नई दिल्ली, 8 मार्च (आईएएनएस)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 9 मार्च 2026 को सुबह 10:15 बजे वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से 'सबका साथ सबका विकास-फुलफिलिंग एस्पिरेशन ऑफ पीपल' विषय पर आयोजित बजट के बाद के वेबिनार को संबोधित करेंगे।
इस विषय के अंतर्गत, शिक्षा एवं कौशल विकास, स्वास्थ्य एवं आयुष, पर्यटन एवं आतिथ्य सत्कार सहित विभिन्न क्षेत्रों में अनेक सत्र आयोजित किए जाएंगे। इन सत्रों में शिक्षा से रोजगार के मार्ग को सुदृढ़ करने, एनिमेशन, विजुअल इफेक्ट्स, गेमिंग और कॉमिक्स (एवीजीसी) कंटेंट क्रिएटर लैब विकसित करने, संबद्ध स्वास्थ्य पेशेवरों और देखभालकर्ताओं के प्रशिक्षण का विस्तार करने, क्षेत्रीय चिकित्सा केंद्रों और नए आयुष संस्थानों की स्थापना करने जैसी पहलों के साथ-साथ आतिथ्य कौशल विकास, सतत पर्यटन मार्ग, उत्तर-पूर्वी क्षेत्र में बौद्ध सर्किट और विरासत पर्यटन संवर्धन जैसी पर्यटन पहलों पर चर्चा की जाएगी।
बजट के बाद आयोजित होने वाला वेबिनार सरकार, उद्योग जगत और संबंधित क्षेत्र के विशेषज्ञों के बीच सहयोगात्मक चर्चा के लिए एक मंच प्रदान करेगा, ताकि बजट में उल्लिखित नीतिगत दृष्टिकोण को व्यावहारिक रणनीतियों में परिवर्तित किया जा सके। इन चर्चाओं से व्यावहारिक सुझाव प्राप्त होने की उम्मीद है, जो प्रभावी कार्यान्वयन को सुगम बनाएंगे और समावेशी विकास की दिशा में प्रगति को गति प्रदान करेंगे।
इससे पहले प्रधानमंत्री मोदी ने 3 मार्च को बजट के बाद 'स्टेनिंग एंड स्ट्रेंथनिंग इकोनॉमिक ग्रोथ' विषय पर आयोजित एक वेबिनार को संबोधित किया था। इस दौरान उन्होंने कहा कि गत सप्ताह बजट वेबिनार सीरीज के पहले वेबिनार का आयोजन हुआ और मुझे ऐसा बताया गया कि वो बहुत सफल रहा। और बजट प्रावधानों के कार्यान्वयन को लेकर हर किसी ने काफी उत्तम सुझाव दिए। मैं सबकी सक्रिय भागीदारी का स्वागत करता हूं।
उन्होंने कहा कि हमारी दिशा स्पष्ट है, हमारा संकल्प स्पष्ट है। अधिक निर्माण करें, अधिक उत्पादन करें, अधिक कनेक्ट करें, और अब अधिक निर्यात की आवश्यकता है। हमारी दिशा स्पष्ट है। हमारा संकल्प स्पष्ट है। अधिक निर्माण करें, अधिक उत्पादन करें, अधिक संपर्क स्थापित करें, और अब अधिक निर्यात की आवश्यकता है।
पीएम मोदी ने कहा कि आज दुनिया विश्वसनीय और लचीले विनिर्माण भागीदारों की तलाश में है। भारत के पास यह अवसर है कि वह इसमें भूमिका निभाए। आज दुनिया विश्वसनीय और टिकाऊ विनिर्माण साझेदारों की तलाश में है। भारत के पास इस भूमिका को निभाने का एक मजबूत अवसर है।
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