अजित पवार ही नहीं, बल्कि भारत के ये 7 बड़े नेता भी विमान हादसे में गंवा चुके जान wikimedia
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अजित पवार ही नहीं, बल्कि भारत के ये 7 बड़े नेता भी विमान हादसे में गंवा चुके जान

महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम अजित पवार नहीं रहे। विमान हादसे ने महाराष्ट्र के एक कद्दावर नेता को भारतीय राजनीति से छीन लिया।

Author : Pradeep Yadav
Reviewed By : Mayank Kumar

  • अजित पवार की विमान हादसे में मृत्यु

  • भारतीय राजनीति में शोक की लहर

  • पूर्व के घटनाओं की याद ताज़ा हुई

महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम अजित पवार नहीं रहे। विमान हादसे ने महाराष्ट्र के एक कद्दावर नेता को भारतीय राजनीति से छीन लिया। अजित पवार ने अपने चाचा शरद पवार की छत्र-छाया में राजनीति की शुरुआत की थी। अजित पवार महाराष्ट्र की राजनीति को अलविदा कह गए। समर्थकों के बीच शोक की लहर फ़ैल गयी है। 

बता दें कि अजित पवार (Ajit Pawar) को उनके समर्थकों और महाराष्ट्र की राजनीति में दादा बोलकर सम्बोधित किया जाता था। समर्थकों द्वारा सम्मान में दादा की संज्ञा प्राप्त अजित पवार पहली बार 1991 में महारष्ट्र के बारामती लोकसभा सीट से सांसद चुने गए थे। यही बारामती अजित पवार की राजनीतिक कर्मभूमि बन गई और उन्होंने लगातार 1999, 2004, 2009, 2014 और 2019 और विधानसभा चुनाव जीतकर बारामती पर अपने नाम का निशान बनाया। अजित पवार के राजनीति के साथ जिन्दगी भी इस तरीके से हादसे का शिकार हो जाएगी यह किसी को भी उम्मीद नहीं थी। पवार के जाने के बाद परिवार सदमें में है। तमाम राजनीतिक हस्तियों ने अपने अपने शोक संवेदना व्यक्त की हैं। 

राष्ट्रपति द्रोपदी मुर्मू  ने शोक संवेदना व्यक्त करते हुए कहा है,  “महाराष्ट्र के बारामती में एक विमान दुर्घटना में महाराष्ट्र के उप मुख्यमंत्री, श्री अजित पवार समेत कई लोगों की मृत्यु का समाचार अत्यंत दुखद है। अजित पवार जी का असामयिक निधन एक अपूरणीय क्षति है। उन्हें महाराष्ट्र के विकास में, विशेषकर सहकारी क्षेत्र में, विशेष योगदान के लिए सदैव याद रखा जाएगा। मैं उनके परिवार, समर्थकों एवं प्रशंसकों के प्रति गहन शोक-संवेदना व्यक्त करती हूं। ईश्वर इस दुर्घटना में मारे गए अन्य सभी लोगों के परिवारों को भी इस आघात को सहन करने की शक्ति प्रदान करें।”

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) ने भी शोक संवेदना व्यक्त करते हुए कहा है, 'अजित पवार जनता के नेता थे, जिनका जमीनी स्तर पर मजबूत जुड़ाव था. महाराष्ट्र के लोगों की सेवा करने में सबसे आगे रहने वाले एक मेहनती व्यक्तित्व के तौर पर उनका बहुत सम्मान किया जाता था. प्रशासनिक मामलों की उनकी समझ, गरीबों और वंचितों को सशक्त बनाने का उनका जुनून भी काबिले तारीफ था. उनका असमय निधन बहुत चौंकाने वाला और दुखद है. उनके परिवार और अनगिनत प्रशंसकों के प्रति संवेदनाएं. ओम शांति.'

लोक सभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गाँधी ने कहा है , "महाराष्ट्र के उप मुख्यमंत्री श्री अजित पवार जी और उनके सहयात्रियों की आज हवाई जहाज दुर्घटना में निधन का समाचार अत्यंत पीड़ादायक है। इस शोक के पल में महाराष्ट्र की जनता के साथ हूं। समस्त पवार परिवार और प्रियजनों को इस दुख की घड़ी में अपनी संवेदनाएं व्यक्त करता हूं।

लोकसभा सांसद और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने कहा , "महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम श्री अजीत पवार जी का विमान दुर्घटना में निधन, अत्यंत दुःखद ! ईश्वर उनकी आत्मा को शांति दें। शोक संतप्त परिजनों के प्रति गहरी संवेदनाएं। भावभीनी श्रद्धांजलि !"

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पहले भी ऐसे हादसे हुए और प्रख्यात हस्तियों की चली गयी जान 

अजित पवार की विमान हादसे में हुई मौत ने अतीत के प्रमुख हस्तियों की मृत्यु को एक बार फिर स्मरण कराया है। बता दें अजीत पवार से पहले भारत के मुख्यमंत्रियों सहित पूर्व प्रधानमंत्री के पुत्र भी विमान हादसे का शिकार हुए है और उनकी जान चली गई। 

बलवंत राय मेहता (Balwantrai Mehta) : बलवंत राय मेहता गुजरात के पूर्व मुख्यमंत्री थे। साल 1965 में विमान से उड़ान कच्छ के रण इलाके में किया। पाकिस्तान ने उनके विमान को मार गिराया था। इस हादसे में बलवंत राय मेहता के साथ उनकी धर्मपत्नी सरोजबेन मेहता ,कर्मचारी ,दो चालक सहित एक पत्रकार की मौत हो गई थी। 

संजय गाँधी (Sanjay Gandhi) : संजय गाँधी पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गाँधी (Indira Gandhi) के पुत्र थे। संजय गाँधी को विमान उड़ने का बहुत शौक था। एक दिन सुबह के वक्त संजय गाँधी ने उड़ान भरी थी कि विमान अनियंत्रित हो गया जिससे संजय गाँधी विमान हादसे का शिकार हुए और 23 जून 1980 उनकी मृत्यु हो गई थी। संजय गाँधी की पत्नी मेनका गाँधी हैं जो पूर्व में  भाजपा से सुल्तानपुर से सांसद रह चुकी हैं। वहीं उनके पुत्र वरुण गाँधी हैं जो पीलीभीत उत्तर प्रदेश भाजपा से सांसद रह चुके हैं। 

माधवराव सिंधिया (Madhavrao Scindia) : माधव राव सिंधिया कांग्रेस के प्रमुख नेताओं में से एक गिने जाते थे। कांग्रेस की एक रैली उत्तर प्रदेश कानपुर में आयोजित थी। इसी रैली को सम्बोधित करने के लिए माधव राव सिंधिया विमान से जा रहे थे तभी अचानक 30 सितंबर 2001 विमान हादसे में उनकी मौत खबर सुनाई पड़ती है। माधव राव सिंधिया के पुत्र ज्योतिरादित्य सिंधिया फ़िलहाल भाजपा में है जो कि केंद्रीय संचार मंत्री हैं। 

वाई राजशेखर रेड्डी (Y.Rajashekhara Reddy) : वाई राजशेखर रेड्डी आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री थे। साल 2009 में विमान हादसे में इनकी भी मृत्यु हो गई थी। 

विजय रुपाणी (Vijay Rupani) : 12 जून 2025 को अहमदाबाद में विमान हादसे में विजय रुपाणी की मृत्यु हो गई। विजय रुपाणी भी गुजरात के पूर्व मुख्यमंत्री थे। 

डोरजी खांडू (Dorjee Khandu) : अरुणाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री रहे डोरजी खांडू का निधन भी विमान हादसे में हुआ था। साल 2011 में खांडू की मृत्यु ईटानगर जाते वक़्त रास्ते में विमान हादसे में हुई थी। 

जी.एम.सी. बालयोगी(Ganti Mohana Chandra Balayogi):  गंती मोहना चंद्र बालयोगी  लोकसभा के स्पीकर थे। साल 2002 में बालयोगी का निधन आंध्र प्रदेश जाते वक़्त विमान हादसे में हो गया। 

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