बंगाल विधानसभा चुनाव 2026: (Bengal Elections 2026): बंगाल चुनाव में हिंसात्मक राजनीति का दौर काफी पुराना है l आज भले ही बंगाल में वामपंथ (Marxism) एकदम ही सिमट गया हो लेकिन चुनाव के दौरान होने वाले हिंसा में कोई कमी नहीं आई है l कभी आम जनता, तो कभी चुनाव ड्यूटी में लगे निर्दोष जवान (सुरक्षा अधिकारी) तो कभी राजनेता ही इसके शिकार हो जाते हैं l इसके पीछे सभी पार्टी के लोग हैं लेकिन सभी एक दूसरे पर आरोप लगाते है कि हिंसा इस फलाने पार्टी ने फैलाई l इन्होने ही माहौल बिगाड़ा l मीडिया के माध्यम से सारे दृश्य अखबारों और टीवी चैनल पर दिख जाता है l कभी कभी इस कड़ी में मीडिया का नाम सामने आता है कि मीडिया और पत्रकार पक्षपात करते हैं और कुछ चुनिंदे दृश्य ही जनता के सामने रखते है l
इन सब के बीच जब से मीडिया में LOP (Leader of Opposition) रह चुके अधीर रंजन चौधरी ने बयान दिया है कि उनको जान से मारने की कोशिश हो रही है l उन्होंने आरोप लगाया कि देबरा से तृणमूल के सांसद हुमायूँ कबीर जो कि पूर्व IPS रह चुके है वह उन्हें जान से मारने की साजिश रच रहे हैं l आगे उन्होंने यह भी कहा कि जब वो IPS थे तब जेल में खूंखार कैदियों से मिलने भी आते थे और उनसे कहते कि जो भी अधीर रंजन चौधरी की हत्या करेगा वह उसे रिहा कर देंगे l
कौन है हुमायूँ कबीर?
हुमायूँ कबीर (Humayun Kabir) पेशे से एक पूर्व आईपीएस (Indian Police Service) पुलिस अधिकारी हैं l बाद में उन्होंने राजनीति में कदम रखा और वर्ष 2016 में एक स्वतंत्र उम्मीदवार (independent candidate) के तौर पर रेजिनगर (Rejinagar) सीट से चुनाव लड़ा मगर हार गए l साल 2018 में भारतीय जनता पार्टी (Bharatiya Janata Party) की सदस्यता ग्रहण की और 2019 लोक सभा चुनाव में मुर्शिदाबाद (Murshidabad) से चुनाव लड़ा और यहाँ भी हार का सामना करना पड़ा l 2021 में दोबारा तृणमूल कांग्रेस (Trinamool Congress) से जुड़े और भरतपुर से चुनाव जीता l वर्ष 2025 फिर एक बार TMC पार्टी ने इन्हें बाहर का रास्ता दिखाया और कारण था कि मुर्शुदाबाद में फिर से एक बार विवादित बाबरी मस्जिद की नींव रखना l साल 2025 दिसम्बर 6 तारीख को हुमायूँ कबीर अपने करीबियों और कुछ TMC के नेताओं के साथ मिलकर फिर एक बार बंगाल में हिन्दू-मुस्लिम एकता को चुनौती देते हुए बाबरी मस्जिद की स्थापना करने कि कोशिश की l इसके विरोध में हिन्दू संगठनों ने भारी संख्या में इकठ्ठा होकर हनुमान चालीसा का पाठ किया l
कौन हैं अधीर रंजन चौधरी?
अधीर रंजन चौधरी (Adhir Ranjan Chowdhury) मूल रूप से पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद (Murshidabad)जिले के बेरहामपुर से हैं l 1991 में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस में शामिल हुए l चौधरी ने बेरहमपुर निर्वाचन क्षेत्र से 1999 का भारतीय आम चुनाव लड़ा। उन्होंने 95,391 वोटों के अंतर से जीत हासिल की और अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी, क्रांतिकारी सोशलिस्ट पार्टी के मौजूदा सांसद प्रमोथेस मुखर्जी को हराया। उनकी सफलता के बाद, उन्हें मुर्शिदाबाद जिले का कांग्रेस अध्यक्ष बनाया गया। वे 10 फरवरी 2014 को पश्चिम बंगाल प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष बने।जून 2019 में, उन्हें लोकसभा में कांग्रेस के नेता के रूप में चुना गया था और उन्होंने सदन के नेता प्रतिपक्ष के रूप में काम किया l
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