भोपाल में दो मुस्लिम महिलाओं पर आरोप है कि उन्होंने साजिश के तहत युवतियों को नौकरी और बेहतर जीवन का लालच देकर धर्मांतरण और यौन शोषण का शिकार बनाया।
इससे पहले बलरामपुर और बरेली में भी कथित धर्मांतरण और गंभीर अपराधों से जुड़े मामले सामने आए, जिनमें पुलिस और एटीएस द्वारा जांच, गिरफ्तारी और संपत्ति जब्ती की कार्रवाई की गई।
धर्मांतरण का विषय मध्य प्रदेश सहित पूरे देश में सामाजिक रूप से संवेदनशील है। ऐसे मामलों में पुलिस संगठित नेटवर्क, वित्तीय लेन-देन और अंतरराज्यीय कनेक्शन की भी गहन जांच कर रही है।
हाल ही में भोपाल में धर्मांतरण का मामला तेजी से वायरल हो रहा है। भोपाल में दो मुस्लिम महिलाओं ने साजिश के तहत लड़कियों को धर्मांतरण का शिकार बनाया। मामला जब प्रकाश में आया तो प्रशासन सख्त हो गया। प्रशासनिक कार्रवाई की गई और उनको गिरफ्तार कर लिया गया।
दरअसल, भोपाल में दोस्ती का हवाला देकर धर्मांतरण का मामला सामने आया है। स्थानीय पुलिस ने इस मामले पर संज्ञान लिया। उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई करते हुए उनको गिरफ्तार किया गया। इस मामले में दो मुस्लिम लड़कियों सहित चार अन्य (बिलाल, यासिर, चंदन और चानू) के खिलाफ शिकायत पुलिस ने दर्ज कर ली है। इस पूरे प्रकरण में मध्य प्रदेश पुलिस ने अमरीन ,आफ़रीन और चंदन नाम के युवक को गिरफ्तार कर लिया है। बाकी फरार आरोपियों की तलाश पुलिस के द्वारा की जा रही है।
बता दें कि मध्य प्रदेश सहित देश के अन्य हिस्से में धर्मांतरण का मामला काफी संवेदनशील मामला है। हाल ही में नागालैंड के डेमोग्राफी के चेंज होने की बात सामने आई थी। नागालैंड (Nagaland) आज के समय में एक ईसाई बहुल राज्य बन चुका है। मध्य प्रदेश में यह पहला मामला नहीं है, बल्कि अन्य घटनाएं भी कुछ इस प्रकार हैं-
उत्तर प्रदेश के बलरामपुर में छांगुर बाबा का मामला सामने आया था। उत्तर प्रदेश पुलिस के मुताबिक छाँगुर बाबा सहित उनके साथियों के खिलाफ आजमगढ़ में धर्मांतरण का मामला सामने आया था। यह मामला जुलाई 2025 में प्रकाश में आया था। फिलहाल छाँगुर बाबा को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है।
मामले में एटीएस (ATS) ने कार्रवाई करते हुए बताया कि छाँगुर बाबा के नाम से धर्मांतरण रैकेट के मामले में उन पर कार्रवाई की जा रही है और इसी के तहत उनकी अवैध संपत्ति को जब्त किया जा रहा है। पुलिस ने पाया था कि जिस घर को गिराया जा रहा था वह एक महिला का था जिसका नाम नीतू रोहरा है। नीतू रोहरा मुंबई में रहती थी। वह भी छाँगुर बाबा के गिरफ्त में आ चुकी थी। उसका नाम अब नसरीन हो चुका है।
इस मामले पर ADG उत्तर प्रदेश अमिताभ यश ने कहा कि रैकेट से संबंधित 40 से ज्यादा बैंक खाते खुलवाए गए थे , जिनमें लगभग 100 करोड़ रुपए का लेनदेन हुआ था। यह बयान ADG ने उस समय दिया जब छाँगुर बाबा के धर्मांतरण केस की जांच चल रही थी।
उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) के बरेली में भी इस तरीके की घटना साल 2026 में देखने को मिली यह बरेली के नवाबगंज थाना के अंतर्गत का मामला है। दो मुस्लिम बहनों ने अपनी सहेली को घर पर बुलाया और नशीला पदार्थ खिलाकर अपने ही भाई से रेप करवाया। दोनों मुस्लिम लड़कियां कक्षा 10 में पढ़ती थी और हिन्दू लड़की भी उनके साथ पढ़ती थी।
उनके स्कूल में वार्षिक उत्सव का आयोजन था। प्रोग्राम खत्म होने के बाद जब छात्रा घर नहीं लौटी तो उसकी माँ को चिंता होने लगी। जांच पड़ताल करने के बाद पता चला कि वह लड़की अपने दोस्त के घर गई थी। वहाँ उसके साथ मुस्लिम परिवार ने गलत किया और अनस नाम के लड़के ने बच्ची का रेप किया।
14 फरवरी 2026 को मिली शिकायत के अनुसार दोनों नाबालिग बहनों, उनके माता-पिता और अनस के खिलाफ अपहरण, दुष्कर्म जैसे संगीन धाराओं में एफआईआर दर्ज की गई। वहीं मुख्य आरोपी अनस को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है।
पुलिस ने आगे की कार्रवाई करने का आश्वासन देते हुए पीड़ित परिवार वालों को सांत्वना देने का प्रयास किया है।