पटना, 5 मार्च (आईएएनएस)। बिहार में इन दिनों पुलिस महकमा के डॉग स्क्वायड (श्वान दस्ता) को सुदृढ़ करने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। हाल ही में इस दस्ते में 30 प्रशिक्षित श्वानों को शामिल किया गया है, जिससे वर्तमान में दस्ते में श्वानों की संख्या बढ़कर 96 हो गई है। इस दस्ते में 200 स्वीकृत पद हैं, जिसमें 96 प्रशिक्षित श्वान मौजूद हैं।
आगामी वर्ष तक 50 नए श्वानों को इस दस्ते में जोड़ने की योजना है। सीआईडी के अधीन आने वाले इस दस्ते में शामिल श्वानों को वर्तमान में दरभंगा एवं पूर्णिया स्थित हवाईअड्डा के अलावा पटना मेट्रो स्टेशनों की सुरक्षा व्यवस्था में तैनात किया गया है। इन सभी स्थानों पर दो-दो श्वानों की तैनाती है।
पटना में वीआईपी चेकिंग जैसे अतिमहत्वपूर्ण कार्यों के लिए आठ श्वान को अलग से रखा गया है। डॉग स्क्वायड में प्रशिक्षित श्वानों की संख्या को बढ़ाकर वर्ष 2027 तक 150 करने की योजना है। इसे लेकर सीआईडी के स्तर पर कवायद तेजी से चल रही है। इस वर्ष जून-जुलाई में 50 नए श्वान की खरीद की प्रक्रिया पूरी करके इन्हें हर तरह से प्रशिक्षित करने के लिए तेलंगाना की राजधानी हैदराबाद के पास मौजूद मोइनाबाद स्थित आईआईटीए (इंटीग्रेटेड इंटेलिजेंस ट्रेनिंग एकेडमी) में प्रशिक्षण दिलाया जाएगा।
सीआईडी के अपर पुलिस महानिदेशक पारसनाथ ने बताया कि हाल में विशेष तौर से प्रशिक्षित 30 नए श्वानों को डॉग स्क्वायड में शामिल किया गया है। अगले वर्ष तक श्वान दस्ते में इनकी संख्या 150 तक करने की योजना है। इस पर तेजी से कार्य किया जा रहा है। सभी श्वानों को खासतौर से मोइनाबाद स्थित ट्रेनिंग सेंटर में प्रशिक्षित करने के बाद ही दस्ते में शामिल किया जाता है। अच्छे नस्ल के श्वानों की खरीद करने को लेकर प्रक्रिया चल रही है।
करीब एक वर्ष का विशेष प्रशिक्षण देने के बाद सभी श्वान बिहार पुलिस के श्वान दस्ते में शामिल किए जाएंगे। यानी अगले वर्ष जुलाई-अगस्त तक उनके शामिल होने की संभावना है। श्वान की जिन प्रजातियों को शामिल किया जाता है, उनमें एलसीसी, जर्मन शेफर्ड और लैब्राडोर मुख्य रूप से हैं।
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