असम विधानसभा चुनाव 2026 (Assam Assembly Elections 2026): असम में 9 अप्रैल को विधानसभा चुनाव होने वाला है l चुनावी अखाड़े में सभी पार्टियों ने अपने-अपने प्रत्याशी उतारे हैं l कुछ सीटों पर कड़ा मुकाबला देखने को मिल सकता है जैसे कि जलुकबारी, जोरहाट आदि l इन सीटों पर राज्य के मुख्यमंत्री और नेता प्रतिपक्ष चुनाव लड़ रहे हैं और दोनों अपने आप में बड़े चेहरे हैं l एक तरफ तैयारी चल रही है तो दूसरी ओर ताबड़तोड़ चुनावी कार्यक्रम (रैली, सभा) आदि l इन सभी के बीच नेताओं में जुबानी जंग की प्रतिस्पर्धा तेज हो गई है l सभी एक दूसरे पर अच्छी पकड़ बना रहे हैं और जनता को लुभाने के लिए मुफ्त में रेवड़ियां भी बांटी जा रही हैं l अब ये देखना दिलचस्प होगा कि जनता का आशीर्वाद किस पार्टी और नेता को मिलता है l अगर वर्तमान सरकार की बात करें तो हेमंत बिस्वा सरमा 2021 से अब तक असम के मुख्यमंत्री पद पर हैं l अब की बार मुकाबला त्रिकोणीय है जिसमें भाजपा से हेमंत बिस्वा सरमा, कांग्रेस से गौरव गोगोई और कांग्रेस के सहयोगी और रायजोर दल के मुखिया अखिल गोगोई मैदान में हैं l
चुनाव में अक्सर देखा गया है कि उम्मीदवार पर कितना ही संगीन आरोप क्यों न लगे हो, वह कई बार जेल भी गया हो और कई सारे मामलों में उसकी जमानत जब्त हो गई हो फिर भी उसे पार्टी वाले टिकट दे देते हैं और वो लगभग चुनाव जीत जाता है l यहाँ मामला थोड़ा अलग है l हम जिस नेता की बात कर रहे हैं वह खुद एक पार्टी का संस्थापक और मुखिया है l असम में कांग्रेस पार्टी के मुख्य सहयोगी के रूप में देखे जाने वाले रायजोर दल के नेता अखिल गोगोई कई मामले में गिरफ्तार हुए हैं, जेल भी जाना पड़ा है l
अब जानते है विस्तार से l
अखिल गोगोई (Akhil Gogoi) एक भारतीय किसान नेता, राजनीतिज्ञ और असम विधानसभा के सिबसागर से 2021 से सांसद हैं। वे 2020 से रायजोर दल के संस्थापक और अध्यक्ष भी हैं। वर्षों से उन्होंने राज्य में देश विरोधी कई आंदोलनों का नेतृत्व किया है। अप्रैल 2010 में, असम सरकार ने आरोप लगाया गया कि अखिल गोगोई के सीपीआई-माओवादी से घनिष्ठ संबंध थे l अखिल गोगोई पर दो यूएपीए मामले दर्ज किए गए और राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) को जांच सौंपी गई। एनआईए ने आरोप लगाया कि राज्य में नागरिकता संशोधन अधिनियम के विरोध प्रदर्शनों में माओवादी साजिश रचने का शक है l
साल 2019 में भारत सरकार द्वारा नागरिकता संशोधन कानून बिल पारित किया गया था और इस बिल का विरोध पूरे देश में हो रहा था l पूर्वोत्तर में और ख़ास तौर पर असम में इस बिल के खिलाफ आंदोलन तेज था और उसकी अगुवाई अखिल गोगोई कर रहे थे l National Investigation Agency और असम पुलिस ने अखिल गोगोई पर हिंसा भड़काने और उग्रवादी संगठन से सम्बन्ध होने के शक में l इन आरोपों के आधार पर UAPA (Unlawful Activities Prevention Act) लगाया गया, क्यों की यह कानून “आतंकवादी गतिविधियों” और राष्ट्र विरोधी कार्यों से जुड़ा है l सरकार ने उन पर UAPA (Unlawful Activities Prevention Act) इसलिए लगाया क्योंकि उनके आन्दोलन को हिंसक और माहौल बिगाड़ने वाला बताया गया, लेकिन अदालत में ये आरोप पूरी तरह साबित नहीं हो पाए l
एक रिपोर्ट के अनुसार 1 जुलाई 2021 को, एनआईए न्यायालय ने अखिल गोगोई को सभी आरोपों से बरी कर दिया और 567 दिनों की कैद के बाद दोनों यूएपीए मामलों को रद्द कर दिया। जेल से, अखिल गोगोई ने 2 अक्टूबर 2020 को अपना खुद का राजनीतिक दल रायजोर दल लॉन्च किया। अखिल गोगोई ने असम विधानसभा चुनाव 2021 में शिवसागर निर्वाचन क्षेत्र से जीत हासिल की । उन्हें कुल 124219 वोटों में से 57219 वोट मिले और उन्होंने भाजपा की निकटतम उम्मीदवार सुरभि राजकोनवारी को 11,875 वोटों के अंतर से हराया।
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