लोकसभा में महिला आरक्षण विधेयक (women reservation bill) (131वां संशोधन) पारित न होने के विरोध में भाजपा की ओर से बिहार में 'जन आक्रोश महिला मार्च' निकाला जा रहा है। मार्च में शामिल होने के लिए पटना के गांधी मैदान स्थित कारगिल चौक पर बड़ी संख्या में महिलाएं एकत्रित हुईं हैं। इस दौरान महिलाओं ने हाथों में तख्तियां थीं, जिसमें विधेयक को लेकर बातें लिखी गई थीं। वहीं, एक महिला ने अपने आपको बेड़ियों में कैद करके अनोखा प्रदर्शन किया।
जन आक्रोश मार्च (Jan Akrosh Mahila March) में शामिल होने पहुंची भाजपा नेता श्रेयसी सिंह ने कहा, "नारी शक्ति वंदन अधिनियम पूरे भारत की महिलाओं के लिए एक खुशी का पल लेकर आया। 17 अप्रैल को सदन में बिल नहीं गिरा बल्कि नारियों की आंखों में इंडी गठबंधन के नेताओं का सम्मान गिरा है। विपक्ष मंच से आधी आबादी का नारा बुलंद करते हैं और आप चुनावों से पहले महिलाओं को लेकर लोकलुभावने वादे करते हैं। लेकिन जब महिला की राजनीतिक भागीदारी की बात आती है तो बिल पारित नहीं होने देते हैं। मेज और ताली बजाकर मुस्कुराते हुए जश्न मनाते हैं कि हमने हमारी नारी का सम्मान नहीं होने दिया। यह पूरे देश की महिलाओं का अपमान है।"
भाजपा (BJP) सांसद धर्मशीला गुप्ता ने कहा, "राहुल गांधी के इशारे पर और उनके सहयोगी विपक्षी दल ने नारी शक्ति वंदन अधिनियम बिल को रोक कर देश के महिलाओं के अधिकार को छीनने का काम किया है। उनके मन और नीति में खोट है। वे (राहुल गांधी) नहीं चाहते हैं कि देश की महिलाओं को नेतृत्व का अवसर मिले, उनको सिर्फ सोनिया गांधी और प्रियंका गांधी दिखती हैं लेकिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी समाज के अंतिम और वंचित महिलाओं को आगे लाना चाहते हैं। भारतीय जनता पार्टी कार्यकर्ताओं को अवसर देती है। आरक्षण विधेयक को लेकर विपक्ष ने घिनौना काम किया है। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी महिला होते हुए भी बिल को रोकने का काम किया है। इसको लेकर देश की महिलाएं उग्र हैं और देश भर में आक्रोश मार्च निकाला जाएगा।"
बिहार सरकार (Bihar) में मंत्री रामकृपाल यादव ने आईएएनएस से बातचीत में कहा, "आज महिलाओं का 'जन आक्रोश मार्च' पटना में निकाला जा रहा है। कांग्रेस ने महिलाओं के अधिकारों के खिलाफ काम किया है। इन लोगों ने एक गंभीर गलती की है।"
बिहार भाजपा अध्यक्ष संजय सरावगी ने कहा, "आज हमारी बहनें पटना में बड़ा आक्रोश मार्च निकाल रही हैं। देश की बहनों को जैसे अपमानित किया गया। जिन नेताओं ने महिला आरक्षण बिल का विरोध किया है, उनके घर की महिलाएं भी आज दुखी हैं। यह विरोध सिर्फ पटना तक सीमित नहीं रहेगा जिलों और प्रखंडों तक जाएगा।"
जेडीयू नेता नेता श्रवण कुमार ने कहा, "पूरे देश में विरोध मार्च निकाले जाने चाहिए। राहुल गांधी, कांग्रेस पार्टी और उनके सहयोगियों के खिलाफ एक आंदोलन शुरू करना जरूरी है। तभी महिलाओं के सम्मान और गरिमा की रक्षा की जा सकती है।"
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(यह रिपोर्ट IANS न्यूज़ एजेंसी से स्वचालित रूप से ली गई है। न्यूज़ग्राम इस कंटेंट की कोई ज़िम्मेदारी नहीं लेता।)