बिहार में ठेकेदार रिशु श्री के घोटालों में दो आईएएस (IAS) अधिकारियों का नाम सामने निकलकर आ रहा है। इनमें एक आईएएस ऑफिसर का नाम योगेश कुमार है एवं दूसरे का नाम अभिलाषा कुमारी शर्मा है। स्पेशल विजिलेंस यूनिट (SVU) ने 19 जून 2026 को अभिलाषा शर्मा और योगेश कुमार दोनों के ठिकानों पर एक साथ छापा मारा। हालांकि, छापेमारी के दौरान दोनों ही अधिकारी अपने आवास पर मौजूद नहीं थे। X
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बिहार ठेकेदार रिशु श्री घोटाला: IAS योगेश कुमार और अभिलाषा कुमारी शर्मा निलंबित, यूरोप यात्रा से महंगे तोहफों तक की सांठगांठ उजागर

बिहार के ठेकेदार रिशु श्री घोटाले में दो आईएएस अफसरों की संलिप्तता उजागर, यूरोप यात्रा से लेकर महंगे तोहफों और रूफटॉप गार्डन तक के बदले करोड़ों के टेंडर और कॉन्ट्रैक्ट दिलाने के आरोप

Author : Pradeep Yadav

बिहार में ठेकेदार रिशु श्री के घोटालों में दो आईएएस (IAS) अधिकारियों का नाम सामने निकलकर आ रहा है। इनमें एक आईएएस ऑफिसर का नाम योगेश कुमार है एवं दूसरे का नाम अभिलाषा कुमारी शर्मा है। स्पेशल विजिलेंस यूनिट (SVU) ने रिशु श्री से पूछताछ की और उसके निजी चैट से मिली जानकारी के अनुसार, अभिलाषा और योगेश कुमार दोनों से उसका संपर्क था। इसी आधार पर सरकार की तरफ से यह बड़ी कार्रवाई हुई है।

क्या है पूरा मामला?

बता दें कि बिहार में IAS योगेश कुमार को 30 मई 2026 को निलंबित कर दिया गया। वे समाज कल्याण विभाग में निदेशक (दिव्यांगजन सशक्तिकरण/Disability) के पद पर तैनात थे। दरअसल, रिशु रंजन सिन्हा उर्फ रिशु श्री के घर जब प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने छापेमारी की तो पता चला कि यह ठेकेदार बहुत सारे सरकारी अधिकारियों को रिश्वत देता था। 27 मई 2026 को रिशु श्री ठेकेदार के घर छापेमारी हुई और 28 मई 2026 को उसे गिरफ्तार करके जेल भेज दिया गया।

जांच में सामने आया कि ठेकेदार और योगेश कुमार सागर (Yogesh Kumar Sagar) के बीच गहरी सांठगांठ थी। जानकारी के मुताबिक, 22 जून 2024 से 30 जून 2024 के बीच योगेश का परिवार यूरोप (ऑस्ट्रिया) गया हुआ था, जिसका पूरा खर्च ठेकेदार ने अपनी तरफ से उठाया था। इसके बदले में योगेश कुमार ने रिशु श्री की मुख्य कंपनी 'रिलायबल इंफ्रा सर्विसेज' (Reliable Infra Services) को लगभग 125 करोड़ रुपये का टेंडर पास कराने में अनुचित फायदा पहुँचाया।

वहीं दूसरी आईएएस अधिकारी अभिलाषा कुमारी शर्मा (IAS Officer Abhilasha Kumari Sharma) की बात करें तो वह बिहार कैडर की 2014 बैच की IAS अधिकारी हैं। 30 मई 2026 को अभिलाषा को भी निलंबित किया जा चुका है। अभिलाषा के ऊपर आरोप है कि उन्होंने रिशु श्री को कॉन्ट्रैक्ट दिलाने में मदद की थी। वह शहरी विकास और आवास विभाग में संयुक्त सचिव के पद पर तैनात थीं। आरोप है कि इसी दौरान उन्होंने रिशु श्री को विभागीय मदद पहुँचाई थी। इसके बदले में रिशु श्री ने उन्हें महंगे तोहफे दिए और उनके रिश्तेदारों की गोवा और दिल्ली की यात्राओं का खर्च उठाया। इसके अलावा, रिशु श्री ने उनके सरकारी आवास पर 9 लाख रुपये की लागत से एक शानदार रूफटॉप गार्डन भी बनवाया था।

स्पेशल विजिलेंस यूनिट (SVU) ने दोनों अधिकारियों के घर मारा छापा

स्पेशल विजिलेंस यूनिट (SVU) ने 19 जून 2026 को अभिलाषा शर्मा और योगेश कुमार दोनों के ठिकानों पर एक साथ छापा मारा। हालांकि, छापेमारी के दौरान दोनों ही अधिकारी अपने आवास पर मौजूद नहीं थे। स्पेशल विजिलेंस यूनिट (SVU) ने वहां से कई जरूरी दस्तावेजों को इकट्ठा किया और अपने साथ ले गई। हालांकि, इस छापेमारी के दौरान कुल क्या-क्या और कितनी संपत्ति बरामद हुई है, इसकी आधिकारिक जानकारी स्पेशल विजिलेंस यूनिट (SVU) ने अभी तक सार्वजनिक नहीं की है।

बिहार में सरकारी अधिकारियों के घोटालों ने समय समय पर रिकार्ड बनाया है। साल 2017 में सामने आया 'सृजन घोटाला' बिहार का एक और बड़ा वित्तीय घोटाला था, जो लगभग 1,000 करोड़ रुपये से अधिक का था। इस घोटाले में भागलपुर जिले में सरकारी फंड (जैसे मुख्यमंत्री नगर विकास योजना और जिला परिषद के पैसे) को अवैध रूप से 'सृजन महिला विकास सहयोग समिति' नामक एक गैर-सरकारी संगठन (NGO) के बैंक खातों में ट्रांसफर कर दिया जाता था। इस मामले की जांच भी केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) द्वारा की गई। हालांकि रिशु श्री के मामले में अभी जांच जारी है, अधिकारियों को निलंबित किया जा चुका है।

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