भारत की सबसे शाही और लग्ज़री ट्रेनों में से एक पैलेस ऑन व्हील्स (Palace on Wheels) सच में “चलता-फिरता महल” कहलाती है। इसकी शुरुआत भारतीय रेल (Indian Railways) और राजस्थान पर्यटन विकास निगम (Rajasthan Tourism Development Corporation) ने मिलकर की थी, ताकि पर्यटकों को राजस्थान की समृद्ध शाही विरासत का अनुभव एक अनोखे अंदाज़ में कराया जा सके। इस ट्रेन का डिजाइन पुराने राजाओं-महाराजाओं के शाही डिब्बों से प्रेरित है, जिसमें कदम रखते ही रॉयल फील आने लगता है।
यह ट्रेन सिर्फ एक जगह से दूसरी जगह जाने का साधन नहीं, बल्कि एक लग्ज़री अनुभव है। यहां यात्रियों को राजा-महाराजाओं जैसी सुविधाएं मिलती हैं जैसे शानदार सुइट्स, रॉयल डाइनिंग, पर्सनल अटेंडेंट और बेहतरीन हॉस्पिटैलिटी। “पैलेस ऑन व्हील्स” (Palace on Wheels) दिल्ली से शुरू होकर राजस्थान के प्रमुख पर्यटन स्थलों का सफर कराती है और हर पल को यादगार बना देती है।
“पैलेस ऑन व्हील्स” (Palace on Wheels) का इतिहास राजस्थान की शाही विरासत से गहराई से जुड़ा हुआ है। पहले राजपूताना के महाराजा, निज़ाम और ब्रिटिश अधिकारी जिन शाही डिब्बों में लग्ज़री सफर करते थे, उन्हीं से प्रेरणा लेकर इस ट्रेन की शुरुआत 1982 में भारतीय रेल (Indian Railways) और राजस्थान पर्यटन विकास निगम (Rajasthan Tourism Development Corporation) ने मिलकर की। आज यह ट्रेन उसी रॉयल एहसास को आधुनिक सुविधाओं के साथ जीवित रखे हुए है। इसमें 14 शानदार कोच हैं, जिनके नाम राजस्थान की पुरानी रियासतों पर रखे गए हैं, और हर कोच में लग्ज़री कमरे, अटैच बाथरूम, एसी जैसी सुविधाएं मौजूद हैं। इसके साथ ही “महाराजा” और “महारानी” जैसे रॉयल रेस्टोरेंट यात्रियों को बेहतरीन भारतीय और इंटरनेशनल खाना परोसते हैं, जबकि बार, लाउंज, स्पा और पर्सनल अटेंडेंट जैसी सुविधाएं इस सफर को सच में राजा-महाराजाओं जैसा बना देती हैं।
“पैलेस ऑन व्हील्स” (Palace on Wheels) की यात्रा दिल्ली से शुरू होकर लगभग 7 दिनों तक चलने वाला एक शाही सफर है, जिसमें हर दिन एक नया शहर और नया अनुभव आपका इंतजार करता है। यह ट्रेन जयपुर, उदयपुर, जोधपुर, जैसलमेर, बीकानेर और सवाई माधोपुर (रणथंभौर) जैसे राजस्थान के प्रमुख पर्यटन स्थलों के साथ-साथ आगरा (Agra) भी जाती है, जहां यात्री ताज महल (Taj Mahal) का दीदार कर सकते हैं। इस दौरान यात्रियों के लिए हर जगह गाइडेड टूर, लोकल साइटसीइंग, सांस्कृतिक कार्यक्रम और लग्ज़री ट्रांसपोर्ट की सुविधा होती है। यह सफर सिर्फ घूमने-फिरने तक सीमित नहीं है, बल्कि एक पूरा रॉयल एक्सपीरियंस होता है, जहां हर पल को खास और यादगार बनाने की कोशिश की जाती है चाहे वो शाही स्वागत हो, ऊंट सफारी हो या फिर किले और महलों की सैर।
अब बात करें इसके किराए की, तो इस शाही ट्रेन में सफर करना जितना खास है, उतना ही प्रीमियम इसका प्राइस भी है। “पैलेस ऑन व्हील्स” (Palace on Wheels) का किराया आमतौर पर प्रति व्यक्ति लगभग 3 लाख रुपये से लेकर 7–8 लाख रुपये या उससे भी ज्यादा तक जा सकता है, जो सीजन (पीक या ऑफ-सीजन) और केबिन कैटेगरी (डीलक्स या सुपर डीलक्स) पर निर्भर करता है। इस पैकेज में यात्रियों को लग्ज़री रूम, सभी मील्स (ब्रेकफास्ट, लंच, डिनर), साइटसीइंग, एंट्री टिकट, गाइड, सांस्कृतिक कार्यक्रम और ऑनबोर्ड सुविधाएं जैसे रॉयल रेस्टोरेंट, बार, लाउंज, स्पा और पर्सनल अटेंडेंट शामिल होते हैं। यानी एक बार टिकट लेने के बाद आपको अलग से ज्यादा खर्च करने की जरूरत नहीं पड़ती और पूरा सफर एक ऑल-इंक्लूसिव रॉयल पैकेज बन जाता है, जो सच में राजा-महाराजाओं जैसी जिंदगी का अनुभव कराता है। [SP]