अमरावती, 5 मार्च (आईएएनएस)। आंध्र प्रदेश पुलिस ने पूर्व सांसद के रघु रामकृष्ण राजू, जो अब आंध्र प्रदेश विधानसभा के डिप्टी स्पीकर हैं, को कथित तौर पर हिरासत में टॉर्चर करने के मामले में गुरुवार को बिहार कैडर के आईपीएस अधिकारी एम सुनील कुमार नाइक से करीब सात घंटे तक पूछताछ की।
बिहार फायर सर्विसेज के डायरेक्टर सुनील कुमार नाइक से विजयनगरम के पुलिस सुपरिटेंडेंट एआर दामोदर ने पूछताछ की, जो इस केस के इन्वेस्टिगेशन ऑफिसर हैं। उन्होंने गुंटूर के सेंट्रल क्राइम स्टेशन में उनसे पूछताछ की।
सुनील नाइक शुक्रवार को फिर से इन्वेस्टिगेशन ऑफिसर के सामने पेश होंगे।
आंध्र प्रदेश हाई कोर्ट के निर्देश के अनुसार, उन्हें 5 मार्च से 9 मार्च तक हर दिन पुलिस के सामने पेश होना है। हाई कोर्ट ने अंतरिम प्रोटेक्शन देते हुए उन्हें इन्वेस्टिगेशन ऑफिसर के सामने पेश होने का निर्देश दिया था।
23 फरवरी को पटना में आंध्र प्रदेश पुलिस ने सुनील नाइक को गिरफ्तार किया था, क्योंकि नोटिस जारी होने के बावजूद वह पूछताछ के लिए पेश नहीं हो रहे थे। हालांकि, पटना की एक कोर्ट ने उनके ट्रांजिट वारंट के लिए पुलिस की अर्जी खारिज कर दी थी। इसके बाद, पुलिस ने गुंटूर की एक कोर्ट से संपर्क किया, जिसने 26 फरवरी को अरेस्ट वारंट जारी किया।
इसके बाद आईपीएस अधिकारी ने एंटीसिपेटरी बेल के लिए हाई कोर्ट में अर्जी दी थी। उनके वकील ने दलील दी कि उनके खिलाफ केस पॉलिटिक्स से मोटिवेटेड है।
कोर्ट को बताया गया कि सुनील नाइक का नाम एफआईआर में नहीं है और पिटीशनर ने राजू को सिर्फ हैदराबाद में एक केस के सिलसिले में गिरफ्तार किया था और उसे गुंटूर शिफ्ट कर दिया था। उन्होंने उस समय के सांसद को कथित तौर पर कस्टोडियल टॉर्चर में शामिल होने से इनकार किया।
जस्टिस वेंकट ज्योतिर्मयी प्रताप ने आईपीएस अधिकारी को 5 मार्च या उससे पहले और 9 मार्च को अगली सुनवाई तक इन्वेस्टिगेशन ऑफिसर के सामने पेश होने का निर्देश दिया।
रघुराम कृष्ण राजू को कथित तौर पर 2021 में पुलिस कस्टडी में टॉर्चर किया गया था, जब वाईएसआर कांग्रेस पार्टी सत्ता में थी। राजू, जो उस समय सांसद थे, को उस समय के मुख्यमंत्री वाईएस जगन मोहन रेड्डी के खिलाफ कथित तौर पर अपमानजनक टिप्पणी करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था।
राजू 2019 में नरसापुरम से वाईएसआरसीपी के टिकट पर लोकसभा के लिए चुने गए थे, लेकिन बाद में वह बागी हो गए। उन्हें 14 मई, 2021 को हैदराबाद में उनके घर से सरकार के खिलाफ बोलने और कथित तौर पर राज्य में सांप्रदायिक अशांति भड़काने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था।
राजू 2024 के चुनावों से ठीक पहले तेलुगु देशम पार्टी (टीडीपी) में शामिल हो गए और विधानसभा के लिए चुने गए। टीडीपी के नेतृत्व वाले गठबंधन ने उन्हें डिप्टी स्पीकर बनाया।
सुनील नाइक, जो उस समय आंध्र प्रदेश क्राइम इन्वेस्टिगेशन डिपार्टमेंट (सीआईडी) के डीआईजी के तौर पर डेप्युटेशन पर काम कर रहे थे, 2024 में बिहार लौट आए।
--आईएएनएस
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