड़की कोचिंग से लौट रही थी। बीच रास्ते में दरिंदों ने 19 वर्षीय लड़की को घेरकर उसका रेप कर दिया। इस घटना ने दरभंगा सहित पूरे बिहार को झकझोर दिया था। 

इसी तरीके से 12 मार्च 2026 को सारण (छपरा) जिले में दरिंदों ने अपने हवस का शिकार 16 वर्षीय बच्ची को बनाया। गाँव के ही नीरज कुमार नाम के एक लड़के ने उसे धमकाया और फिर उसके साथ रेप किया। आरोपी नीरज को पुलिस ने 15 मार्च 2026 को गिरफ्तार किया। 

क्या महिलाएं छोड़ दें बिहार ?

जिस तरीके से महिलाओं की सुरक्षा लगातार खतरे में है ऐसा लग रहा है कि बिहार में महिलाओं के लिए कोई जगह नहीं है। साल 2023 के एनसीआरबी (NCRB) आंकड़ों (जो साल 2025 में प्रकाशित हुआ) के मुताबिक,  बिहार में महिलाओं के खिलाफ अपराध की संख्या 22952 दर्ज पाई गई। इन दर्ज मामलों में से बलात्कार के 902 और अपहरण के 14371 मामले सामने आए। ये सब जानने के बाद यह सवाल उठने लगा है कि महिलाएं बिहार छोड़कर कहाँ जाएं ?

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