पश्चिम एशिया में जारी तनावों (West Asia conflict) के बीच पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने शनिवार को एक बड़ा फैसला लेते हुए कहा कि अब 5 किलो एलपीजी सिलेंडर खरीदने के लिए एड्रेस प्रूफ की जरूरत नहीं होगी। उपभोक्ता केवल वैध पहचान पत्र (आईडी) दिखाकर इसे नजदीकी डिस्ट्रीब्यूटर से खरीद सकते हैं।
सरकार ने कहा कि पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज (Strait of Hormuz) के बंद होने से वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति पर असर पड़ने की आशंकाओं के बीच देश में ईंधन और ऊर्जा की उपलब्धता बनाए रखने के लिए व्यापक कदम उठाए जा रहे हैं।
मंत्रालय ने कहा, "5 किलो एफटीएल (फ्री ट्रेड एलपीजी) एलपीजी सिलेंडर नजदीकी डिस्ट्रीब्यूटर पर उपलब्ध हैं और इन्हें किसी भी वैध आईडी दिखाकर खरीदा जा सकता है। इसके लिए एड्रेस प्रूफ जरूरी नहीं है।"
अधिकारियों के अनुसार, यह फैसला खासतौर पर प्रवासी मजदूरों (migrant workers) और उन लोगों के लिए लिया गया है, जिनके पास स्थानीय पते के दस्तावेज नहीं होते ताकि उन्हें खाना पकाने के लिए गैस आसानी से मिल सके।
23 मार्च से अब तक ऐसे करीब 5.7 लाख सिलेंडर बेचे जा चुके हैं, जिसमें हाल ही में एक दिन में 71,000 से ज्यादा सिलेंडर की बिक्री हुई है।
मंत्रालय ने यह भी स्पष्ट किया कि देश में पेट्रोल, डीजल और एलपीजी की कोई कमी नहीं है और लोगों से अपील की है कि वे घबराहट में खरीदारी न करें।
सरकार ने बताया कि सभी पेट्रोल पंप (petrol pump) सामान्य रूप से काम कर रहे हैं और देश भर में पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है, हालांकि कुछ जगहों पर अफवाहों के कारण भीड़ देखने को मिली है।
सप्लाई को स्थिर बनाए रखने के लिए सरकार ने घरेलू एलपीजी (lpg cylinder distribution) उत्पादन बढ़ाया है, रिफाइनरियों को पूरी क्षमता पर चलाया जा रहा है और घरेलू उपभोक्ताओं, अस्पतालों और जरूरी सेवाओं के लिए ईंधन की आपूर्ति को प्राथमिकता दी जा रही है।
इसके साथ ही मांग को नियंत्रित करने के लिए भी कई कदम उठाए गए हैं, जैसे एलपीजी बुकिंग साइकिल बढ़ाना और पीएनजी, केरोसिन व इलेक्ट्रिक कुकिंग जैसे विकल्पों को बढ़ावा देना।
मंत्रालय ने बताया कि राज्यों को घरेलू और कमर्शियल उपभोक्ताओं के लिए नए पीएनजी कनेक्शन देने में तेजी लाने के निर्देश दिए गए हैं।
सरकार ने जमाखोरी और कालाबाजारी (blackmarketing) पर रोक लगाने के लिए निगरानी भी बढ़ा दी है। हाल ही में 3,700 से ज्यादा छापे मारे गए हैं और गड़बड़ी करने वाले एलपीजी डिस्ट्रीब्यूटर्स के खिलाफ सख्त कार्रवाई करते हुए उनके लाइसेंस सस्पेंड किए गए हैं।
अधिकारियों ने बताया कि राज्यों को आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत कार्रवाई करने के अधिकार दिए गए हैं और उन्हें नियमित जांच और जनसंपर्क गतिविधियां करने के लिए कहा गया है।
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(यह रिपोर्ट IANS न्यूज़ एजेंसी से स्वचालित रूप से ली गई है। न्यूज़ग्राम इस कंटेंट की कोई ज़िम्मेदारी नहीं लेता।)